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अतिकुपोषित बच्चों के इलाज में बरतें सावधानी
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:36 AM IST
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर के मीरानपुर स्थित संयुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में मंगलवार को आशा बहुओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उन्हें अति कुपोषित बच्चों की पहचान करने एवं उनके इलाज की समुचित व्यवस्था करने के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही गर्भवती के बेहतर इलाज के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षक स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एनसी राम ने कहा कि बच्चों को अति कुपोषण व कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
आशा बहुओं की जिम्मेदारी है कि वे गांव-गांव जाकर अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों को चिन्हित करें। अति कुपोषित बच्चों को समुचित इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराएं, जबकि कुपोषित बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए उनके पुष्टाहार की मात्रा को बढ़ा दें। जब तक ऐसा नहीं किया जाएगा, तब तक जिले को कुपोषण मुक्त नहीं किया जा सकता।
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प्रशिक्षक शाहिद कमर व अमरजीत ने कहा कि गर्भवती की पहचान कर उनका निकटवर्ती सरकारी अस्पताल में पंजीकरण कराएं। उन्हें अस्पताल से मिलने वाली योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी दें। सुरक्षित प्रसव के लिए उनके भोजन पर भी विशेष ध्यान दें। समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच कराएं। यदि खून की कमी हो, तो उन्हें आवश्यकतानुसार आयरन की गोली दें।
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प्रशिक्षक स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एनसी राम ने कहा कि बच्चों को अति कुपोषण व कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ मिल सके, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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आशा बहुओं की जिम्मेदारी है कि वे गांव-गांव जाकर अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों को चिन्हित करें। अति कुपोषित बच्चों को समुचित इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराएं, जबकि कुपोषित बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए उनके पुष्टाहार की मात्रा को बढ़ा दें। जब तक ऐसा नहीं किया जाएगा, तब तक जिले को कुपोषण मुक्त नहीं किया जा सकता।
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प्रशिक्षक शाहिद कमर व अमरजीत ने कहा कि गर्भवती की पहचान कर उनका निकटवर्ती सरकारी अस्पताल में पंजीकरण कराएं। उन्हें अस्पताल से मिलने वाली योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी दें। सुरक्षित प्रसव के लिए उनके भोजन पर भी विशेष ध्यान दें। समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच कराएं। यदि खून की कमी हो, तो उन्हें आवश्यकतानुसार आयरन की गोली दें।