{"_id":"6994a9db0da8bdf34c0d4fab","slug":"discussion-on-making-educational-activities-effective-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1009-150955-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर हुई चर्चा
Tue, 17 Feb 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:18 PM IST
विज्ञापन
आलापुर। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से न्याय पंचायत मरौचा रामनगर की संकुल स्तरीय बैठक मंगलवार को कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय कौड़ाही में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एआरपी ईशान श्रीवास्तव ने की।
मुख्य एजेंडा विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, आगामी वार्षिक परीक्षा की तैयारियों का आकलन और शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था। संकुल शिक्षक अंजीत कनौजिया ने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने का स्थान नहीं, बल्कि मूल्य आधारित शिक्षा के केंद्र हैं। संकुल शिक्षक तैयब अंसारी ने वार्षिक उपलब्धियों के संकलन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। एआरपी ईशान श्रीवास्तव ने मार्च माह में होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय देने और प्रतिदिन एक घंटा पुनरावृत्ति के लिए निर्धारित करने पर भी बल दिया गया। नोडल संकुल शिक्षक मुजफ्फर हुसैन ने ऐसी बैठकों को समन्वय और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विज्ञापन
मुख्य एजेंडा विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा, आगामी वार्षिक परीक्षा की तैयारियों का आकलन और शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था। संकुल शिक्षक अंजीत कनौजिया ने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने का स्थान नहीं, बल्कि मूल्य आधारित शिक्षा के केंद्र हैं। संकुल शिक्षक तैयब अंसारी ने वार्षिक उपलब्धियों के संकलन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। एआरपी ईशान श्रीवास्तव ने मार्च माह में होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए विशेष रणनीति पर जोर दिया। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय देने और प्रतिदिन एक घंटा पुनरावृत्ति के लिए निर्धारित करने पर भी बल दिया गया। नोडल संकुल शिक्षक मुजफ्फर हुसैन ने ऐसी बैठकों को समन्वय और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विज्ञापन