{"_id":"60e497848ebc3e06a72ca961","slug":"no-water-in-minor-how-to-do-farming-ambedkar-nagar-news-lko5857713140","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर में नहीं पानी, कैसे हो खेती-किसानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर में नहीं पानी, कैसे हो खेती-किसानी
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। धान रोपाई का दौर चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी माइनर में पानी पहुंचाने की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। रगड़गंज माइनर में पानी न होने से संबंधित क्षेत्र के किसानों को धान की रोपाई करने में समस्या हो रही है। किसानों ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से माइनर की साफ सफाई कराने व उसमें पानी डाले जाने की मांग जिम्मेदारों से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली जा सकी है। इसका खामियाजा सिंचाई के लिए माइनर के पानी पर निर्भर किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
मौजदा समय में धान की रोपाई का काम तेजी से जिले में चल रहा है। रोपाई के लिए खेत को तैयार किया जा रहा है। बारिश न होने के चलते सिंचाई के लिए किसानों को वैकल्पिक माध्यम का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा जिन किसानों के खेत नहर या फिर माइनर के किनारे है, वे संबंधित नहर, माइनर के पानी से सिंचाई करते हैं। जो किसान माइनर के पानी पर सिंचाई के लिए निर्भर हैं, उन्हें मौजूदा समय में विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से संघर्ष करना पड़ रहा है। जिन माइनरों में अब तक पानी नहीं पहुंच सका है, उसमें प्रमुख माइनर है रगड़गंज माइनर।
इस माइनर की समुचित साफ सफाई न होने से अब तक माइनर में पानी नहीं पहुंच सका है। किसानों का कहना है कि माइनर की साफ सफाई कराने व उसमें पानी डाले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। नतीजा यह है कि माइनर में पानी न होने से किसानों को धान रोपाई के लिए खेत तैयार करने में वैकल्पिक माध्यम का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें उन्हें आर्थिक चपत भी लग रही है। एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि माइनर की साफ सफाई कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही समुचित सफाई के बाद पानी छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौजदा समय में धान की रोपाई का काम तेजी से जिले में चल रहा है। रोपाई के लिए खेत को तैयार किया जा रहा है। बारिश न होने के चलते सिंचाई के लिए किसानों को वैकल्पिक माध्यम का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा जिन किसानों के खेत नहर या फिर माइनर के किनारे है, वे संबंधित नहर, माइनर के पानी से सिंचाई करते हैं। जो किसान माइनर के पानी पर सिंचाई के लिए निर्भर हैं, उन्हें मौजूदा समय में विभिन्न प्रकार की मुश्किलों से संघर्ष करना पड़ रहा है। जिन माइनरों में अब तक पानी नहीं पहुंच सका है, उसमें प्रमुख माइनर है रगड़गंज माइनर।
विज्ञापन
इस माइनर की समुचित साफ सफाई न होने से अब तक माइनर में पानी नहीं पहुंच सका है। किसानों का कहना है कि माइनर की साफ सफाई कराने व उसमें पानी डाले जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। नतीजा यह है कि माइनर में पानी न होने से किसानों को धान रोपाई के लिए खेत तैयार करने में वैकल्पिक माध्यम का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें उन्हें आर्थिक चपत भी लग रही है। एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि माइनर की साफ सफाई कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही समुचित सफाई के बाद पानी छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन