{"_id":"68b5e8fea22f0d5c6606d5e4","slug":"from-infants-to-youngsters-the-treasure-of-knowledge-will-be-open-for-everyone-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1014-141226-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: नौनिहाल से नौजवान तक, सबके लिए खुलेगा ज्ञान का खजाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: नौनिहाल से नौजवान तक, सबके लिए खुलेगा ज्ञान का खजाना
Tue, 02 Sep 2025 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 02 Sep 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। ग्रामीण शिक्षा को नई उड़ान देने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए जिले में 346 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है। नौनिहालों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं तक के साथ हर वर्ग के लिए इन पुस्तकालयों में ज्ञान का खजाना सहेजा जाएगा।
पाठकों की रुचि और जरूरत के अनुसार पुस्तकें चयनित करने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें बीएसए, डीआईओएस और पुस्तकालय अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च होंगे, जिनमें से 1.80 लाख रुपये सिर्फ पुस्तकों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। इनमें से आधी किताबें नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) से और शेष स्थानीय स्तर से मंगाई जाएंगी। डीपीआरओ सर्वेश पांडेय ने बताया कि इस पहल का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाना है, ताकि बच्चों की बुनियादी शिक्षा से लेकर युवाओं की परीक्षा तैयारी तक हर जरूरत पूरी हो सके।
हर आयु वर्ग के लिए होगी सामग्री उपलब्ध
लाइब्रेरी में छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें होंगी, वहीं युवा वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल ग्रामीण शिक्षा को एक नई दिशा देने की ओर एक अहम कदम मानी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाठकों की रुचि और जरूरत के अनुसार पुस्तकें चयनित करने के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें बीएसए, डीआईओएस और पुस्तकालय अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रत्येक लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च होंगे, जिनमें से 1.80 लाख रुपये सिर्फ पुस्तकों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। इनमें से आधी किताबें नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) से और शेष स्थानीय स्तर से मंगाई जाएंगी। डीपीआरओ सर्वेश पांडेय ने बताया कि इस पहल का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाना है, ताकि बच्चों की बुनियादी शिक्षा से लेकर युवाओं की परीक्षा तैयारी तक हर जरूरत पूरी हो सके।
विज्ञापन
हर आयु वर्ग के लिए होगी सामग्री उपलब्ध
लाइब्रेरी में छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें होंगी, वहीं युवा वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल ग्रामीण शिक्षा को एक नई दिशा देने की ओर एक अहम कदम मानी जा रही है।
विज्ञापन