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मनमानी के आरोप में लेखपाल को किया बर्खास्त

Mon, 18 Apr 2022 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 10:48 PM IST
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Lekhpal was dismissed on the charge of arbitrariness
आलापुर (अंबेडकरनगर)। शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने, आदेशों की अवहेलना तथा नियुक्ति प्राधिकारी के साथ गालीगलौज करने आदि के आरोप में एसडीएम आलापुर ने लेखपाल अनुज प्रताप वर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया। वह लेखपाल संघ के तहसील मंत्री के तौर पर संगठन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। लेखपाल ने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को द्वेेषपूर्ण बताते हुए कहा कि वे इसके विरुद्ध न्याय के लिए अपील करेंगे।
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बीते दिनों आलापुर तहसील में एसडीएम मोहनलाल गुप्त का घेराव करते हुए हंगामे के बाद से प्रशासन का रवैया सख्त बना हुआ है। कई तरह के गतिरोध लगातार सामने आ रहे हैं। बीते दिनों एक लेखपाल के अचानक लापता हो जाने के बाद उनकी पत्नी ने एसडीएम पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया था। इस बीच खबर यह है कि माडरमऊ के लेखपाल अनुज प्रताप वर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। तहसील प्रशासन के अनुसार कार्य में बाधा उत्पन्न करने, जिम्मेदारी का निर्वहन न करने आदि को लेकर जब लेखपाल अनुज को नोटिस दिया गया तो उनके द्वारा मनमाने ढंग से जवाब दिया गया। एसडीएम ने सेवा समाप्ति का आदेश करते हुए कहा कि लेखपाल के लिए कोई आदेश मायने नहीं रखता।
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यह भी आदेश में कहा गया कि अपचारी कर्मचारी अनुज प्रताप सरकारी सेवक के रूप में एक गुंडा है। ऐसे गुंडा तथा अराजकतत्व को सरकारी सेवा में स्थान नहीं दिया जा सकता। यह सरकारी सेवा में कलंक की तरह है। इसके चलते ही लेखपाल को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाया जाता है।
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एसडीएम के इस आदेश के बाद तहसील में लेखपालों में हड़कंप मच गया है। उधर, लेखपाल अनुज ने कहा कि एसडीएम ने मनमाने ढंग से निर्णय लिया है। उन्हीं पर कर्मचारियों से गालीगलौज के आरोप हैं। उन्होंने खुद ही जज बनकर फैसला सुना दिया। लेखपाल ने कहा कि जिस तरह से एसडीएम ने अपने आदेश में गुंडा शब्द का प्रयोग किया है, उसी से यह पता चलता है कि वे कर्मचारियों के साथ किस ढंग से पेश आते हैं। एक लोकसेवक को जिसके विरुद्ध केस नहीं दर्ज है, उसे जिस तरह से गुंडा बताया जा रहा है, वह एसडीएम के द्वेषपूर्ण रवैये को प्रकट करता है।
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