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खाद की कालाबाजारी में 28 दुकानों के लाइसेंस निलंबित
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अंबेडकरनगर। खाद की कालाबाजारी के आरोप में जिले के 28 निजी खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन सभी को नोटिस जारी कर कहा गया है कि यदि जल्द ही उचित जवाब नहीं दिया गया तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच खाद की कालाबाजारी के आरोप में ही एफआईआर दर्ज होने के चलते दो साधन सहकारी समिति के सचिवों को भी पद से हटा दिया गया है। पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र के प्रभारी के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र ने खाद वितरण से जुड़े सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी कर कहा है कि यदि एक बोरी खाद की भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित व्यापारी व कर्मचारी के विरुद्ध केस दर्ज कराकर गिरफ्तार करा दिया जाएगा।
खाद वितरण को लेकर शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन कराने के लिए जिले में प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्टिव मोड में है। बीते कई दिनों से जिले में लगातार स्टिंग ऑपरेशन, छापामारी व गोपनीय जांच का दौर चला आ रहा है। इसमें कई व्यापारी व कर्मचारी खाद की कालाबाजारी में पकड़े जा चुके हैं। डीएम के निर्देश के क्रम में केस भी दर्ज कराया गया है। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र के निर्देश के बाद कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी करने आदि के आरोप में लिप्त 28 निजी दुकानदारों के खाद वितरण का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. धर्मराज सिंह ने टांडा, आलापुर, जलालपुर, अकबरपुर व भीटी के अलग-अलग निजी खाद विक्रेताओं के नाम आदेश जारी करते हुए कहा गया कि खाद वितरण में मनमानी करने, अधिक दाम वसूलने, नियमों का पालन न करने आदि मामले में लाइसेंस निलंबित किया जा रहा है।
एक सप्ताह के अंदर यदि समुचित स्पष्टीकरण न दिया गया तो उर्वरक नियंत्रक आदेश 1985 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसमें लाइसेंस को पूरी तरह निरस्त कर दिया जाता है। इस बीच सहायक आयुक्त सहकारिता प्रवीण कुमार ने अजमेरी बादशाहपुर साधन सहकारी समिति के सचिव कपीशचंद्र चतुर्वेदी तथा साधन सहकारी समिति चंदनपुर के सचिव गिरीशनरायन तिवारी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया। इन दोनों पर भी मनमाने ढंग से ग्रामीणों के नाम खाद का आवंटन करने का मामला पाया गया, जबकि उनके पास पर्याप्त खेत नहीं थे। दोनों समितियों का चार्ज अलग अलग समिति के सचिवों को सौंप दिया गया। उधर, पीसीएफ जिला प्रबंधक ने कार्यकारी निदेशक लखनऊ को पत्र लिखकर कृषक सेवा केंद्र सुरहुरपुर के प्रभारी सुरेंद्रनाथ मिश्रक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। कहा गया कि मनमाने ढंग से किसानों के नाम खाद के आवंटन के मामले में मालीपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है। ऐसे में विभागीय कार्रवाई पर निर्णय लिए जाने की जरूरत है।
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जिले में किसी भी निजी दुकान या सरकारी प्रतिष्ठान पर एक बोरी खाद की भी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। यह राज्य सरकार का सख्त निर्देश है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। जिले में इसे प्रभावी ढंग से लागू कराया जा रहा है। यदि किसी ने भी बाधा पैदा की तो उस पर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
- राकेश कुमार मिश्र, डीएम
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खाद वितरण को लेकर शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन कराने के लिए जिले में प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्टिव मोड में है। बीते कई दिनों से जिले में लगातार स्टिंग ऑपरेशन, छापामारी व गोपनीय जांच का दौर चला आ रहा है। इसमें कई व्यापारी व कर्मचारी खाद की कालाबाजारी में पकड़े जा चुके हैं। डीएम के निर्देश के क्रम में केस भी दर्ज कराया गया है। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र के निर्देश के बाद कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी करने आदि के आरोप में लिप्त 28 निजी दुकानदारों के खाद वितरण का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. धर्मराज सिंह ने टांडा, आलापुर, जलालपुर, अकबरपुर व भीटी के अलग-अलग निजी खाद विक्रेताओं के नाम आदेश जारी करते हुए कहा गया कि खाद वितरण में मनमानी करने, अधिक दाम वसूलने, नियमों का पालन न करने आदि मामले में लाइसेंस निलंबित किया जा रहा है।
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एक सप्ताह के अंदर यदि समुचित स्पष्टीकरण न दिया गया तो उर्वरक नियंत्रक आदेश 1985 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसमें लाइसेंस को पूरी तरह निरस्त कर दिया जाता है। इस बीच सहायक आयुक्त सहकारिता प्रवीण कुमार ने अजमेरी बादशाहपुर साधन सहकारी समिति के सचिव कपीशचंद्र चतुर्वेदी तथा साधन सहकारी समिति चंदनपुर के सचिव गिरीशनरायन तिवारी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया। इन दोनों पर भी मनमाने ढंग से ग्रामीणों के नाम खाद का आवंटन करने का मामला पाया गया, जबकि उनके पास पर्याप्त खेत नहीं थे। दोनों समितियों का चार्ज अलग अलग समिति के सचिवों को सौंप दिया गया। उधर, पीसीएफ जिला प्रबंधक ने कार्यकारी निदेशक लखनऊ को पत्र लिखकर कृषक सेवा केंद्र सुरहुरपुर के प्रभारी सुरेंद्रनाथ मिश्रक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। कहा गया कि मनमाने ढंग से किसानों के नाम खाद के आवंटन के मामले में मालीपुर थाने में केस दर्ज कराया गया है। ऐसे में विभागीय कार्रवाई पर निर्णय लिए जाने की जरूरत है।
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जिले में किसी भी निजी दुकान या सरकारी प्रतिष्ठान पर एक बोरी खाद की भी गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। यह राज्य सरकार का सख्त निर्देश है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। जिले में इसे प्रभावी ढंग से लागू कराया जा रहा है। यदि किसी ने भी बाधा पैदा की तो उस पर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
- राकेश कुमार मिश्र, डीएम