फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Corona

ट्रूनेट किट का टोटा

Thu, 03 Sep 2020 10:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
Corona
अंबेडकरनगर। ट्रूनेट किट के अभाव में दो घंटे में कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल पाना आम मरीजों के लिए संभव नहीं है। इसके चलते ही जिले में ज्यादा जांचों का जोर आरटीपीसीआर व एंटीजन टेस्ट पर है। इमरजेंसी केस में ही अब तक टू नेट टू किट का प्रयोग किया जाता है। प्रतिदिन अधिकतम 25 किट का ही प्रयोग होता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पर्याप्त संख्या में ट्रूनेट किट उपलब्ध न होने के कारण ही आम नागरिकों की जांच अभी तक लटकी। यदि इस किट से जांच की जाए तो दो घंटे में रिपोर्ट मिल सकती है। जबकि अन्य किटों से होने वाली जांच की रिपोर्ट के लिए कम से कम दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बताते चलें कि जिले में कोरोना टेस्ट का कार्य तीन माध्यमों से हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा जांच आरटीपीसीआर व एंटीजन टेस्ट के माध्यम से हो रहा है। हालांकि इस जांच में रिपोर्ट के लिए नागरिकों को दो दिन का इंतजार करना पड़ता है। दो घंटे में जांच रिपोर्ट जानने के लिए ट्रूनेट किट की सुविधा है, लेकिन इसकी उपलब्धता पर्याप्त न होने के कारण प्रतिदिन अधिकतम 25 किट ही उपयोग किया जा रहा है। वह भी वीआईपी या फिर किसी इमरजेंसी केस में। ऐसे में जिले में प्रतिमाह लगभग 150 से 200 जांच ही इस किट से हो रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस जांच में खर्च अधिक आता है। दो घंटे में रिपोर्ट मिल जाती है।
विज्ञापन

परन्तु पर्याप्त स्टॉक अभी न होने के कारण इसे वीआईपी या फिर विशेष परिस्थितियों में करने का निर्देश है। प्रत्येक 15 दिन पर विभाग द्वारा यह किट उपलब्ध होती है। जिला अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डॉ एएम त्रिपाठी ने बताया कि पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण अभी आम नागरिकों की जांच इस किट से हो पाना संभव नहीं है। सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक यह सेवा जिला अस्पताल में उपलब्ध है। बताया कि यहां 15 से 16 व्यक्तियों की जांच ट्रूनेट से होती है। उधर राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ मनोज गुप्त के अनुसार 6 से 8 व्यक्तियों की जांच ट्रूनेट से हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन परिस्थितियों के बीच फिलहाल जिले में आरटीपीसीआर के माध्यम से नागरिकों की जांच तेजी से सुनिश्चित की जा रही है। इसमें प्रतिदिन जिला अस्पताल आने वाले नागरिकों की जांच हो रही है। इसमें भी लार का नमूना जांच के लिए लिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में लैब शुरु होने से रिपोर्ट आने में और जल्दी हो रही है। इसके अलावा एंटी जंक टेस्ट के जरिए भी बड़े पैमाने पर नागरिकों की कोरोना जांच की जा रही है। इस जांच में नागरिकों के नाक से जांच के लिए नमूना एकत्र किया जाता है। जिन माध्यम से जांच हो रही है, वह संतोषजनक हैं। आवश्यकतानुसार जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करायी जाती है। यदि कोई इमरजेंसी केस है तो उसकी जांच तत्परतापूर्वक इस किट से की जाती है।

जिले में कोरोना जांच तेजी के साथ चल रही है। जिन माध्यमों से मौजूदा समय में जांच हो रही है, वह सभी सही और संतोषजनक रिपोर्ट दे रहे हैं। फिलहाल रिपोर्ट जल्द प्राप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में स्थापित लैब भी शुरु हो चुका है। ट्रूनेट किट की उपलब्धता भी पर्याप्ता मात्रा में की जाएगी।
डॉ अशोक कुमार, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed