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चार हत्यारों को सश्रम आजीवन कारावास

Thu, 05 May 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Thu, 05 May 2016 11:37 PM IST
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life imprisonment to four killers
अदालत - फोटो : demo pic

आठ वर्ष पूर्व हुई हत्या व मारपीट  मामले में गुरुवार को अपर जिला जज द्वितीय शंकरलाल ने चार अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चारों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा गया है कि जुर्माने की आधी रकम वादी को दी जाएगी।

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जुर्माने की रकम न अदा करने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में हंसवर थाना क्षेत्र के मैनुद्दीनपुर गांव निवासी मोहम्मद हसन ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उसका पुत्र अनीस मछली पकड़ने के लिए फरीदपुर नहर पर गया था।
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वहां कुछ लोग पहले से मौजूद थे जो हमारे परिवार से रंजिश रखते थे। इसी रंजिश को लेकर दोस्त मोहम्मद पुत्र बैतुल्ला, बैतुल्लाह पुत्र शेर अली, जाहिद पुत्र हयात मोहम्मद व शाहिब पुत्र हयात मोहम्मद निवासी मैनुद्दीनपुर ने उसके पुत्र पर हमला बोल दिया। चारों लोगों ने मिलकर उसे लाठी-डंडे से खूब पीटा।
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इस दौरान उसके पुत्र के सीने पर खुरपे के नुकीले भाग से भी हमला किया गया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। उसकी गुहार पर गांव के मो. नसीम, मो. अतीक व मोहम्मद उमर आदि दौड़कर मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। तब तक उसका पुत्र काफी लहूलुहान हो चुका था।

आननफानन में उसे उपचार के लिए ले जाने का प्रबंधन किया गया लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की। मामले में सभी आरोपियों को जेल जाना पड़ा था।

 इस बीच सत्र परीक्षण के दौरान अपर जिला जज द्वितीय शंकर लाल ने मामला गंभीर पाया। वादी पक्ष की तरफ से पर्याप्त गवाह व साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए जिससे चारों आरोपियों पर दोष सिद्ध होता है।


एडीजे ने चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया। अपने आदेश में कहा कि जुर्माने की आधी रकम वादी को दी जाए। यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

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