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पुलिस से नाराज ग्रामीणों ने शुरू की भूख हड़ताल
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अंबेडकरनगर। भीटी पुलिस की मनमानी से नाराज बीबीपुर रंडौली गांव के कई ग्रामीण बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंच गए। यहां पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के निकट भूख हड़ताल शुरू कर दिया। कहा कि 35 वर्ष पुराने एक मामले का हवाला देकर अब भूमि पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ितों ने आरोप लगाते हुए कहा कि भीटी पुलिस अधिकारियों के दबाव मेें है। इसीलिए उन्हें मनमाने ढंग से भूमि से बेदखल किया जा रहा है।
बुधवार को भीटी थाना क्षेत्र के बीबीपुर रंडौली गांव से पहुंचे छोटेलाल मौर्य, शीतला प्रसाद मौर्य, सुरेंद्र मौर्य व कमला आदि परिवार की महिला सदस्यों के साथ जिला मुख्यालय पहुंच गए। वे भीटी पुलिस की मनमानी व ज्यादती से नाराज थे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के निकट भूख हड़ताल शुरू करते हुए कहा कि पुलिस मनमाने ढंग से कुछ लोगों को अवैध कब्जा करवा रही है। कहा गया कि 35 वर्ष पहले तत्कालीन फैजाबाद जनपद के एक न्यायालय में सुलहनामा हुआ था। तब से मौके की स्थिति में काफी परिवर्तन हो चुका है।
विपक्षियों ने एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में कर रखा है। जिस पर कोई फैसला अभी नहीं आया है। छोटेलाल ने कहा कि उसके घर के संदर्भ में किसी भी मुकदमे कोई सुलह नहीं हुई है। इसके बावजूद भीटी पुलिस 35 वर्ष पुराने मामले का कथित हवाला देकर अब अवैध ढंग से कब्जा करवा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इसी मामले में विपक्षी के ही प्रार्थना पत्र पर राजस्व कर्मियों ने यह रिपोर्ट डीएम को प्रेषित किया था कि मामला दीवानी न्यायालय और आबादी से संबंधित है। इसके बावजूद भीटी पुलिस कोर्ट के किसी आदेश के विपक्षी की मदद कर अवैध कब्जा करा रही है। आरोप लगाया कि जबरदस्ती सुलह कराने के लिए भीटी पुलिस ने उन सभी को कई दिन तक थाने पर भी अवैध ढंग से बैठाए रखा।
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पुलिस के एक अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भीटी पुलिस उनके दबाव में इस तरह की मनमानी कर रही है। इससे उन सब को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मामले के कोर्ट में विचाराधीन रहते जिस तरह भीटी पुलिस मनमानी कर रही है। उसे लेकर अब वे सब चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अवैध कब्जे का विरोध करने पर विपक्षियों ने उन सब की 14 जुलाई को पिटाई कर दी थी। इसमें पुलिस ने 16 व्यक्तियों के विरुद्ध केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन दबाव के चलते विवेचना प्रभावित हो रही है।
भूख हड़ताल में शिवकुमारी, लालती देवी, सिंगारी देवी व उषा देवी व रामसागर आदि शामिल हैं। उधर एसओ भीटी दयाशंकर मित्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में है। 35 वर्ष पहले हुए समझौते के आधार पर अब कुछ लोग निर्माण करा रहे हैं। भीटी पुलिस का उससे कोई लेनादेना नहीं है। एसओ ने कहा कि भीटी पुलिस पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है। इस तरह के सभी आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं।
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बुधवार को भीटी थाना क्षेत्र के बीबीपुर रंडौली गांव से पहुंचे छोटेलाल मौर्य, शीतला प्रसाद मौर्य, सुरेंद्र मौर्य व कमला आदि परिवार की महिला सदस्यों के साथ जिला मुख्यालय पहुंच गए। वे भीटी पुलिस की मनमानी व ज्यादती से नाराज थे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के निकट भूख हड़ताल शुरू करते हुए कहा कि पुलिस मनमाने ढंग से कुछ लोगों को अवैध कब्जा करवा रही है। कहा गया कि 35 वर्ष पहले तत्कालीन फैजाबाद जनपद के एक न्यायालय में सुलहनामा हुआ था। तब से मौके की स्थिति में काफी परिवर्तन हो चुका है।
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विपक्षियों ने एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में कर रखा है। जिस पर कोई फैसला अभी नहीं आया है। छोटेलाल ने कहा कि उसके घर के संदर्भ में किसी भी मुकदमे कोई सुलह नहीं हुई है। इसके बावजूद भीटी पुलिस 35 वर्ष पुराने मामले का कथित हवाला देकर अब अवैध ढंग से कब्जा करवा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि इसी मामले में विपक्षी के ही प्रार्थना पत्र पर राजस्व कर्मियों ने यह रिपोर्ट डीएम को प्रेषित किया था कि मामला दीवानी न्यायालय और आबादी से संबंधित है। इसके बावजूद भीटी पुलिस कोर्ट के किसी आदेश के विपक्षी की मदद कर अवैध कब्जा करा रही है। आरोप लगाया कि जबरदस्ती सुलह कराने के लिए भीटी पुलिस ने उन सभी को कई दिन तक थाने पर भी अवैध ढंग से बैठाए रखा।
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पुलिस के एक अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भीटी पुलिस उनके दबाव में इस तरह की मनमानी कर रही है। इससे उन सब को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मामले के कोर्ट में विचाराधीन रहते जिस तरह भीटी पुलिस मनमानी कर रही है। उसे लेकर अब वे सब चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अवैध कब्जे का विरोध करने पर विपक्षियों ने उन सब की 14 जुलाई को पिटाई कर दी थी। इसमें पुलिस ने 16 व्यक्तियों के विरुद्ध केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन दबाव के चलते विवेचना प्रभावित हो रही है।
भूख हड़ताल में शिवकुमारी, लालती देवी, सिंगारी देवी व उषा देवी व रामसागर आदि शामिल हैं। उधर एसओ भीटी दयाशंकर मित्रा ने कहा कि मामला संज्ञान में है। 35 वर्ष पहले हुए समझौते के आधार पर अब कुछ लोग निर्माण करा रहे हैं। भीटी पुलिस का उससे कोई लेनादेना नहीं है। एसओ ने कहा कि भीटी पुलिस पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है। इस तरह के सभी आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं।