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Ambedkar Nagar News: अजय की मौत के मामले में पुलिस ने लगाई फाइनल रिपोर्ट
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अंबेडकरनगर। महरुआ क्षेत्र के अतरौरा निवासी अजय कुमार की जेल में हुई मौत के मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। पुलिस ने विवेचना में आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला दिया है। सीजेएम कोर्ट में निगरानी याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि 12 अक्तूबर को अंतिम रिपोर्ट तैयार कर पर्यवेक्षण के लिए सीओ भीटी कार्यालय भेज दी गई है।
अजय की मां शिवकुमारी ने बेटे की मौत को हत्या बताते हुए 20 अप्रैल 2025 को न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें अनिल कुमार निवासी चपरा महमदपुर, महरुआ के तत्कालीन थानाध्यक्ष, एसडीएम भीटी और जेल अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया गया था।
शिवकुमारी के अनुसार, 28 मार्च 2025 की रात अजय और अनिल के बीच कहासुनी हुई थी। अगले दिन अनिल ने कथित तौर पर इसका ऑडियो वायरल कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने 29 मार्च को अजय को गिरफ्तार कर एसडीएम भीटी की अदालत में पेश किया था। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां 30 मार्च की रात उसकी मौत हो गई।
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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर फरवरी 2026 में महरुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद शिवकुमारी ने सीजेएम कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। आठ अक्तूबर को अदालत ने पुलिस डायरी तलब की थी। शनिवार को इंस्पेक्टर भीटी केबी सिंह की ओर से दाखिल जवाब में बताया गया कि विवेचना के दौरान वादिनी और गवाहों के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, पंचायतनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की गई। चिकित्सकों समेत अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस के मुताबिक, जेल कर्मियों के संबंध में डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय की जांच में भी लापरवाही या दोष सामने नहीं आया। इसी आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की गई है।
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अजय की मां शिवकुमारी ने बेटे की मौत को हत्या बताते हुए 20 अप्रैल 2025 को न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें अनिल कुमार निवासी चपरा महमदपुर, महरुआ के तत्कालीन थानाध्यक्ष, एसडीएम भीटी और जेल अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया गया था।
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शिवकुमारी के अनुसार, 28 मार्च 2025 की रात अजय और अनिल के बीच कहासुनी हुई थी। अगले दिन अनिल ने कथित तौर पर इसका ऑडियो वायरल कर दिया। इसी आधार पर पुलिस ने 29 मार्च को अजय को गिरफ्तार कर एसडीएम भीटी की अदालत में पेश किया था। जमानत याचिका खारिज होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां 30 मार्च की रात उसकी मौत हो गई।
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कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर फरवरी 2026 में महरुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद शिवकुमारी ने सीजेएम कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। आठ अक्तूबर को अदालत ने पुलिस डायरी तलब की थी। शनिवार को इंस्पेक्टर भीटी केबी सिंह की ओर से दाखिल जवाब में बताया गया कि विवेचना के दौरान वादिनी और गवाहों के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, पंचायतनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की गई। चिकित्सकों समेत अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस के मुताबिक, जेल कर्मियों के संबंध में डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय की जांच में भी लापरवाही या दोष सामने नहीं आया। इसी आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की गई है।