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Ambedkar Nagar News: एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से गांवों में इलाज मुश्किल
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कटेहरी सीएचसी में जांच केंद्र पर लगा ताला। संवाद
अंबेडकरनगर। नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। करीब एक हजार संविदा कर्मियों के आंदोलन पर रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कहीं, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके हैं, तो कहीं केंद्र खुलने के बावजूद मरीजों को न चिकित्सक मिल रहे हैं और न दवाएं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जांच सेवाएं प्रभावित हैं। बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल में अव्यवस्थाओं की स्थिति सामने आई। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और टीकाकरण कराने में हो रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
आरोग्य मंदिर खुला, डॉक्टर गायब
पुरसांवा, सुबह 11:55 बजे अकबरपुर सीएचसी के अधीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरसांवा का भवन खुला था, लेकिन वहां मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक मौजूद नहीं थे। दवा वितरण भी बंद था। ऐसे में केंद्र पर पहुंचे मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर यहां प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों के आने की बात बताई गई। अब उन्हें उपचार के लिए मीरानपुर सीएचसी जाना पड़ रहा है। बनगांव निवासी राहुल सर्दी-बुखार की दवा लेने केंद्र पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि चिकित्सक के नहीं मिलने से उन्हें दवा नहीं मिल सकी।
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आरोग्य मंदिर व टीकाकरण केंद्र पर लटका ताला
मरथुआ सरैया, दोपहर 12:15 बजे कटेहरी क्षेत्र के मरथुआ सरैया गांव में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर बुधवार को ताला लटका मिला। केंद्र पर न सीएचओ मौजूद थे और न ही कोई अन्य कर्मचारी। पास में बना टीकाकरण केंद्र भी बंद था। इससे गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। गांव की निशा ने बताया कि वह गर्भवती हैं और नियमित जांच के लिए केंद्र आती हैं। कर्मचारियों की हड़ताल शुरू होने के बाद से उन्हें जांच कराने में परेशानी हो रही है।
ब्लड, शुगर और बीपी की जांच प्रभावित
कटेहरी, दोपहर 12:05 बजे। संविदा कर्मियों की हड़ताल का असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी दिखा। यहां ब्लड, शुगर और बीपी की जांचें प्रभावित रहीं। जांच कराने पहुंचे मरीजों को बिना जांच के ही उपचार कराना पड़ रहा है। इससे बीमारी की स्थिति का पता लगाने और आगे का इलाज कराने में दिक्कतें हो रही हैं।
अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस
संविदा कर्मचारी लखनऊ में धरने पर डटे हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने लगातार अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं। सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि नोटिस में शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अब हड़ताल के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जांच सेवाएं प्रभावित हैं। बुधवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल में अव्यवस्थाओं की स्थिति सामने आई। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और टीकाकरण कराने में हो रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
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आरोग्य मंदिर खुला, डॉक्टर गायब
पुरसांवा, सुबह 11:55 बजे अकबरपुर सीएचसी के अधीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरसांवा का भवन खुला था, लेकिन वहां मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक मौजूद नहीं थे। दवा वितरण भी बंद था। ऐसे में केंद्र पर पहुंचे मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर यहां प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों के आने की बात बताई गई। अब उन्हें उपचार के लिए मीरानपुर सीएचसी जाना पड़ रहा है। बनगांव निवासी राहुल सर्दी-बुखार की दवा लेने केंद्र पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि चिकित्सक के नहीं मिलने से उन्हें दवा नहीं मिल सकी।
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आरोग्य मंदिर व टीकाकरण केंद्र पर लटका ताला
मरथुआ सरैया, दोपहर 12:15 बजे कटेहरी क्षेत्र के मरथुआ सरैया गांव में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर बुधवार को ताला लटका मिला। केंद्र पर न सीएचओ मौजूद थे और न ही कोई अन्य कर्मचारी। पास में बना टीकाकरण केंद्र भी बंद था। इससे गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। गांव की निशा ने बताया कि वह गर्भवती हैं और नियमित जांच के लिए केंद्र आती हैं। कर्मचारियों की हड़ताल शुरू होने के बाद से उन्हें जांच कराने में परेशानी हो रही है।
ब्लड, शुगर और बीपी की जांच प्रभावित
कटेहरी, दोपहर 12:05 बजे। संविदा कर्मियों की हड़ताल का असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी दिखा। यहां ब्लड, शुगर और बीपी की जांचें प्रभावित रहीं। जांच कराने पहुंचे मरीजों को बिना जांच के ही उपचार कराना पड़ रहा है। इससे बीमारी की स्थिति का पता लगाने और आगे का इलाज कराने में दिक्कतें हो रही हैं।
अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस
संविदा कर्मचारी लखनऊ में धरने पर डटे हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने लगातार अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं। सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि नोटिस में शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अब हड़ताल के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती है।