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नहीं मिली ठंड से राहत, दिनभर गलन के बीच ठिठुरते रहे लोग
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फोटो-11, अंबेडकरनगर के इल्तिफातगंज मार्ग पर शनिवार को ठंड व धुंध के बीच यात्रा करने को विवश लोग।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। घने कोहरे, बर्फीली हवाओं और हल्की धूप के बीच पारा तीन डिग्री तक पहुंच गया। हांड़कंपाऊ ठंड से लोग ठिठुरते रहे। लोग घरों में दुबके रहे। बाजारों में सन्नाटे का माहौल रहा। ठंड से बचाव के लिए लोग जगह जगह अलाव का सहारा लेते दिखे। दोपहर में धूप निकली, लेकिन गलन से राहत नहीं दे सकी। शाम होते होते एक बार फिर घने कोहरे का प्रकोप शुरू हो गया। उधर शीतलहर व घने कोहरे ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। दलहनी व तिलहनी फसलों को बचाने के लिए वे जुगत में लग गए हैं।
भीषण ठंड ने शनिवार को सभी को बेहाल कर दिया। लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। भोर से ही घने कोहरे व गलन का प्रकोप शुरू हो गया। दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर में धूप तो निकली, लेकिन गलन में कोई कमी नहीं हुई। कहीं प्रशासन द्वारा उपलब्ध अलाव जल रहे थे तो कहीं लोगों ने खुद व्यवस्था कर रखी थी। कड़ाके की ठंड का ही नतीजा रहा कि बाजारों में लगभग पूरे दिन सन्नाटे का माहौल रहा। लोगों के बाजारों की तरफ रुख न करने से व्यवसाय पर भी अब प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि यदि ऐसे ही ठंड जारी रही तो इसका बड़ा असर व्यवसाय पर पड़ सकता है।
गलन व कोहरे से दलहनी व तिलहनी फसलों को बचाने में किसान जुट गए हैं। दरअसल मौजूदा समय में दलहनी व तिलहनी फसलों में फूलों का आना प्रारंभ हो गया है। जिस प्रकार से घने कोहरे का प्रकोप जारी है, उससे फूलों का झड़ना प्रारंभ हो गया है। ऐसे में कोहरे का असर उपज पर न पड़े, इसके लिए किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। किसान अनंतराम व दीपचंद्र ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक के कहने पर उन्होंने खेतों में राख का छिड़काव शुरू कर दिया है। किसान बेनीप्रसाद व अखिलेश ने कहा कि उन्होंने सल्फर समेत अन्य दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है। कहा कि यदि इसी प्रकार से कोहरे का प्रकोप जारी रहा तो इसका प्रतिकूल प्रभाव उपज पर पड़ेगा।
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कड़ाके की ठंड से जहां अन्य व्यवसाय प्रभावित हुए हैं, वहीं गर्म कपड़ों के व्यवसाय पर पंख लग गया है। गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ चढ़कर हो रही है। शहजादपुर के गर्म कपड़ा व्यवसायी दयाराम व गोलू अग्रहरि ने कहा कि पिछले वर्ष का स्टॉक तो समाप्त हुआ ही, इस वर्ष भी अब तक तीन बार गर्म कपड़ों की खेप मंगा चुके हैं। कहा कि बीते कई वर्षों के बाद इस तरह की ठंड पड़ी है। इतनी ठंड का अनुमान उन्हें नहीं था। नई सड़क पर सड़क के किनारे गर्म कपड़ों की दुकान लगाने वाले इसहाक व मोहम्मद नजीब ने कहा कि गर्म कपड़ों की जबरदस्त बिक्री हो रही है। इसमें पुराना स्टॉक भी समाप्त हो गया है।
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भीषण ठंड ने शनिवार को सभी को बेहाल कर दिया। लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। भोर से ही घने कोहरे व गलन का प्रकोप शुरू हो गया। दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर में धूप तो निकली, लेकिन गलन में कोई कमी नहीं हुई। कहीं प्रशासन द्वारा उपलब्ध अलाव जल रहे थे तो कहीं लोगों ने खुद व्यवस्था कर रखी थी। कड़ाके की ठंड का ही नतीजा रहा कि बाजारों में लगभग पूरे दिन सन्नाटे का माहौल रहा। लोगों के बाजारों की तरफ रुख न करने से व्यवसाय पर भी अब प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि यदि ऐसे ही ठंड जारी रही तो इसका बड़ा असर व्यवसाय पर पड़ सकता है।
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गलन व कोहरे से दलहनी व तिलहनी फसलों को बचाने में किसान जुट गए हैं। दरअसल मौजूदा समय में दलहनी व तिलहनी फसलों में फूलों का आना प्रारंभ हो गया है। जिस प्रकार से घने कोहरे का प्रकोप जारी है, उससे फूलों का झड़ना प्रारंभ हो गया है। ऐसे में कोहरे का असर उपज पर न पड़े, इसके लिए किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। किसान अनंतराम व दीपचंद्र ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक के कहने पर उन्होंने खेतों में राख का छिड़काव शुरू कर दिया है। किसान बेनीप्रसाद व अखिलेश ने कहा कि उन्होंने सल्फर समेत अन्य दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है। कहा कि यदि इसी प्रकार से कोहरे का प्रकोप जारी रहा तो इसका प्रतिकूल प्रभाव उपज पर पड़ेगा।
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कड़ाके की ठंड से जहां अन्य व्यवसाय प्रभावित हुए हैं, वहीं गर्म कपड़ों के व्यवसाय पर पंख लग गया है। गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ चढ़कर हो रही है। शहजादपुर के गर्म कपड़ा व्यवसायी दयाराम व गोलू अग्रहरि ने कहा कि पिछले वर्ष का स्टॉक तो समाप्त हुआ ही, इस वर्ष भी अब तक तीन बार गर्म कपड़ों की खेप मंगा चुके हैं। कहा कि बीते कई वर्षों के बाद इस तरह की ठंड पड़ी है। इतनी ठंड का अनुमान उन्हें नहीं था। नई सड़क पर सड़क के किनारे गर्म कपड़ों की दुकान लगाने वाले इसहाक व मोहम्मद नजीब ने कहा कि गर्म कपड़ों की जबरदस्त बिक्री हो रही है। इसमें पुराना स्टॉक भी समाप्त हो गया है।