फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Political

पहले किया जबरन कब्जा, अब लोहिया भवन कर्मियों को धमकाया

Thu, 25 Jul 2019 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 10:48 PM IST
विज्ञापन
Political
अंबेडकरनगर। सत्ता की हनक में पहले तो बिना भुगतान किए लोहिया भवन के ऑडिटोरियम का ताला जबरन खुलवाकर सम्मेलन कर डाला। अब मामला तूल पकड़ने पर कर्मचारियों को धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप भाजपा जिलाध्यक्ष पर है कि उन्होंने मामले को तूल पकड़ाने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों को धमकाया। हालांकि, जिलाध्यक्ष का कहना है कि आयोजन के बाद उनकी किसी से कोई बात ही नहीं हुई। वहीं, यह अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने से जिले में चर्चा का विषय बना है।
विज्ञापन

नाम न छापने की शर्त पर ऐसे आचरण के विरुद्ध कई पार्टी पदाधिकारी व नेता भी सामने आए। इन लोगों ने बताया कि दो दिन तक जो कार्यक्रम जबरन लोहिया भवन में किए गए, उसके लिए तो शहजादपुर में एक होटल का सभागार पहले से ही बुक था। इसके बावजूद सिर्फ सत्ता की हनक दिखाने के लिए अंतिम समय में कार्यक्रम लोहिया भवन में कर दिया गया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि जिला मुख्यालय पर बने लोहिया भवन के अत्याधुनिक ऑडिटोरियम में भाजपा नेताओं ने 23 व 24 जुलाई को जबरन दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। नियमानुसार दो दिन का शुल्क 50 हजार रुपए होता है, लेकिन सत्ता की हनक पर बगैर शुल्क जमा किए ही जबरन ऑडिटोरियम का ताला खुलवा लिया गया। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ क्षेत्रीय महामंत्री नीरज सिंह ने किया था, जबकि प्रदेश कार्य समिति सदस्य पुष्कर मिश्र, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रामनिहाल निषाद आदि भी सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे। इन वरिष्ठ नेताओं ने भी यह जानने की कोशिश नहीं किया कि ऑडिटोरियम में आयोजन कैसे व किन परिस्थितियों में हो रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जबरन कार्यक्रम किए जाने को लेकर अमर उजाला ने एक दिन पहले कंट्रोलर एके सिंह से वार्ता की तो उन्होंने जिलाध्यक्ष कपिलदेव वर्मा का फोन आने की जानकारी देते हुए बताया था कि बिना शुल्क जमा किए लोहिया भवन देने से इंकार कर दिया था। इसके बावजूद कार्यक्रम करने को उन्होंने मनमानी करार दिया था।
इस बीच मामले के तूल पकड़ते ही लोहिया भवन के कर्मचारियों को धमकाने का मामला सामने आया है। बताया गया कि मामले के सार्वजनिक हो जाने से नाराज कुछ भाजपा नेताओं ने लोहिया भवन पहुंचकर वहां मौजूद कर्मचारियों को धमकाया। उस समय वहां कंट्रोलर मौजूद नहीं थे। बुधवार को जब कंट्रोलर लोहिया भवन पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें इस नये घटना क्रम की भी जानकारी दी। हालांकि, कर्मचारियों ने कोई वैधानिक कार्रवाई करने पर जोर नहीं दिया।
सत्ता के रौब में जबरन लोहिया भवन में कार्यक्रम करने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की तो पूरे जिले में इसकी बढ़-चढ़कर चर्चा रही। इस बीच जबरन कब्जे के रवैये से आहत कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता भी नाम न छापने की शर्त पर सामने आए। उन्होंने बताया कि 25 हजामर रुपए लोहिया भवन का शुल्क होने के चलते आपसी चंदे के आधार पर शहजादपुर के एक होटल का सभागार आयोजन के लिए तय हो गया था। उसका किराया महज 10 हजार रुपए था। कई जिम्मेदार पदाधिकारी इसके लिए तैयार भी थे। इसके बावजूद सिर्फ सत्ता की हनक दिखाने के लिए अंतिम क्षणों में होटल के सभागार की बजाए लोहिया भवन में जाकर कार्यक्रम करा दिया गया।
किसी कर्मचारी या अन्य को धमकाने की बात पूरी तरह मनगढ़ंत है। कार्यक्रम के बाद न तो मैं लोहिया भवन गया और न ही फोन पर किसी से बात की। किसी को धमकाने या डराने की क्या जरूरत है।
कपिलदेव वर्मा, जिलाध्यक्ष
मुझे तो इस मामले के तूल पकड़ने के बाद किसी ने कोई फोन नहीं किया, लेकिन गुरुवार को लोहिया भवन पहुंचा तो कर्मचारियों ने जरूर बताया कि उन्हें कई तरह की बातें सुनाई गईं। कर्मचारियों ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष आए थे।

एके सिंह, कंट्रोलर लोहिया भवन
लोहिया भवन आवंटन में नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि मामले में किसी तरह की कोई गड़बड़ न होने पाए। किसी कर्मचारी को धमकी जैसी बात सामने नहीं आई है। यदि कोई कर्मचारी ऐसी शिकायत करता है तो संज्ञान लिया जाएगा।
-अमरनाथ राय, एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed