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Ambedkar Nagar News: लुटेरों की तलाश दरकिनार, दो थानों के बीच फुटबॉल बनी एफआईआर
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लखनऊ। नाका में शिक्षिका से लूटपाट करने वाले बदमाशों को पुलिस पकड़ तो नहीं सकी, पर आलमबाग और नाका थाने की पुलिस सीमा विवाद में जरूर उलझ गईं। पहले नाका पुलिस ने केस दर्ज किया और आलमबाग थाने ट्रांसफर कर दिया। अब 118 दिन बाद आलमबाग पुलिस ने केस को फिर से नाका थाने भेज दिया है। लूट के दौरान शिक्षिका चलते ई रिक्शा से गिरकर घायल हो गई थीं।
अंबेडकरनगर के राजेसुलतानपुर तुलसीपुर निवासी बीनू पांडेय हापुड़ जनपद में सरकारी टीचर हैं। उनके भाई अमित के मुताबिक दादी की तबीयत खराब होने के चलते बीनू छोटे भाई संग चार मई की रात घर आ रही थीं। दोनों लोग देर रात चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे और ई रिक्शे से आलमबाग बस अड्डे जा रहे थे। रास्ते में दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास बाइक सवार दो बदमाश पीछे से पहुंचे और बीनू के हाथ से पर्स लूट लिया।
सड़क पर गिरने से दो दांत टूटे, होंठ भी फटा था
छीना- झपटी के दौरान बीनू चलते ई रिक्शे से मुंह के बल सड़क पर गिर पड़ीं। उनके दो दांत टूट गए और होंठ में चोट लगी। बीनू के पर्स में मोबाइल फोन, सोने की चेन और कुछ अन्य दस्तावेज रखे थे। घायल बीनू को भाई ने अस्पताल में भर्ती कराया, वहां उनके होंठ पर छह टांके लगे। लूट के संबंध में पांच मई को नाका थाने में केस दर्ज किया गया था।
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नाका पुलिस ने घटनास्थल आलमबाग बताते हुए केस को आलमबाग थाने ट्रांसफर कर दिया था। अब 118 दिन बाद फिर से आलमबाग पुलिस ने घटनास्थल को नाका का बताते हुए केस को नाका थाने ट्रांसफर कर दिया। 118 दिन गुजर जाने के बाद दोनों थाने की पुलिस की प्राथमिकता लुटेरों को पकड़ने के बजाए केस को फुटबॉल की तरह एक थाने से दूसरे थाने ट्रांसफर करने की है।
पांच बार बयान के लिए बुला चुकी दोनों थानों की पुलिस
अमित ने बताया कि अब तक पांच बार नाका व आलमबाग पुलिस उनकी बहन को बयान के लिए बुला चुकी है। इस संबंध में एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह ने बताया कि नाका थाने में पहले केस दर्ज किया गया था और जांच में घटनास्थल आलमबाग का मिला था। इसलिए केस को आलमबाग ट्रांसफर कर दिया गया था। अब आलमबाग पुलिस ने फिर से केस को नाका थाने ट्रांसफर कर दिया गया है। केस दर्ज कर लुटेरों की तलाश की जा रही है।
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अंबेडकरनगर के राजेसुलतानपुर तुलसीपुर निवासी बीनू पांडेय हापुड़ जनपद में सरकारी टीचर हैं। उनके भाई अमित के मुताबिक दादी की तबीयत खराब होने के चलते बीनू छोटे भाई संग चार मई की रात घर आ रही थीं। दोनों लोग देर रात चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे और ई रिक्शे से आलमबाग बस अड्डे जा रहे थे। रास्ते में दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन के पास बाइक सवार दो बदमाश पीछे से पहुंचे और बीनू के हाथ से पर्स लूट लिया।
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सड़क पर गिरने से दो दांत टूटे, होंठ भी फटा था
छीना- झपटी के दौरान बीनू चलते ई रिक्शे से मुंह के बल सड़क पर गिर पड़ीं। उनके दो दांत टूट गए और होंठ में चोट लगी। बीनू के पर्स में मोबाइल फोन, सोने की चेन और कुछ अन्य दस्तावेज रखे थे। घायल बीनू को भाई ने अस्पताल में भर्ती कराया, वहां उनके होंठ पर छह टांके लगे। लूट के संबंध में पांच मई को नाका थाने में केस दर्ज किया गया था।
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नाका पुलिस ने घटनास्थल आलमबाग बताते हुए केस को आलमबाग थाने ट्रांसफर कर दिया था। अब 118 दिन बाद फिर से आलमबाग पुलिस ने घटनास्थल को नाका का बताते हुए केस को नाका थाने ट्रांसफर कर दिया। 118 दिन गुजर जाने के बाद दोनों थाने की पुलिस की प्राथमिकता लुटेरों को पकड़ने के बजाए केस को फुटबॉल की तरह एक थाने से दूसरे थाने ट्रांसफर करने की है।
पांच बार बयान के लिए बुला चुकी दोनों थानों की पुलिस
अमित ने बताया कि अब तक पांच बार नाका व आलमबाग पुलिस उनकी बहन को बयान के लिए बुला चुकी है। इस संबंध में एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह ने बताया कि नाका थाने में पहले केस दर्ज किया गया था और जांच में घटनास्थल आलमबाग का मिला था। इसलिए केस को आलमबाग ट्रांसफर कर दिया गया था। अब आलमबाग पुलिस ने फिर से केस को नाका थाने ट्रांसफर कर दिया गया है। केस दर्ज कर लुटेरों की तलाश की जा रही है।