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बदइंतजामी से सर्जन से इलाज के बगैर वापस लौटे मरीज
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:49 PM IST
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अंबेडकरनगर। तीन सर्जन के सापेक्ष दो सर्जन के जिला अस्पताल न पहुंचने तथा एक सर्जन के ऑपरेशन कक्ष में होने से बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। चिकित्सक के न होने से करीब 80 मरीज मायूस होकर चले गए। मरीजों व उनके तीमारदारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों के हित को देखते हुए चिकित्सक की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी।
बुधवार सुबह जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इलाज के लिए मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। कुछ मरीज ऐसे थे, जिनका इलाज सर्जन चिकित्सक से संबंधित था। वे सभी सर्जन कक्ष के समक्ष खड़े हो गए। कक्ष का ताला तो खुला था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी संबंधित चिकित्सक कुर्सी तक नहीं पहुंच सके। धीरे-धीरे मरीजों व तीमारदारों का धैर्य जवाब देने लगा। अस्पताल कर्मचारियों से जानकारी की, तो पता चला कि डॉ. नंदलाल की ओपीडी में ड्यूटी है। बताते चलें कि जिला अस्पताल में तीन सर्जन डॉ. नंदलाल, डॉ. वीवी गौतम व डॉ. विजय तिवारी की तैनाती है। बुधवार को डॉ. वीवी गौतम अवकाश पर थे, तो डॉ. विजय तिवारी ऑपरेशन कक्ष में थे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. नंदलाल जब काफी देर तक अस्पताल नहीं पहुंचे, तो कुछ तीमारदारों ने उनसे फोन पर संपर्क किया। इस पर डॉ. नंदलाल ने जवाब दिया कि उनकी 2 बजे से इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। इसके चलते ही वह इस समय नहीं आ सकेंगे। यदि उन्हें दिखाना है, तो दो बजे तक इंतजार करें।
इस पर करीब 80 मरीज बगैर दिखाए ही मायूस होकर लौट गए। मिझौड़ा से आए मरीज जगदंबा प्रसाद ने कहा कि ड्यूटी लगाने को लेकर अस्पताल प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए। मरीजों के हित को देखते हुए चिकित्सक की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी। जलालपुर से आई तीमारदार रेखा देवी ने कहा कि चिकित्सक के न होने से उन्हें मायूस होकर मरीज को लेकर वापस लौटना पड़ रहा है। मरीजों ने कहा कि ड्यूटी लगाने तथा अवकाश देने आदि के मामलों में ऐसा सामंजस्य रखना चाहिए कि ओपीडी प्रभावित न होने पाए। यह अस्पताल प्रशासन की लापरवाही है, जो अक्सर देखने को मिलती है।
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मरीजों को दी गई थी जानकारी
डॉ. वीवी गौतम के अवकाश पर होने व डॉ. विजय तिवारी के ऑपरेशन कक्ष में होने के चलते डॉ. नंदलाल की ड्यूटी ओपीडी में लगाई थी। 2 बजे से इमरजेंसी में भी उन्हीं ड्यूटी थी। मरीजों को जानकारी दी गई थी कि दो बजे डॉ. नंदलाल इमरजेंसी कक्ष में बैठेंगे। ऐसे में वे निर्धारित समय पर इलाज करा सकते हैं। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस
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बुधवार सुबह जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इलाज के लिए मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। कुछ मरीज ऐसे थे, जिनका इलाज सर्जन चिकित्सक से संबंधित था। वे सभी सर्जन कक्ष के समक्ष खड़े हो गए। कक्ष का ताला तो खुला था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी संबंधित चिकित्सक कुर्सी तक नहीं पहुंच सके। धीरे-धीरे मरीजों व तीमारदारों का धैर्य जवाब देने लगा। अस्पताल कर्मचारियों से जानकारी की, तो पता चला कि डॉ. नंदलाल की ओपीडी में ड्यूटी है। बताते चलें कि जिला अस्पताल में तीन सर्जन डॉ. नंदलाल, डॉ. वीवी गौतम व डॉ. विजय तिवारी की तैनाती है। बुधवार को डॉ. वीवी गौतम अवकाश पर थे, तो डॉ. विजय तिवारी ऑपरेशन कक्ष में थे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. नंदलाल जब काफी देर तक अस्पताल नहीं पहुंचे, तो कुछ तीमारदारों ने उनसे फोन पर संपर्क किया। इस पर डॉ. नंदलाल ने जवाब दिया कि उनकी 2 बजे से इमरजेंसी में ड्यूटी लगी है। इसके चलते ही वह इस समय नहीं आ सकेंगे। यदि उन्हें दिखाना है, तो दो बजे तक इंतजार करें।
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इस पर करीब 80 मरीज बगैर दिखाए ही मायूस होकर लौट गए। मिझौड़ा से आए मरीज जगदंबा प्रसाद ने कहा कि ड्यूटी लगाने को लेकर अस्पताल प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए। मरीजों के हित को देखते हुए चिकित्सक की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी। जलालपुर से आई तीमारदार रेखा देवी ने कहा कि चिकित्सक के न होने से उन्हें मायूस होकर मरीज को लेकर वापस लौटना पड़ रहा है। मरीजों ने कहा कि ड्यूटी लगाने तथा अवकाश देने आदि के मामलों में ऐसा सामंजस्य रखना चाहिए कि ओपीडी प्रभावित न होने पाए। यह अस्पताल प्रशासन की लापरवाही है, जो अक्सर देखने को मिलती है।
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मरीजों को दी गई थी जानकारी
डॉ. वीवी गौतम के अवकाश पर होने व डॉ. विजय तिवारी के ऑपरेशन कक्ष में होने के चलते डॉ. नंदलाल की ड्यूटी ओपीडी में लगाई थी। 2 बजे से इमरजेंसी में भी उन्हीं ड्यूटी थी। मरीजों को जानकारी दी गई थी कि दो बजे डॉ. नंदलाल इमरजेंसी कक्ष में बैठेंगे। ऐसे में वे निर्धारित समय पर इलाज करा सकते हैं। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस