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कोरोना की मार से रफ्तार नहीं पकड़ रही गेहूं खरीद
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अंबेडकरनगर। कोरोना वायरस व मौसम की मार का असर जिले में गेहूं खरीद कार्य पर साफ दिख रहा है। एक माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन जिले में 4 एजेंसियों के 59 क्रय केन्द्र अब तक 2 हजार 45 किसानों का महज 9 हजार 216.83 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो सकी है। ऐसे में शासन द्वारा निर्धारित 71 हजार 500 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य पूरा हो पाना आसान नहीं दिख रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अपेक्षाकृत किसान क्रय केन्द्रों पर पहुंच भी नहीं रहे हैं। जबकि बीते वर्ष इस अवधि में 12 हजार 693.54 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी।
बताते चले कि शासन के निर्देश पर बीते 1 अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद का कार्य शुरू हुआ है। इसके लिए 4 एजेंसी खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 43, कल्याण निगम के 3 व भारतीय खाद्य निगम के 1 क्रय केन्द्र गेहूं की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार शासन ने जिले को 71 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है।
गेहूं खरीद कार्य शुरु हुए 38 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक गेहूं की खरीद कार्य गति नहीं पकड़ सका है। खाद्य विभाग ने 38 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 700 किसानों का 3 हजार 448.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद किया है। पीसीएफ ने अपने निर्धारित लक्ष्य 27 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 1198 किसानों का 5 हजार 41.13 मीट्रिक टन, कर्मचारी कल्याण निगम ने 5500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 40 किसानों का 234.60 मीट्रिक टन व भारतीय खाद्य निगम ने 1 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 107 किसानों का 492.60 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। सभी एजेंसियों को मिलाकर अब तक महज 9 हजार 216.83 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
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ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग को इस बार लक्ष्य पूरा कर पाना आसान नहीं है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्ष 7 मई तक 12 हजार 793.54 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की थी। परंतु इस बार अपने पुराने आंकड़े को भी नहीं छू सका है। खरीद में सुस्ती के पीछे विभाग मौसम व कोरोना महामारी का कारण बता रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर किसान बिक्री के लिए ऑनलाइन नहीं करा सके। इसके चलते ही क्रय केन्द्रों पर किसान नहीं पहुंच रहे हैं। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद से ऑनलाइन कराने व गेहूं बिक्री में तेजी आ रही है। उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में इसमें और सुधार होगा।
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बताते चले कि शासन के निर्देश पर बीते 1 अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद का कार्य शुरू हुआ है। इसके लिए 4 एजेंसी खाद्य विभाग के 10, पीसीएफ के 43, कल्याण निगम के 3 व भारतीय खाद्य निगम के 1 क्रय केन्द्र गेहूं की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार शासन ने जिले को 71 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है।
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गेहूं खरीद कार्य शुरु हुए 38 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक गेहूं की खरीद कार्य गति नहीं पकड़ सका है। खाद्य विभाग ने 38 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 700 किसानों का 3 हजार 448.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद किया है। पीसीएफ ने अपने निर्धारित लक्ष्य 27 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 1198 किसानों का 5 हजार 41.13 मीट्रिक टन, कर्मचारी कल्याण निगम ने 5500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 40 किसानों का 234.60 मीट्रिक टन व भारतीय खाद्य निगम ने 1 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 107 किसानों का 492.60 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। सभी एजेंसियों को मिलाकर अब तक महज 9 हजार 216.83 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
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ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग को इस बार लक्ष्य पूरा कर पाना आसान नहीं है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्ष 7 मई तक 12 हजार 793.54 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की थी। परंतु इस बार अपने पुराने आंकड़े को भी नहीं छू सका है। खरीद में सुस्ती के पीछे विभाग मौसम व कोरोना महामारी का कारण बता रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर किसान बिक्री के लिए ऑनलाइन नहीं करा सके। इसके चलते ही क्रय केन्द्रों पर किसान नहीं पहुंच रहे हैं। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद से ऑनलाइन कराने व गेहूं बिक्री में तेजी आ रही है। उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में इसमें और सुधार होगा।