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Ambedkar Nagar News: 24 घंटे ठप रही पेयजल आपूर्ति, 10 हजार की आबादी हुई बेहाल
Sat, 30 Aug 2025 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 30 Aug 2025 01:39 AM IST
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13.दैनिक कार्याें के लिए टैंकर से पानी भरने पहुंची युवती व महिला।संवाद
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के उसरहवा गांधीनगर वार्ड में बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी। बिना किसी पूर्व सूचना के आपूर्ति बंद होने के कारण लोग बेहाल हो उठे। देर रात तक घरों में पानी की टंकियां खाली हो गईं। सुबह भी आपूर्ति न आने पर स्थानीय लोगों को बाल्टी लेकर हैंडपंप की दौड़ लगानी पड़ी। करीब 24 घंटे से अधिक समय तक करीब दस हजार की आबादी की दिनचर्या प्रभावित रही। शुक्रवार शाम को मरम्मत कार्य कराकर आपूर्ति शुरू कराई गई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
नगर पालिका अकबरपुर के उसरहवा गांधीनगर वार्ड में पिछले काफी समय में पेयजल आपूर्ति की समस्या है। यहां कई इलाकों में पानी का प्रेशर काफी कम रहता है। इसे देखते हुए जलकल विभाग ने पटेलनगर पानी टंकी से आपूर्ति बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे रोक दी थी। हालांकि, इसकी सूचना मोहल्लेवासियों को नहीं दी गई थी। इसके बाद प्रेशर बढ़ाने के लिए पाइप लाइन बदलने का काम शुरू किया गया। शुरुआती दौर में लोगों को भरोसा था कि यह अस्थायी समस्या होगी और शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी। ऐसे में ज्यादातर घरों में रात तक घरेलू टंकियों में बचे पानी से ही काम चलाया गया।
देर रात तक आपूर्ति नहीं शुरू हुई तो नागरिकों ने जलकल विभाग के जेई व अन्य कर्मचारियों से संपर्क करना शुरू किया। इस पर पता चला कि कार्य के चलते आपूर्ति बंद की गई है। शुक्रवार सुबह तक आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सुबह भी आपूर्ति न होने के कारण स्थिति बिगड़ना शुरू हो गई। देखते ही देखते स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों के साथ-साथ घरेलू कामकाज के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया। आलम यह हो गया कि लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। इस बीच लगातार शिकायतें मिलने पर नगर पालिका की ओर से एक टैंकर भी लगाया गया, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे पाइपलाइन को दुरुस्त कर टेस्टिंग शुरू की गई। इसके बाद शाम करीब छह बजे पूर्ण रूप से आपूर्ति बहाल कराई जा सकी।
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पहले से दी जानी थी सूचना
गृहिणी सुधा ने बताया कि हम लोगों को बिना पानी के 24 घंटे से ज्यादा गुजरना पड़ा। घर का सारा काम रुक गया था। नहाना, खाना बनाना सब बहुत मुश्किल हो गया। प्रशासन को चाहिए कि भविष्य में ऐसी समस्या होने से पहले हमें सूचित करें ताकि हम तैयारी कर सकें।
सारी दिनचर्या हुई प्रभावित
गृहिणी मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि जल आपूर्ति अचानक बंद हो गई और हमें पूरी तरह से हैरानी हुई। घर के पास कोई हैंडपंप नहीं है। नल सूखे होने से नहाना, कपड़े धोना, खाना बनाना सब कामकाज मुश्किल हो गया।
वार्ड में वर्षों पुरानी कम क्षमता वाली पेयजल पाइपलाइन को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा था। इस कार्य के तहत अधिक क्षमता वाली नई पाइप को मुख्य लाइन से जोड़ा जाना था। पाइपलाइन का रिप्लेसमेंट कार्य तय समय पर पूरा कर लिया गया, लेकिन मेन लाइन से कनेक्शन की प्रक्रिया तकनीकी है, जिसमें अतिरिक्त सावधानी और समय की आवश्यकता होती है। कार्य पूर्ण होने के साथ ही शुक्रवार दोपहर बाद जलापूर्ति सुचारु रूप से बहाल कर दी गई है।
- शैलेंद्र सिंह, अवर अभियंता जलकल
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नगर पालिका अकबरपुर के उसरहवा गांधीनगर वार्ड में पिछले काफी समय में पेयजल आपूर्ति की समस्या है। यहां कई इलाकों में पानी का प्रेशर काफी कम रहता है। इसे देखते हुए जलकल विभाग ने पटेलनगर पानी टंकी से आपूर्ति बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे रोक दी थी। हालांकि, इसकी सूचना मोहल्लेवासियों को नहीं दी गई थी। इसके बाद प्रेशर बढ़ाने के लिए पाइप लाइन बदलने का काम शुरू किया गया। शुरुआती दौर में लोगों को भरोसा था कि यह अस्थायी समस्या होगी और शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी। ऐसे में ज्यादातर घरों में रात तक घरेलू टंकियों में बचे पानी से ही काम चलाया गया।
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देर रात तक आपूर्ति नहीं शुरू हुई तो नागरिकों ने जलकल विभाग के जेई व अन्य कर्मचारियों से संपर्क करना शुरू किया। इस पर पता चला कि कार्य के चलते आपूर्ति बंद की गई है। शुक्रवार सुबह तक आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सुबह भी आपूर्ति न होने के कारण स्थिति बिगड़ना शुरू हो गई। देखते ही देखते स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों के साथ-साथ घरेलू कामकाज के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया। आलम यह हो गया कि लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। इस बीच लगातार शिकायतें मिलने पर नगर पालिका की ओर से एक टैंकर भी लगाया गया, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे पाइपलाइन को दुरुस्त कर टेस्टिंग शुरू की गई। इसके बाद शाम करीब छह बजे पूर्ण रूप से आपूर्ति बहाल कराई जा सकी।
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पहले से दी जानी थी सूचना
गृहिणी सुधा ने बताया कि हम लोगों को बिना पानी के 24 घंटे से ज्यादा गुजरना पड़ा। घर का सारा काम रुक गया था। नहाना, खाना बनाना सब बहुत मुश्किल हो गया। प्रशासन को चाहिए कि भविष्य में ऐसी समस्या होने से पहले हमें सूचित करें ताकि हम तैयारी कर सकें।
सारी दिनचर्या हुई प्रभावित
गृहिणी मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि जल आपूर्ति अचानक बंद हो गई और हमें पूरी तरह से हैरानी हुई। घर के पास कोई हैंडपंप नहीं है। नल सूखे होने से नहाना, कपड़े धोना, खाना बनाना सब कामकाज मुश्किल हो गया।
वार्ड में वर्षों पुरानी कम क्षमता वाली पेयजल पाइपलाइन को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा था। इस कार्य के तहत अधिक क्षमता वाली नई पाइप को मुख्य लाइन से जोड़ा जाना था। पाइपलाइन का रिप्लेसमेंट कार्य तय समय पर पूरा कर लिया गया, लेकिन मेन लाइन से कनेक्शन की प्रक्रिया तकनीकी है, जिसमें अतिरिक्त सावधानी और समय की आवश्यकता होती है। कार्य पूर्ण होने के साथ ही शुक्रवार दोपहर बाद जलापूर्ति सुचारु रूप से बहाल कर दी गई है।
- शैलेंद्र सिंह, अवर अभियंता जलकल

13.दैनिक कार्याें के लिए टैंकर से पानी भरने पहुंची युवती व महिला।संवाद

13.दैनिक कार्याें के लिए टैंकर से पानी भरने पहुंची युवती व महिला।संवाद

13.दैनिक कार्याें के लिए टैंकर से पानी भरने पहुंची युवती व महिला।संवाद

13.दैनिक कार्याें के लिए टैंकर से पानी भरने पहुंची युवती व महिला।संवाद