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Ambedkar Nagar News: पीओएस खराब बता किसानों को नहीं ठग सकेंगे खाद विक्रेता
Sun, 01 Sep 2024 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 01 Sep 2024 12:04 AM IST
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अंबेडकरनगर। कृषि विभाग ने आठ सौ से अधिक खाद विक्रेताओं पर और शिकंजा कस दिया है। अब यह विक्रेता प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के खराब होने का बहाना बनाकर किसानों को महंगे दाम पर खाद नहीं बेच सकेंगे। यदि ऐसा करते पाए गए तो उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
जनपद में 800 से अधिक खाद विक्रेता विभाग में पंजीकृत हैं। इसके बाद भी खाद की कालाबाजारी पूरी तरह नहीं रुक पा रही है। अक्सर निर्धारित दर से अधिक खाद बेचने का मामला प्रकाश में आता रहता है। ज्यादातर खाद विक्रेता अक्सर पीओएस खराब होने का बहाना बनाकर किसान को बिना पर्ची के खाद ऊंचे दाम पर बेच देते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने अब और सख्ती बरती है। यदि किसी खाद विक्रेता की पीओएस मशीन खराब है, तो इसकी जानकारी उसे कृषि विभाग को तुरंत देनी होगी। मशीन को हर हाल में दुरुस्त रखना होगा।
निर्धारित से अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायत पर हुई जांच में पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसानों को खेती-किसानी के समय आसानी से निर्धारित दर पर खाद मिले और खाद विक्रेता मनमानी न कर पाएं, इसके लिए डीडी कृषि के अलावा कृषि अधिकारी खाद विक्रेताओं की दुकानों पर आकस्मिक जांच भी करेंगे।
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कृषि विभाग के अनुसार यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1,350 रुपये, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी)-510 रुपये से 575 रुपये, एनपीएस प्रति बोरी 1,250 रुपये में बेचना है। इससे अधिक बेचने पर विक्रेता के खिलाफ मुकदमा हो सकता है।
गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
खाद की बिक्री में हर हाल में खाद विक्रेताओं को नियमों का पालन करना होगा। जांच में गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीते वर्ष दो दुकानों पर कार्रवाई हुई थी। इस वर्ष ऐसी कोई गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई है। -पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी
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जनपद में 800 से अधिक खाद विक्रेता विभाग में पंजीकृत हैं। इसके बाद भी खाद की कालाबाजारी पूरी तरह नहीं रुक पा रही है। अक्सर निर्धारित दर से अधिक खाद बेचने का मामला प्रकाश में आता रहता है। ज्यादातर खाद विक्रेता अक्सर पीओएस खराब होने का बहाना बनाकर किसान को बिना पर्ची के खाद ऊंचे दाम पर बेच देते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने अब और सख्ती बरती है। यदि किसी खाद विक्रेता की पीओएस मशीन खराब है, तो इसकी जानकारी उसे कृषि विभाग को तुरंत देनी होगी। मशीन को हर हाल में दुरुस्त रखना होगा।
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निर्धारित से अधिक दर पर खाद बेचने की शिकायत पर हुई जांच में पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसानों को खेती-किसानी के समय आसानी से निर्धारित दर पर खाद मिले और खाद विक्रेता मनमानी न कर पाएं, इसके लिए डीडी कृषि के अलावा कृषि अधिकारी खाद विक्रेताओं की दुकानों पर आकस्मिक जांच भी करेंगे।
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कृषि विभाग के अनुसार यूरिया 266.50 रुपये, डीएपी 1,350 रुपये, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी)-510 रुपये से 575 रुपये, एनपीएस प्रति बोरी 1,250 रुपये में बेचना है। इससे अधिक बेचने पर विक्रेता के खिलाफ मुकदमा हो सकता है।
गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
खाद की बिक्री में हर हाल में खाद विक्रेताओं को नियमों का पालन करना होगा। जांच में गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीते वर्ष दो दुकानों पर कार्रवाई हुई थी। इस वर्ष ऐसी कोई गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई है। -पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी