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Ambedkar Nagar News: राजकीय पॉलीटेक्निक में 64.51 करोड़ से बनेगा एक्सीलेंस सेंटर, टाटा टेक्नोलॉजी देगी सहयोग
Thu, 28 Aug 2025 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 28 Aug 2025 10:54 PM IST
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छत्रपति शाहू जी महाराज राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज।
अंबेडकरनगर। छत्रपति शाहूजी महाराज राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज अब तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बनेगा। यहां करीब 64.51 करोड़ रुपये की लागत से टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र में अत्याधुनिक मशीनों और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाओं के जरिए छात्रों को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा दी जाएगी।
प्रदेश सरकार और टीटीएल के संयुक्त प्रयास से बनाए जा रहे इस सेंटर को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। पहले चरण में प्रदेश के 45 पॉलीटेक्निक कॉलेजों को चुना गया है, जिनमें अंबेडकरनगर का यह संस्थान भी शामिल है। कॉलेज परिसर में 1800 वर्गफुट क्षेत्रफल में एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसमें हाई-टेक मशीनें, अत्याधुनिक कार्यशाला, बहुद्देशीय हॉल और स्मार्ट प्रशिक्षण कक्ष शामिल होंगे। छात्रों को स्मार्ट ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो छात्रों को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में भी मार्गदर्शन देंगे।
ऐसे होगा निर्माण कार्य
57.32 करोड़ रुपये की लागत से एक्सीलेंस सेंटर तैयार होगा। इसमें से 13 प्रतिशत राशि राज्य सरकार, जबकि शेष टीटीएल द्वारा वहन की जाएगी। वहीं 7 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत से प्रशिक्षण कक्ष और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से इस परियोजना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गूगल मीट के माध्यम से कॉलेज के प्रधानाचार्य को तकनीकी जानकारी दी जा चुकी है। माना जा रहा है कि कार्य जल्द ही जमीन पर उतरने लगेगा।
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प्रशिक्षण गुणवत्ता में होगा सुधार
वर्तमान समय में यहां इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स संचालित हो रहे हैं। तीन साल के इन कोर्सों में करीब 700 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण की गुणवत्ता के सुधार के लिए टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड से प्रदेश सरकार ने अनुबंध किया है।
पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया
टीटीएल के सहयोग से राजकीय पॉलीटेक्निक को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। प्राविधिक शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएंगे।
— राजेश कुमार सरोज, प्रधानाचार्य
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प्रदेश सरकार और टीटीएल के संयुक्त प्रयास से बनाए जा रहे इस सेंटर को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। पहले चरण में प्रदेश के 45 पॉलीटेक्निक कॉलेजों को चुना गया है, जिनमें अंबेडकरनगर का यह संस्थान भी शामिल है। कॉलेज परिसर में 1800 वर्गफुट क्षेत्रफल में एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसमें हाई-टेक मशीनें, अत्याधुनिक कार्यशाला, बहुद्देशीय हॉल और स्मार्ट प्रशिक्षण कक्ष शामिल होंगे। छात्रों को स्मार्ट ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो छात्रों को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में भी मार्गदर्शन देंगे।
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ऐसे होगा निर्माण कार्य
57.32 करोड़ रुपये की लागत से एक्सीलेंस सेंटर तैयार होगा। इसमें से 13 प्रतिशत राशि राज्य सरकार, जबकि शेष टीटीएल द्वारा वहन की जाएगी। वहीं 7 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत से प्रशिक्षण कक्ष और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से इस परियोजना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गूगल मीट के माध्यम से कॉलेज के प्रधानाचार्य को तकनीकी जानकारी दी जा चुकी है। माना जा रहा है कि कार्य जल्द ही जमीन पर उतरने लगेगा।
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प्रशिक्षण गुणवत्ता में होगा सुधार
वर्तमान समय में यहां इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्स संचालित हो रहे हैं। तीन साल के इन कोर्सों में करीब 700 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण की गुणवत्ता के सुधार के लिए टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड से प्रदेश सरकार ने अनुबंध किया है।
पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया
टीटीएल के सहयोग से राजकीय पॉलीटेक्निक को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। प्राविधिक शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएंगे।
— राजेश कुमार सरोज, प्रधानाचार्य