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42वें दिन समूचे जिले में पटरी लौटती दिखी जिंदगी
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फोटो 17, अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए गोला तैयार करता दुकानद?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। लॉकडाउन के बीच ग्रीन जोन में शामिल अंबेडकरनगर जनपद में मंगलवार को 42वें दिन जिंदगी पटरी पर लौटती दिखी। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में शासन की गाइडलाइन के अनुसार ज्यादातर दुकानें खुल गईं। सब्जियों व किराना की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी, लेकिन अन्य दुकानों पर ज्यादातर सन्नाटा ही रहा। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण व लॉकडाउन के चलते अधिकतर नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले। सिर्फ जरूरी कार्य से ही नागरिक बाहर निकले।
कोरोना वॉयरस का संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से जिले में लॉकडाउन चला आ रहा है। तब से ही सभी तरह के कामकाज लगभग पूरी तरह से ठप थे। इस बीच चार मई से लॉकडाउन पार्ट थ्री लागू किए जाने के दौरान ग्रीन जोन में शामिल इलाकों में सभी तरह की दुकानें खोले जाने का निर्णय हुआ। इसका लाभ ग्रीन जोन में शामिल अंबेडकरनगर जनपद को भी मिला। प्रशासन की चूक व समय से आदेश न जारी करने के चलते चार मई को शासन के निर्देशों के अनुरूप दुकानें नहीं खुल सकीं।
हालांकि मंगलवार को जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी दुकानें खुलने का क्रम शुरू हो गया। नतीजा यह रहा कि 42वें दिन मंगलवार को जिंदगी पटरी पर लौटती दिखी। बाजारों में जहां चहल पहल बढ़ी, वहीं सड़कों पर नागरिकों का आवागमन भी पूर्व के दिनों के सापेक्ष अधिक रहा। सब्जियों व किराना की दुकानें तो पहले से ही खुल रही थीं, लेकिन कपड़े, कापी किताब, सराफा, जनरल स्टोर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक व जूता चप्पल समेत कई अन्य तरह की दुकानें लंबे समय बाद खुल गईं।
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जरूरी सामग्रियों की खरीददारी के लिए नागरिक निकले, लेकिन भीड़भाड़ से बचते दिखे। कोरोना वॉयरस के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अत्यंत जरूरी कार्य पडने पर ही नागरिक घर से बाहर निकले और जरूरी कार्य निपटाने के बाद वापस घर चले गए। इससे बाजार में चहल पहल तो रही, लेकिन पूर्व की तरह भीड़भाड़ नहीं रही। कपड़ों,व सराफा की दुकानों पर आमतौर पर सन्नाटा ही पसरा रहा।
जनरल स्टोर व किराना की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ जरूर दिखी। ज्यादातर स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की गई। तमाम अपील के बावजूद कुछ नागरिक ऐसे भी थे, जिन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था। हालांकि संबंधित दुकानदार लगातार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व मास्क लगाने की अपील करते रहे। कुछ ऐसा ही दृश्य जिले की अन्य छोटी बड़ी बाजारों में भी दिखा। इस बीच लंबे समय बाद विभिन्न मार्गों पर नागरिकों का आवागमन भी दिखा। पूर्व के दिनों के सापेक्ष सड़कों पर नागरिकों की संख्या अधिक दिखी।
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कोरोना वॉयरस का संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से जिले में लॉकडाउन चला आ रहा है। तब से ही सभी तरह के कामकाज लगभग पूरी तरह से ठप थे। इस बीच चार मई से लॉकडाउन पार्ट थ्री लागू किए जाने के दौरान ग्रीन जोन में शामिल इलाकों में सभी तरह की दुकानें खोले जाने का निर्णय हुआ। इसका लाभ ग्रीन जोन में शामिल अंबेडकरनगर जनपद को भी मिला। प्रशासन की चूक व समय से आदेश न जारी करने के चलते चार मई को शासन के निर्देशों के अनुरूप दुकानें नहीं खुल सकीं।
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हालांकि मंगलवार को जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी दुकानें खुलने का क्रम शुरू हो गया। नतीजा यह रहा कि 42वें दिन मंगलवार को जिंदगी पटरी पर लौटती दिखी। बाजारों में जहां चहल पहल बढ़ी, वहीं सड़कों पर नागरिकों का आवागमन भी पूर्व के दिनों के सापेक्ष अधिक रहा। सब्जियों व किराना की दुकानें तो पहले से ही खुल रही थीं, लेकिन कपड़े, कापी किताब, सराफा, जनरल स्टोर, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक व जूता चप्पल समेत कई अन्य तरह की दुकानें लंबे समय बाद खुल गईं।
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जरूरी सामग्रियों की खरीददारी के लिए नागरिक निकले, लेकिन भीड़भाड़ से बचते दिखे। कोरोना वॉयरस के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अत्यंत जरूरी कार्य पडने पर ही नागरिक घर से बाहर निकले और जरूरी कार्य निपटाने के बाद वापस घर चले गए। इससे बाजार में चहल पहल तो रही, लेकिन पूर्व की तरह भीड़भाड़ नहीं रही। कपड़ों,व सराफा की दुकानों पर आमतौर पर सन्नाटा ही पसरा रहा।
जनरल स्टोर व किराना की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ जरूर दिखी। ज्यादातर स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी की गई। तमाम अपील के बावजूद कुछ नागरिक ऐसे भी थे, जिन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था। हालांकि संबंधित दुकानदार लगातार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व मास्क लगाने की अपील करते रहे। कुछ ऐसा ही दृश्य जिले की अन्य छोटी बड़ी बाजारों में भी दिखा। इस बीच लंबे समय बाद विभिन्न मार्गों पर नागरिकों का आवागमन भी दिखा। पूर्व के दिनों के सापेक्ष सड़कों पर नागरिकों की संख्या अधिक दिखी।