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कहीं भी नहीं दिखी पुलिस चौकसी

Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
AmbedkarNagar
AmbedkarNagar Updated Sat, 23 Feb 2013 05:30 AM IST
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कहीं भी नहीं दिखी पुलिस चौकसी
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d अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। हैदराबाद सीरियल ब्लास्ट के बाद किए गए हाई अलर्ट के बाद भी शुक्रवार को जिले में पुलिसकर्मियों के बीच बेफिक्री का आलम पसरा दिखा।
पूर्व में अयोध्या में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के अकबरपुर में ही रुकने व कई अन्य मामलों के सामने आने के चलते यह पुष्टि भी हो चुकी है कि अंबेडकरनगर जनपद अत्यंत संवेदनशील है। इसके बाद भी शुक्रवार को सार्वजनिक स्थानों पर कोई खास एहतियात नहीं दिखी। यह बात अलग है कि विस्फोट के कुछ देर बाद ही गुरुवार देर रात कई होटलों, ढाबों व सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सघन छापेमारी अभियान चला था। वाहनों को रोककर तलाशी भी ली गई। यह अभियान शुक्रवार को भी जारी रहना चाहिए था। ‘अमर उजाला’ की टीम शुक्रवार को दिनभर नगर में हालात का जायजा लेती रही, लेकिन कहीं भी पुलिस की सक्रि यता नजर नहीं आई। जनपद न्यायालय, कलेक्ट्रेट, अस्पताल व बस और रेलवे स्टेशन आदि जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी कोई खास सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी।
जनपद न्यायालय के मुख्य गेट पर टीम पहुंची तो वहां वादकारियों की आवाजाही दिखाई दी। मुख्य गेट के सामने ही दर्जनों गाड़ियां खड़ी थीं। किसी आपात परिस्थिति में इस गेट से सुरक्षित निकलने में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से यहां गेट के बाहर कोई भी पुलिस बल मौजूद नहीं था। लोग बेरोकटोक अंदर बाहर जा रहे थे। यह हाल तब है जबकि पूर्व में कई बार आतंकी न्यायालय परिसरों को अपना निशाना बना चुके हैं। इस बेफिक्री पर कई अधिवक्ताओं ने नाराजगी भी जताई। अधिवक्ता विशाल सिंह व आनंद द्विवेदी ने कहा कि पुलिस की इसी लापरवाही का फायदा आतंकी व असामाजिक तत्व उठाते रहते हैं। कहा कि हाई अलर्ट होने के बाद भी पुलिस का ध्यान इस तरफ न जाना चिंताजनक है।
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अकबरपुर तहसील का मुख्य गेट पूरी तरह खुला हुआ था। टीम वहां पहुंची तो एक ग्रामीण अंदर जाता हुआ दिखा। जबकि दो लोग बाहर आ रहे थे। गेट के बाहर कुछ और लोग आते हुए दिखे। बाद में वे भी तहसील परिसर में बेरोक टोक प्रवेश कर गए। टीम यहां से अंदर बढ़ी तो तहसील के मुख्य भवन पर भी कोई अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी। न तो यहां किसी की कोई चेकिंग चल रही थी, और न ही आने जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही थी। यह वह कार्यालय है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग अपने-अपने कार्यों से यहां पहुंचते हैं। किसी भी अप्रिय वारदात को अंजाम देना यहां आसान लक्ष्य हो सकता है। इसके बाद भी इसकी चिंता पुलिस को नहीं दिखी। रामपुर से शिवमूरत, देवीप्रसाद व सैदापुर से आए रामअवतार ने कहा कि भइय्या इसी प्रकार की कार्यप्रणाली के चलते ही देश को लगातार मजबूत होते आतंकवाद का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में अमर उजाला टीम पहुंची, तो वहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। प्रवेश द्वार से लेकर अस्पताल के मुख्य गेट पर सुरक्षा नहीं थी। टीम ने इमरजेंसी की तरफ रुख किया तो वहां भी कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। भीड़-भाड़ की लिहाज से अस्पताल परिसर भी साफ्ट टारगेट साबित हो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां भी सुबह से शाम तक मरीजों व तीमारदारों की भारी भीड़ जुटी रहती है। पूर्व में अस्पताल परिसर में मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी हैं। एक बार तो यहां हमलावरों ने पीट-पीट कर एक व्यक्ति को मार डाला था। इन घटनाओं के बाद यहां दिन में पुलिस की ड्यूटी लगाए जाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन दो तीन दिन तक ही वह निर्णय प्रभावी रह सका था। हाई अलर्ट के बाद भी यहां सब कुछ पहले जैसा ही था। बदला था तो सिर्फ मरीजों का आक्रोश। खजुरी से आए मरीज रामप्रकाश ने कहा कि यह तो लापरवाही की हद है।
अकबरपुर नगर में बस स्टेशन सर्वाधिक भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र है। बस स्टेशन के साथ यहां कई दुकानें भी हैं। इसके चलते यहां सुबह से शाम तक चहल-पहल बनी रहती है। यूं तो यहां ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अलावा सिविल पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन शुक्रवार को कोई सिविल पुलिसकर्मी नहीं दिखा। टीम यहां पर लगभग 15 मिनट रही। परिवहन बस यहां एक-एक कर आती और जाती रहीं। यात्रियों के बस पर चढ़ने व उतरने का सिलसिला जारी रहा। तमाम यात्रियों के पास बैग व गठरी भी मौजूद थी। इसकी जांच करने की परवाह किसी को नहीं थी। याद दिलाना महत्वपूर्ण होगा कि लगभग 6 वर्ष पूर्व अयोध्या में हुए धमाके में शामिल रहे आतंकियों ने अकबरपुर में रुकने के दौरान इसी प्रकार बस व अन्य परिवहन सेवाओं का सहारा लिया था।

हाई अलर्ट के मद्देनजर गुरुवार को मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया था। मैं स्वयं निरीक्षण अभियान पर निकला था। सभी प्रमुख स्थानों पर जांच की गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक और सीओ ने भी जांच अभियान में भाग लिया था। शुक्रवार को प्रात: भी जांच अभियान चला था। पर्याप्त एहतियात बरता जा रहा है। पुलिस कर्मियों को फिर से लगातार जांच करने व सजग रहने का निर्देश दिया जाएगा। - डीपी श्रीवास्तव]पुलिस अधीक्षक
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