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चार स्कूलों में शुरू हुई फिल्म बेस्ड टीचिंग प्रणाली
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टांडा (अंबेडकरनगर)। एनटीपीसी टांडा के सामाजिक अभियान के तहत फिल्म बेस्ड टीचिंग मेथडोलॉजी (प्रणाली) का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्राथमिक पाठशाला थर्मल, कटरिया, प्राथमिक स्कूल मखदूमनगर व महरीपुर सहित कुल चार विद्यालयों में फिल्म बेस्ड टीचिंग मेथडोलॉजी का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह ने किया। उन्होेंने कहा कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में यह प्रणाली काफी लाभदायी साबित होगी।
मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि आज हम इन स्कूलों में फिल्म आधारित शिक्षण पद्धति का शुभारंभ कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में बच्चों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिलेगा। बताया कि दो वर्ष की कोविड महामारी ने हमें शिक्षा में मल्टी मीडिया के उपयोग का महत्व सिखाया है। एफबीटीएम की फिल्म आधारित शिक्षण पद्धति रोचक तरीकों में से एक है। इसमें छात्र अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं और चीजों को बेहतर याद रख सकते हैं। महाप्रबंधक मानव संसाधन एसएन पाणिग्राही ने कहा कि दृश्यों के माध्यम से सीखने से न केवल समझ बढ़ती है, बल्कि छात्रों की रिफ्लेक्शन शक्ति भी बढ़ती है।
बताया कि एफबीटीएम का उपयोग करने से इन स्कूल के छात्रों को बेहतर लाभ मिलेगा। उन्हें अधिक रचनात्मक और बुद्धिमान व्यक्तियों के रूप में आकार मिलेगा। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे पूरी तरह से इस पद्धति को समझने के लिए समय दें। छात्रों को सर्वोत्तम तरीके से पढ़ाने के लिए इसका उपयोग करें।
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स्कूलों में इस विशेष सौगात को एनटीपीसी ने उपलब्ध कराया। प्रधानाध्यापिका नीरा तिवारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं की शिक्षा पद्धति बेहतर करने में यह काफी मददगार साबित होगी। उन्होंने एनटीपीसी के इस प्रयास की सराहना की। इस मौके पर उपमहाप्रबंधक मृणालिनी, एनए शिपो व सियासरन आदि मौजूद रहे।
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मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि आज हम इन स्कूलों में फिल्म आधारित शिक्षण पद्धति का शुभारंभ कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में बच्चों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिलेगा। बताया कि दो वर्ष की कोविड महामारी ने हमें शिक्षा में मल्टी मीडिया के उपयोग का महत्व सिखाया है। एफबीटीएम की फिल्म आधारित शिक्षण पद्धति रोचक तरीकों में से एक है। इसमें छात्र अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं और चीजों को बेहतर याद रख सकते हैं। महाप्रबंधक मानव संसाधन एसएन पाणिग्राही ने कहा कि दृश्यों के माध्यम से सीखने से न केवल समझ बढ़ती है, बल्कि छात्रों की रिफ्लेक्शन शक्ति भी बढ़ती है।
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बताया कि एफबीटीएम का उपयोग करने से इन स्कूल के छात्रों को बेहतर लाभ मिलेगा। उन्हें अधिक रचनात्मक और बुद्धिमान व्यक्तियों के रूप में आकार मिलेगा। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे पूरी तरह से इस पद्धति को समझने के लिए समय दें। छात्रों को सर्वोत्तम तरीके से पढ़ाने के लिए इसका उपयोग करें।
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स्कूलों में इस विशेष सौगात को एनटीपीसी ने उपलब्ध कराया। प्रधानाध्यापिका नीरा तिवारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं की शिक्षा पद्धति बेहतर करने में यह काफी मददगार साबित होगी। उन्होंने एनटीपीसी के इस प्रयास की सराहना की। इस मौके पर उपमहाप्रबंधक मृणालिनी, एनए शिपो व सियासरन आदि मौजूद रहे।