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सरयू में उफान से तीन गांवों का संपर्क कटा
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अंबेडकरनगर में माझा क्षेत्र में नाव से बाढ़ का जायजा लेते एडीएम डॉ पंकज कुमार वर्मा व अन्य।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व अराजीदेवारा गांव के नौ पुरवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी है। हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा व सिद्धनाथ का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। संबंधित पुरवों में जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। बद्री का पूरा में ग्रामीणों के घर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो प्रभावित पुरवों के अंदर न सिर्फ बाढ़ का पानी पहुंच जाएगा, बल्कि घरों के अंदर भी पानी घुस जाएगा। मौजूदा समय में संबंधित क्षेत्र की लगभग 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। बाढ़ के चलते पशुओं के समक्ष चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आलापुर तहसील अंतर्गत माझा क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। अराजीदेवारा ग्रामसभा के हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा व सिद्धनाथ तथा माझा कम्हरिया के पटपरवा, सत्यनरायन का पुरवा, नौका का पूरा, कल्लू का पूरा व बद्री का पुरवा चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा व सिद्धनाथ का पूरा में तो बाढ़ का पानी अंदर तक पहुंच गया है। संबंधित पुरवों तक जाने वाले मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। इससे संबंधित पुरवों के ग्रामीणों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए प्रशासन ने प्रत्येक पुरवा के लिए एक-एक नाव की व्यवस्था की है। आशंका जताई जा रही है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो शीघ्र ही अन्य पुरवों में भी पानी पहुंच जाएगा।
घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के चलते बाढ़ का पानी पुरवों के बाहर से होता हुआ ग्रामीणों के घर तक पहुंच गया है। बाढ़ के पानी के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बद्री का पूरा गांव निवासी हरीलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद समेत आधा दर्जन ग्रामीणों के घर के सामने तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। संबंधित ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर बढ़ा, तो बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस जाएगा। इसके अलावा हंसू का पूरा व सिद्धनाथ में भी आधा दर्जन घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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मवेशियों के समक्ष चारे का संकट
लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते संबंधित क्षेत्र की लगभग 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे मवेशियों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण विजयी, फूदल, पतिराम, धर्मेंद्र ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे आशंका है कि मवेशियों के लिए चारे की समस्या काफी बढ़ जाएगी। हालांकि मवेशियों के लिए चारे की कमी न हो, इसके लिए शुक्रवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अम्बरीश कुमार वर्मा की देखरेख में 70 पशुपालकों में प्रति मवेशी 5-5 किग्रा. भूसे का वितरण किया गया। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया गया कि मवेशियों के लिए चारे की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
क्लोरीन की गोली का होगा वितरण
जलस्तर के बढ़ने तथा गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने के चलते किसी भी प्रकार का संचारी रोग न फैले, इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला प्रशासन ने जिम्मेदारों को निर्देशित किया है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक घर में क्लोरीन की गोली का वितरण किया जाए। साथ ही एटी लार्वा दवा का छिड़काव भी किया जाए। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार शनिवार को न सिर्फ क्लोरीन की गोली का वितरण किया जाएगा, बल्कि एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जाएगा। और तो और कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष कैंप लगाकर ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन टीका लगाया जाएगा।
राशन किट का होगा वितरण
शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। कहा कि जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह रखी जा रही है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ग्रामीणों में राशन किट का वितरण किया जाएगा।
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सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आलापुर तहसील अंतर्गत माझा क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। अराजीदेवारा ग्रामसभा के हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा, करिया लोनिया का पूरा व सिद्धनाथ तथा माझा कम्हरिया के पटपरवा, सत्यनरायन का पुरवा, नौका का पूरा, कल्लू का पूरा व बद्री का पुरवा चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हंसू का पूरा, प्रसादकुर्मी का पूरा व सिद्धनाथ का पूरा में तो बाढ़ का पानी अंदर तक पहुंच गया है। संबंधित पुरवों तक जाने वाले मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। इससे संबंधित पुरवों के ग्रामीणों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को आवागमन में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए प्रशासन ने प्रत्येक पुरवा के लिए एक-एक नाव की व्यवस्था की है। आशंका जताई जा रही है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो शीघ्र ही अन्य पुरवों में भी पानी पहुंच जाएगा।
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घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के चलते बाढ़ का पानी पुरवों के बाहर से होता हुआ ग्रामीणों के घर तक पहुंच गया है। बाढ़ के पानी के कहर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बद्री का पूरा गांव निवासी हरीलाल निषाद, सुरेंद्र निषाद समेत आधा दर्जन ग्रामीणों के घर के सामने तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। संबंधित ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर बढ़ा, तो बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस जाएगा। इसके अलावा हंसू का पूरा व सिद्धनाथ में भी आधा दर्जन घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
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मवेशियों के समक्ष चारे का संकट
लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते संबंधित क्षेत्र की लगभग 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। इससे मवेशियों के समक्ष चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण विजयी, फूदल, पतिराम, धर्मेंद्र ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे आशंका है कि मवेशियों के लिए चारे की समस्या काफी बढ़ जाएगी। हालांकि मवेशियों के लिए चारे की कमी न हो, इसके लिए शुक्रवार को पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अम्बरीश कुमार वर्मा की देखरेख में 70 पशुपालकों में प्रति मवेशी 5-5 किग्रा. भूसे का वितरण किया गया। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया गया कि मवेशियों के लिए चारे की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
क्लोरीन की गोली का होगा वितरण
जलस्तर के बढ़ने तथा गांव में बाढ़ का पानी पहुंचने के चलते किसी भी प्रकार का संचारी रोग न फैले, इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला प्रशासन ने जिम्मेदारों को निर्देशित किया है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक घर में क्लोरीन की गोली का वितरण किया जाए। साथ ही एटी लार्वा दवा का छिड़काव भी किया जाए। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार शनिवार को न सिर्फ क्लोरीन की गोली का वितरण किया जाएगा, बल्कि एंटी लार्वा का छिड़काव भी किया जाएगा। और तो और कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विशेष कैंप लगाकर ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन टीका लगाया जाएगा।
राशन किट का होगा वितरण
शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। कहा कि जलस्तर पर लगातार पैनी निगाह रखी जा रही है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ग्रामीणों में राशन किट का वितरण किया जाएगा।