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Ambedkar Nagar News: महागौरी की आराधना को मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
Thu, 30 Mar 2023 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 30 Mar 2023 12:25 AM IST
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अकबरपुर नगर पालिका कार्यालय के निकट दुर्गा मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु। -संवाद
अंबेडकरनगर। नवरात्र के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने मां महागौरी की आराधना की। श्रद्धालुओं ने घरों में पूजन-अर्चन के साथ ही मंदिरों में भी माता के दरबार में माथा टेका। मंदिरों में सामूहिक दुर्गा चालीसा व दुर्गा सप्तशती पाठ का भी आयोजन हुआ। कई जगहों पर हवन-पूजन भी हुए।
अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे के पास स्थित गायत्री मंदिर, टांडा रोड स्थित दुर्गा मंदिर, शहजादपुर शिवालय स्थित दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर शहजादपुर व रतनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से ही माता रानी के जयकारे गूंजने लगे।
मां दुर्गा के आठवें स्वरूप की आराधना के लिए बड़ी संख्या में भक्त जुटे। इसमें नौ दिन का व्रत रखने वालों के साथ ही अंतिम दिन का व्रत रखने वाले श्रद्धालु भी शामिल रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
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अटिका निवासी कथावाचक पं. कृष्णमोहन शास्त्री बताते हैं कि महागौरी सौभाग्य, धन संपदा, सौंदर्य और स्त्रीजनित गुणों की अधिष्ठात्री हैं। भगवान शिव ने मां काली पर गंगाजल छिड़का था। इसके बाद वह महागौरी हो गईं। महागौरी सृष्टि का आधार एवं अखंड सौभाग्य की प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि विवाहिताओं को अनिवार्य रूप से महागौरी की आराधना करनी चाहिए।
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अकबरपुर पुराने तहसील तिराहे के पास स्थित गायत्री मंदिर, टांडा रोड स्थित दुर्गा मंदिर, शहजादपुर शिवालय स्थित दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर शहजादपुर व रतनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह से ही माता रानी के जयकारे गूंजने लगे।
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मां दुर्गा के आठवें स्वरूप की आराधना के लिए बड़ी संख्या में भक्त जुटे। इसमें नौ दिन का व्रत रखने वालों के साथ ही अंतिम दिन का व्रत रखने वाले श्रद्धालु भी शामिल रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
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अटिका निवासी कथावाचक पं. कृष्णमोहन शास्त्री बताते हैं कि महागौरी सौभाग्य, धन संपदा, सौंदर्य और स्त्रीजनित गुणों की अधिष्ठात्री हैं। भगवान शिव ने मां काली पर गंगाजल छिड़का था। इसके बाद वह महागौरी हो गईं। महागौरी सृष्टि का आधार एवं अखंड सौभाग्य की प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि विवाहिताओं को अनिवार्य रूप से महागौरी की आराधना करनी चाहिए।