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खतरे से 52 सेमी ऊपर सरयू, नौ बाढ़ चौकियां हुई अलर्ट
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:49 PM IST
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टांडा/केदारनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर पहुंच गया है। आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए इस बीच टांडा तहसील में सभी नौ बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। इन चौकियों पर कर्मचारियों को बने रहने का निर्देश देने के साथ ही बाढ़ की संभावना वाले गांव में कर्मचारियों की टीम भी प्रशासन ने भेजी है। जिलास्तर पर टांडा व आलापुर दोनों तहसीलों में नदी की स्थिति को लेकर लागतार नजर रखी जा रही है।
सरयू नदी अब रौद्ररूप धारण करती जा रही है। नदी के पानी में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है। बुधवार शाम को नदी का पानी खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को बीते 24 घंटे के भीतर नदी के पानी में तीन गुना की वृद्धि दर्ज हुई थी। मंगलवार शाम होते होते नदी का पानी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 37 सेमी ऊपर बह रहा था। मंगलवार आधी रात के बाद फिर से जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई। रात दो बजे नदी का पानी खतरे के निशान से 48 सेमी ऊपर था। इसके बाद सुबह तक पानी स्थिर बना हुआ था। उम्मीद जताई गई कि दोपहर के आसपास एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होगी। हालांकि उम्मीदों के विपरीत दोपहर 12 बजे भी नदी का पानी 48 सेमी ऊपर ही बह रहा था। अपराह्न 3 बजे के बाद जलस्तर में फिर से बढ़ोत्तरी दर्ज होना शुरू हुई। शाम 6 बजे नदी के पानी की माप हुई, तो वह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर 93.25 मीटर पर था।
इस बीच नदी के जलस्तर में हो रही तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। सभी नौ बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। कर्मचारियों की तैनाती करते हुए उन्हें मौजूदगी बनाए रखने को कहा गया है। एसडीएम पंकज सिंह ने बुधवार को सीओ वीके श्रीवास्तव के साथ बाढ़ चौकियों का जायजा लेकर तय किया कि वहां जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावितों को सुविधापूर्वक लाया जा सके। उधर डीएम सुरेश कुमार के निर्देश पर बाढ़ संभावित गांवों में ग्रामस्तरीय कर्मचारियों की टीम उतारी गई है। गांवों में तैनात होने वाले कर्मचारियों को कहा गया है कि वे गांव का भ्रमण करें और कहीं भी किसी जरूरत को महसूस करें, तो उससे अधिकारियों को अवगत कराएं।
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बढ़ाई गईं तीन नाव
टांडा तहसील में बाढ़ की संभावना को देखते हुए तीन नाव बढ़ा दी गई है। गत वर्ष कुल 11 नावों का प्रबंध तहसील में था। इस बार कुल 14 नाव की व्यवस्था प्रशासन ने की है। एसडीएम ने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार की मुश्किलों का सामना न करना पड़े। इस बीच गांवों की तरफ तेजी से पानी बढने को देखते हुए ग्रामीणों ने नावों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। निजी स्तर पर भी ग्रामीणों ने नावों की तैयारी कर ली है, जिससे उन्हें एक पार से दूसरे पार जाने के लिए किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
पल-पल पर है नजर
नदी का पानी 50 सेमी से ऊपर पहुंचा है। यह जानकारी मिली है। अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा स्थिति पर पल-पल की नजर है। अभी किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा है। -सुरेश कुमार, डीएम
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सरयू नदी अब रौद्ररूप धारण करती जा रही है। नदी के पानी में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है। बुधवार शाम को नदी का पानी खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को बीते 24 घंटे के भीतर नदी के पानी में तीन गुना की वृद्धि दर्ज हुई थी। मंगलवार शाम होते होते नदी का पानी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 37 सेमी ऊपर बह रहा था। मंगलवार आधी रात के बाद फिर से जलस्तर में वृद्धि शुरू हुई। रात दो बजे नदी का पानी खतरे के निशान से 48 सेमी ऊपर था। इसके बाद सुबह तक पानी स्थिर बना हुआ था। उम्मीद जताई गई कि दोपहर के आसपास एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होगी। हालांकि उम्मीदों के विपरीत दोपहर 12 बजे भी नदी का पानी 48 सेमी ऊपर ही बह रहा था। अपराह्न 3 बजे के बाद जलस्तर में फिर से बढ़ोत्तरी दर्ज होना शुरू हुई। शाम 6 बजे नदी के पानी की माप हुई, तो वह खतरे के निशान से 52 सेमी ऊपर 93.25 मीटर पर था।
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इस बीच नदी के जलस्तर में हो रही तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। सभी नौ बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। कर्मचारियों की तैनाती करते हुए उन्हें मौजूदगी बनाए रखने को कहा गया है। एसडीएम पंकज सिंह ने बुधवार को सीओ वीके श्रीवास्तव के साथ बाढ़ चौकियों का जायजा लेकर तय किया कि वहां जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावितों को सुविधापूर्वक लाया जा सके। उधर डीएम सुरेश कुमार के निर्देश पर बाढ़ संभावित गांवों में ग्रामस्तरीय कर्मचारियों की टीम उतारी गई है। गांवों में तैनात होने वाले कर्मचारियों को कहा गया है कि वे गांव का भ्रमण करें और कहीं भी किसी जरूरत को महसूस करें, तो उससे अधिकारियों को अवगत कराएं।
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बढ़ाई गईं तीन नाव
टांडा तहसील में बाढ़ की संभावना को देखते हुए तीन नाव बढ़ा दी गई है। गत वर्ष कुल 11 नावों का प्रबंध तहसील में था। इस बार कुल 14 नाव की व्यवस्था प्रशासन ने की है। एसडीएम ने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार की मुश्किलों का सामना न करना पड़े। इस बीच गांवों की तरफ तेजी से पानी बढने को देखते हुए ग्रामीणों ने नावों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। निजी स्तर पर भी ग्रामीणों ने नावों की तैयारी कर ली है, जिससे उन्हें एक पार से दूसरे पार जाने के लिए किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
पल-पल पर है नजर
नदी का पानी 50 सेमी से ऊपर पहुंचा है। यह जानकारी मिली है। अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा स्थिति पर पल-पल की नजर है। अभी किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा है। -सुरेश कुमार, डीएम