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Ambedkar Nagar News: यूनिक स्टेट वोटर नंबर से पकड़े जाएंगे डुप्लीकेट नाम
Wed, 17 Sep 2025 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 17 Sep 2025 11:05 PM IST
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अंबेडकरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने एक नई पहल की है। इसके अंतर्गत जिले के प्रत्येक मतदाता को यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया गया है। यह छह अंकों वाला विशिष्ट कोड मतदाता सूची में नाम के सामने दर्ज किया गया है, जिससे डुप्लीकेट नामों की पहचान अब और आसान हो गई है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. महेश चंद्र द्विवेदी के अनुसार एसवीएन के पहले तीन अक्षर संबंधित ब्लॉक को दर्शाते हैं, चौथा अक्षर मतदाता के लिंग को जिसमें एम पुरुष और एफ महिला के लिए है तथा अंतिम दो स्थानों पर ए ए के बाद मतदाता का क्रम संख्या दर्ज होती है। इस तकनीक की मदद से यदि किसी व्यक्ति का नाम और उसके पिता का नाम किसी अन्य मतदाता से मेल खाता भी है, तो भी सिस्टम अपने आप डुप्लीकेसी को चिन्हित कर सकेगा। निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में एक अतिरिक्त कॉलम जोड़ा है, जिसमें एसवीएन दर्ज है। यह सूची सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को उपलब्ध कराई गई है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता जानकारी का सत्यापन कर रहे हैं। साथ ही मतदाता स्वयं भी सूची में अपना नाम आसानी से खोज सकेंगे।
डुप्लीकेट नामों से मिल जाएगी निजात
जिले में पिछले चुनावों के दौरान मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिससे चुनाव प्रक्रिया में व्यावधान उत्पन्न होता था। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए आयोग ने एसवीएन प्रणाली लागू की है।
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डॉ. महेश चंद्र द्विवेदी, सहायक निर्वाचन अधिकारी
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सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. महेश चंद्र द्विवेदी के अनुसार एसवीएन के पहले तीन अक्षर संबंधित ब्लॉक को दर्शाते हैं, चौथा अक्षर मतदाता के लिंग को जिसमें एम पुरुष और एफ महिला के लिए है तथा अंतिम दो स्थानों पर ए ए के बाद मतदाता का क्रम संख्या दर्ज होती है। इस तकनीक की मदद से यदि किसी व्यक्ति का नाम और उसके पिता का नाम किसी अन्य मतदाता से मेल खाता भी है, तो भी सिस्टम अपने आप डुप्लीकेसी को चिन्हित कर सकेगा। निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में एक अतिरिक्त कॉलम जोड़ा है, जिसमें एसवीएन दर्ज है। यह सूची सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को उपलब्ध कराई गई है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता जानकारी का सत्यापन कर रहे हैं। साथ ही मतदाता स्वयं भी सूची में अपना नाम आसानी से खोज सकेंगे।
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डुप्लीकेट नामों से मिल जाएगी निजात
जिले में पिछले चुनावों के दौरान मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिससे चुनाव प्रक्रिया में व्यावधान उत्पन्न होता था। इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए आयोग ने एसवीएन प्रणाली लागू की है।
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डॉ. महेश चंद्र द्विवेदी, सहायक निर्वाचन अधिकारी