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भाजपा ने बाकी तीनों सीटों पर भी तय किए प्रत्याशी
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अंबेडकरनगर। भारतीय जनता पार्टी ने जिले की बाकी तीनों सीटों पर भी प्रत्याशी तय कर दिए हैं। लखनऊ और दिल्ली में हुई बैठकों में नामों पर मुहर लगने के बाद टांडा, आलापुर व अकबरपुर सीट से जुड़े सभी दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में लौट वापस आए हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले दो दिन के अंदर कभी भी पार्टी इन तीनों सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। तीनों सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम का इंतजार भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही दूसरी पार्टियों को भी था।
पांच सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा को अभी भी तीन सीट पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा करनी है। इनमें से दो सीट पर पार्टी के वर्तमान विधायक हैं। इसके बावजूद पार्टी को टिकट की घोषणा करने में बड़े पैमाने पर माथा-पच्ची करनी पड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी पर दोनों विधायकों का टिकट काटे जाने का दबाव था। सूत्रों के अनुसार प्रदेश की कई अन्य सीटों पर भी विधायकों का टिकट काटे जाने की नौबत बनी थी, लेकिन बाद में उनमें से कई सीटों पर निर्णय बदलना पड़ा। कुछ ऐसी ही स्थिति अंबेडकरनगर में भी बनी हुई है। शुरुआती दौर से ही यह चर्चा प्रबल रही कि टांडा व आलापुर दोनों सिटिंग विधायकों को इस बार टिकट नहीं मिलेगा। हालांकि नामांकन का समय नजदीक आने के साथ ही यह तय हो चला है कि फिलहाल एक विधायक का टिकट कटने जा रहा है। दूसरे विधायक पर लटकी तलवार सपा से कुर्मी वर्ग का प्रत्याशी आ जाने के चलते हट जाने की उम्मीद प्रबल हो गई है। ऐसे में दूसरे विधायक का टिकट बच सकता है।
इस बीच खबर है कि भाजपा ने टांडा, आलापुर व अकबरपुर तीनों सीट पर प्रत्याशी तय कर लिए हैं। जरूरी विचार विमर्श, सभी समीकरणों तथा प्रत्याशियों की छवि आदि को लेकर पूरी कर ली गई है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला परिणाम अकबरपुर सीट पर टिकट देने को लेकर हो सकता है। दरअसल अकबरपुर सीट पर पहले जिन तमाम दावेदारों ने आवेदन किया था, उनमेें से लगभग सभी को पार्टी ने चुनाव लड़ने योग्य नहीं पाया। बाद में एक सक्रिय महिला नेता का नाम पार्टी नेताओं ने आगे बढ़ाया। इसके बाद से अकबरपुर में टिकट की जंग भी रोचक हो चली है। यहां से एक पूर्व मंत्री का नाम है, लेकिन दूसरी विधानसभा क्षेत्र का होने के चलते उनके उतना प्रभावी होने की उम्मीद पार्टी को भी नहीं है। इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए ही पार्टी ने जो नाम तय किए हैं, उसे सामने आने तक न सिर्फ दावेदारों की उत्सुकता बढ़ी हुई है, वरन दूसरे दलों की भी निगाह टिकी है। माना जा रहा है कि अगले दो दिन के भीतर भाजपा किसी भी समय अपने तीनों प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है।
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पांच सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा को अभी भी तीन सीट पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा करनी है। इनमें से दो सीट पर पार्टी के वर्तमान विधायक हैं। इसके बावजूद पार्टी को टिकट की घोषणा करने में बड़े पैमाने पर माथा-पच्ची करनी पड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी पर दोनों विधायकों का टिकट काटे जाने का दबाव था। सूत्रों के अनुसार प्रदेश की कई अन्य सीटों पर भी विधायकों का टिकट काटे जाने की नौबत बनी थी, लेकिन बाद में उनमें से कई सीटों पर निर्णय बदलना पड़ा। कुछ ऐसी ही स्थिति अंबेडकरनगर में भी बनी हुई है। शुरुआती दौर से ही यह चर्चा प्रबल रही कि टांडा व आलापुर दोनों सिटिंग विधायकों को इस बार टिकट नहीं मिलेगा। हालांकि नामांकन का समय नजदीक आने के साथ ही यह तय हो चला है कि फिलहाल एक विधायक का टिकट कटने जा रहा है। दूसरे विधायक पर लटकी तलवार सपा से कुर्मी वर्ग का प्रत्याशी आ जाने के चलते हट जाने की उम्मीद प्रबल हो गई है। ऐसे में दूसरे विधायक का टिकट बच सकता है।
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इस बीच खबर है कि भाजपा ने टांडा, आलापुर व अकबरपुर तीनों सीट पर प्रत्याशी तय कर लिए हैं। जरूरी विचार विमर्श, सभी समीकरणों तथा प्रत्याशियों की छवि आदि को लेकर पूरी कर ली गई है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला परिणाम अकबरपुर सीट पर टिकट देने को लेकर हो सकता है। दरअसल अकबरपुर सीट पर पहले जिन तमाम दावेदारों ने आवेदन किया था, उनमेें से लगभग सभी को पार्टी ने चुनाव लड़ने योग्य नहीं पाया। बाद में एक सक्रिय महिला नेता का नाम पार्टी नेताओं ने आगे बढ़ाया। इसके बाद से अकबरपुर में टिकट की जंग भी रोचक हो चली है। यहां से एक पूर्व मंत्री का नाम है, लेकिन दूसरी विधानसभा क्षेत्र का होने के चलते उनके उतना प्रभावी होने की उम्मीद पार्टी को भी नहीं है। इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए ही पार्टी ने जो नाम तय किए हैं, उसे सामने आने तक न सिर्फ दावेदारों की उत्सुकता बढ़ी हुई है, वरन दूसरे दलों की भी निगाह टिकी है। माना जा रहा है कि अगले दो दिन के भीतर भाजपा किसी भी समय अपने तीनों प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है।
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