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चिकित्सकों व अधिवक्ताओं के बीच विवाद से अस्पताल में हंगामा
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अंबेडकरनगर। जिला अस्प्तताल में शनिवार पूर्वाह्न कुछ अधिवक्ताओं व चिकित्सकों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बीच मारपीट की नौबत आ गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। उधर, कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले में तहरीर नहीं मिली है।
शनिवार पूर्वाह्न सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी धनंजय (23) पुत्र आदित्य की विषाक्त पदार्थ खाने से तबियत खराब हो गई। उसे जिला अस्पताल अंबेडकरनगर में भर्ती कराया। पीड़ित युवक का हालचाल लेने कुछ अधिवक्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे। इसी बीच युवक की तबियत खराब होने लगी। इस पर अधिवक्ता संबंधित चिकित्सक डॉ. एसके वर्मा के पास गए जो कुछ देर पहले मरीज को देखकर गए थे। तबियत ज्यादा खराब होने का हवाला देकर चिकित्सक से फिर देख लेने को कहा। चिकित्सक ने कहा, अभी-अभी देखकर आए हैं। कुछ और मरीजों को देख लें, इसके बाद चलकर देख लेते हैं।
आरोप है कि अधिवक्ता तत्काल मरीज को देखने का दबाव बनाने लगे। चिकित्सक ने जब फौरन देखने से इंकार किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। मारपीट की नौबत भी आ गई। हंगामे के चलते मौके पर बड़ी संख्या में तीमारदार भी पहुंच गए। मामला आगे न बढ़े, इसके लिए अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया। कोतवाली प्रभारी नारदमुनि ने बताया कि किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं आई है।
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शनिवार पूर्वाह्न सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी धनंजय (23) पुत्र आदित्य की विषाक्त पदार्थ खाने से तबियत खराब हो गई। उसे जिला अस्पताल अंबेडकरनगर में भर्ती कराया। पीड़ित युवक का हालचाल लेने कुछ अधिवक्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे। इसी बीच युवक की तबियत खराब होने लगी। इस पर अधिवक्ता संबंधित चिकित्सक डॉ. एसके वर्मा के पास गए जो कुछ देर पहले मरीज को देखकर गए थे। तबियत ज्यादा खराब होने का हवाला देकर चिकित्सक से फिर देख लेने को कहा। चिकित्सक ने कहा, अभी-अभी देखकर आए हैं। कुछ और मरीजों को देख लें, इसके बाद चलकर देख लेते हैं।
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आरोप है कि अधिवक्ता तत्काल मरीज को देखने का दबाव बनाने लगे। चिकित्सक ने जब फौरन देखने से इंकार किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। मारपीट की नौबत भी आ गई। हंगामे के चलते मौके पर बड़ी संख्या में तीमारदार भी पहुंच गए। मामला आगे न बढ़े, इसके लिए अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया। कोतवाली प्रभारी नारदमुनि ने बताया कि किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं आई है।
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