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90 गांवों में अब तक नहीं बन पाया एक भी पात्र का गोल्डन कार्ड

Tue, 27 Oct 2020 08:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 08:27 PM IST
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Golden card
फोटो-17 अंबेडकरनगर के इस सीएमओ कार्यालय से बनेगा लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। जिले के 90 गांव में अब तक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत एक भी पात्र का गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है। इतना ही नहीं, योजना के तहत जिले में चयनित आठ लाख 24 हजार 345 पात्रों के सापेक्ष अब तक मात्र एक लाख 64 हजार 781 पात्रों का ही गोल्डन कार्ड बन सका है। योजना को लेकर जिम्मेदारों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक जिले 12 सरकारी व तीन निजी अस्पतालों में मात्र 3595 मरीजों का ही इलाज योजना के तहत हो सका है। योजना का अधिक से अधिक पात्रों को लाभ मिल सके, इसके लिए शासन ने एक नवंबर से जीरो गोल्डन कार्ड वाले गांव में कैंप लगाकर कार्ड बनाए जाने का निर्देश दिया है।
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आर्थिक रूप से कमजोरों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके, इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत चयनित पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाकर पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज कराए जाने का प्राविधान है। जिले में योजना का लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाकर आठ लाख 24 हजार 345 पात्रों का चयन किया गया।
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साथ ही सभी पात्रों को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित जनसेवा केंद्र से गोल्डन कार्ड बनवा लें, जिससे उन्हें योजना का समुचित लाभ मिल सके। योजना के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए 23 सितंबर, 2018 को तत्कालीन सांसद ने जिला अस्पताल में कैंप लगाकर कुछ पात्रों को गोल्डन कार्ड भी उपलब्ध कराया था। इसे प्रचार प्रसार का अभाव माना जाए या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही, जिले में अब तक मात्र एक लाख 64 हजार 861 पात्रों का ही गोल्डन कार्ड बन सका है। और तो और जिले में लगभग 90 गांव ऐसे हैं, जहां एक भी पात्र का गोल्डन कार्ड नहीं बन आया है।
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गोल्डेन कार्ड न बनने का ही नतीजा है कि जिले में योजना के तहत चयनित राजकीय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, एनटीपीसी अस्पताल, 9 सीएचसी के साथ ही तीन निजी अस्पताल रामा अस्पताल, कनक अस्पताल व साकेत अस्पताल में अब तक मात्र 3595 मरीजों का ही इलाज सुनिश्चित हो सका है। इसके लिए शासन से तीन करोड़ 93 लाख रुपये की राशि संबंधित अस्पतालों को भेजी जा चुकी है।
योजना के नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि जीरो गोल्डन कार्ड वाले लगभग 90 गावों में शासन के निर्देश पर आगामी एक नवंबर से अभियान चलाकर चयनित पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। संबंधित गांव में अभियान को सफल बनाने के लिए जरूरी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कहा कि सीडीओ के निर्देशानुसार जिन पात्रों का कार्ड नहीं बनवाया जाएगा, उनकी पात्रता को समाप्त कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का अधिक से अधिक पात्रों को लाभ मिल सके, इसके लिए अभियान चलाकर पात्रों का गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। चयनित पात्रों को चाहिए कि वे खुद आगे आकर गोल्डन कार्ड बनवाएं, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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