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चार वर्ष में भी पूरा नहीं हो पाया बालिका छात्रावास
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अंबेडकरनगर। धनाभाव के चलते चार वर्ष बाद भी तहसील क्षेत्र आलापुर के तेंदुआईकला में बालिका छात्रावास का निर्माण नहीं पूरा हो सका है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत 1.70 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड वाले छात्रावास का निर्माण अधर में है। उधर टांडा, भीटी व आलापुर में योजना के तहत बालिका छात्रावास का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। शीघ्र ही फर्नीचर आदि की व्यवस्थाएं कर संचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बालिका छात्रावास योजना के तहत वर्ष 2018 में शासन ने टांडा, भीटी, आलापुर व तेंदुआईकला में छात्रावास के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। एक करोड़ 70 लाख 25 हजार रुपये की लागत से प्रत्येक छात्रावास का निर्माण होना तय हुआ।
100-100 बेड वाले इन छात्रावासों के निर्माण की घोषणा से संबंधित क्षेत्र की छात्राओं व उनके अभिभावकों में खुशी देखने को मिली थी। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो कई प्रकार की शिकायतें सामने आने लगीं। कभी मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायत सामने आती तो कभी कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया।
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इन सबके बीच धनाभाव ने छात्रावास का निर्माण जल्द पूरा करने की उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया है। चारदीवारी से लेकर रंगाई-पुताई का काम बाकी है। यहां अभी निर्माण पूरा करने के लिए आठ लाख 25 हजार रुपये की जरूरत बनी हुई है। शासन की तरफ से रकम मिलने के बाद ही यहां छात्रावास का निर्माण पूरा होगा। अधूरे निर्माण को लेकर स्थानीय अभिभावकों ने नाराजगी का जताई है।
राजेसुल्तानपुर निवासी सुरेंद्र यादव व दिलीप तिवारी तथा जहांगीरगंज के शिवप्रकाश वर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि चार वर्ष में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर छात्रावास का निर्माण ही पूरा नहीं किया जा सका। एक तरफ बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा होता है तो दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इससे दूर है। पदुमपुर के रोशनलाल पांडेय ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि हॉस्टल का निर्माण पूरा करने के लिए धन की कमी अविलंब दूर की जानी चाहिए।
वर्ष 2018 में जिन चार बालिका छात्रावास के निर्माण को शासन ने हरी झंडी प्रदान की थी, उनमें से आलापुर, भीटी व टांडा में छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। टांडा में करीमपट्टी गांव जबकि भीटी व आलापुर में जीजीआईसी परिसर में छात्रावास लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
इन तीनों छात्रावासों का संचालन प्रारंभ करने के लिए प्रत्येक छात्रावास में फर्नीचर व अन्य व्यवस्थाओं के लिए छह लाख 71 हजार रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। टांडा में तो फर्नीचर व अन्य सामग्रियों की खरीदारी भी हो चुकी है। नए शिक्षा सत्र में इन तीनों छात्रावासों का संचालन भी प्रारंभ हो जाने की संभावना है।
टांडा, आलापुर व भीटी में बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। इन तीनों में फर्नीचर की खरीदारी के लिए रकम भी उपलब्ध करा दी गई है। तेंदुआईकला छात्रावास का भी निर्माण पूरा करने की कोशिश की जा रही है। जरूरी प्रक्रिया चल रही है। नए सत्र में चारों हॉस्टल का संचालन शुरू कराया जाएगा।
-प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस
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बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत बालिका छात्रावास योजना के तहत वर्ष 2018 में शासन ने टांडा, भीटी, आलापुर व तेंदुआईकला में छात्रावास के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी। एक करोड़ 70 लाख 25 हजार रुपये की लागत से प्रत्येक छात्रावास का निर्माण होना तय हुआ।
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100-100 बेड वाले इन छात्रावासों के निर्माण की घोषणा से संबंधित क्षेत्र की छात्राओं व उनके अभिभावकों में खुशी देखने को मिली थी। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो कई प्रकार की शिकायतें सामने आने लगीं। कभी मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायत सामने आती तो कभी कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया।
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इन सबके बीच धनाभाव ने छात्रावास का निर्माण जल्द पूरा करने की उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया है। चारदीवारी से लेकर रंगाई-पुताई का काम बाकी है। यहां अभी निर्माण पूरा करने के लिए आठ लाख 25 हजार रुपये की जरूरत बनी हुई है। शासन की तरफ से रकम मिलने के बाद ही यहां छात्रावास का निर्माण पूरा होगा। अधूरे निर्माण को लेकर स्थानीय अभिभावकों ने नाराजगी का जताई है।
राजेसुल्तानपुर निवासी सुरेंद्र यादव व दिलीप तिवारी तथा जहांगीरगंज के शिवप्रकाश वर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि चार वर्ष में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर छात्रावास का निर्माण ही पूरा नहीं किया जा सका। एक तरफ बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने का दावा होता है तो दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इससे दूर है। पदुमपुर के रोशनलाल पांडेय ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि हॉस्टल का निर्माण पूरा करने के लिए धन की कमी अविलंब दूर की जानी चाहिए।
वर्ष 2018 में जिन चार बालिका छात्रावास के निर्माण को शासन ने हरी झंडी प्रदान की थी, उनमें से आलापुर, भीटी व टांडा में छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। टांडा में करीमपट्टी गांव जबकि भीटी व आलापुर में जीजीआईसी परिसर में छात्रावास लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
इन तीनों छात्रावासों का संचालन प्रारंभ करने के लिए प्रत्येक छात्रावास में फर्नीचर व अन्य व्यवस्थाओं के लिए छह लाख 71 हजार रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। टांडा में तो फर्नीचर व अन्य सामग्रियों की खरीदारी भी हो चुकी है। नए शिक्षा सत्र में इन तीनों छात्रावासों का संचालन भी प्रारंभ हो जाने की संभावना है।
टांडा, आलापुर व भीटी में बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। इन तीनों में फर्नीचर की खरीदारी के लिए रकम भी उपलब्ध करा दी गई है। तेंदुआईकला छात्रावास का भी निर्माण पूरा करने की कोशिश की जा रही है। जरूरी प्रक्रिया चल रही है। नए सत्र में चारों हॉस्टल का संचालन शुरू कराया जाएगा।
-प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस