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आधुनिकता के दौर में भी कायम है फगुआ गायन की परंपरा
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:59 PM IST
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अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर होली पर्व के मद्देनजर सजीं दुकानें।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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होली पर्व को उल्लासपूर्वक मनाने की तैयारियों ने जिले में जोर पकड़ लिया है। एक तरफ युवाओं ने जहां पर्व की खुशियों में चार चांद लगाने की तैयारियां तेज कर दी हैं, वहीं फगुआ गायन टोली भी पर्व की खुशियां मनाने में जुट गई हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से कपड़ा फाड़ होली खेलने की परंपरा शुरू हुई है।
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इस बार भी इसे लेकर युवाओं में खासा जोश व उत्साह का माहौल है। शहर व गांव की गलियों में फगुआ गायन अपना आकर्षण लगातार बनाए हुए है। इसके अलावा जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह स्थापित होलिका जलाने को लेकर भी लोगों ने विभिन्न प्रकार से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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रंगों के पर्व होली को लेकर उत्साह व उल्लास चरम पर पहुंच गया है। जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व को उल्लास के साथ मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। विशेषकर युवाओं में इसे लेकर खासा उत्साह है। पर्व के उल्लास में किसी प्रकार की कमी न रह जाए, इसके लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की रूपरेखा सोमवार को ही तैयार कर ली गई।
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गांव की गलियों व शहरों की गलियों में होली के हुड़दंग में किसी प्रकार की कोई कोर-कसर न हो, इसे लेकर शहर से लेकर गांव तक जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी फगुआ गायन की परंपरा अभी भी न सिर्फ जिला मुख्यालय बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कायम है।
बूढनपुर के महेश शर्मा व चांदपुर के उमापति वर्मा ने बताया कि डीजे के बावजूद फगुआ का आकर्षण अभी भी बना हुआ है। बताया कि होली के दिन युवा टोली बनाकर गांव की गलियों में फगुआ गाते हुए निकलते हैं। घर की छतों से उन पर महिलाएं रंग डालती हैं। बताया कि यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
जिला मुख्यालय पर राहुल व जगदीश ने बताया कि पूर्व में उनके पिता फगुआ टोली बनाकर गली मोहल्लों का भ्रमण करते थे। उनके निधन के बाद उन लोगों ने परंपरा को आगे बढ़ाए रखा है। शहजादपुर के सुधाकर गुप्ता व हरीश तिवारी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से कपड़ा फाड़ होली खेलने की परंपरा शुरू हुई थी जो अब भी कायम है।
उधर होली पर्व को लेकर अल्पसंख्यकों में भी उत्साह का माहौल है। अली कॉलोनी निवासी जैगम, रईस, शमशाद व अहमद ने बताया कि उन्हें होली पर्व का बेसब्री से इंतजार रहता है। रंगों का यह पर्व आपसी मेलजोल व भाईचारगी की डोर को मजबूत करता है। वे कई वर्षों से कपड़ा फाड़ होली खेलते आए हैं। इस वर्ष भी इसी प्रकार से पर्व मनाने की तैयारी की जा रही है।