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औंधे मुंह गिरा स्कूल चला अभियान, घट गई छात्रों की संख्या
Updated Mon, 06 Aug 2018 12:18 AM IST
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अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शासन द्वारा चलाया गया स्कूल चलो अभियान परवान नहीं चढ़ पाया है। जिले के स्कूलों में बीते साल के मुकाबले इस बार 6 हजार छात्र कम दर्ज हुए हैं। अब इसकी भरपाई के लिए विभाग एक बार फिर से डोर टू डोर अभियान चलाने की तैयारी में है।
परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की सुविधा के अलावा नि शुल्क शिक्षा, नि शुल्क पुस्तक, बैग, ड्रेस व जूता मोजा आदि सब कुछ दिया जा रहा है। इसके बावजूद अभिभावक परिषदीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो गत शिक्षा सत्र के सापेक्ष मौजूदा शिक्षा सत्र में छात्र छात्राओं की संख्या प्राथमिक विद्यालय में 6 हजार 28 घट गई है। बीते शिक्षा सत्र में जहां जिले के 1353 प्राथमिक विद्यालयों में 1 लाख 33 हजार 554 बच्चे पंजीकृत थे, वहीं इस सत्र में प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 3 अगस्त 1 लाख 27 हजार 526 ही पहुंच सकी है। इसके उलट उच्च प्राथमिक विद्यालय कुछ ज्यादा बच्चों का प्रवेश कराने में सफल रहा है। बीते सत्र में जहां जिले के 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 41 हजार 415 थी, वहीं इस शिक्षा सत्र में 634 बच्चों को अधिक नामांकन हुआ है। अब तक 42 हजार 49 बच्चों ने अपना पंजीयन कराया है।
शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर दिया जाए जोर
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के कटरिया सम्मनपुर निवासी रामकेवल वर्मा का कहना है कि सरकार को निशुल्क योजनाओं का लाभ देने के साथ ही शिक्षा गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर देना चाहिए। निजी विद्यालयों के पैटर्न पर प्रतिमाह बच्चों को विषयवार टेस्ट लेेना चाहिए। उसकी प्रगति रिपोर्ट से अभिभावकों को भी अवगत कराना चाहिए। अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास करते हुए समय समय पर विद्यालय में पहुंचकर शिक्षकों से आवश्यक जानकारी करनी चाहिए। अधिवक्ता शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि बच्चों के साथ-साथ समय समय पर शिक्षकों की कार्यप्रणाली का फीडबैक लेने की जरूरत है। अधिकारियों को बच्चों के साथ समय देना चाहिए और उनसे विद्यालय की गतिविधियों के बारे में जानकारी करनी चाहिए।
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डोर टू डोर चलेगा अभियान
छात्रों के पंजीयन का कार्य चल रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गत वर्ष के सापेक्ष अधिक पंजीयन हुआ है। प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या घटी है। उसे बढ़ाने के लिए जल्द ही डोर टू डोर अभियान चलेगा। प्रतिदिन पंजीयन के लिए बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। आने वाले दिनों इसमें काफी सुधार होने की उम्मीद है। - अतुल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की सुविधा के अलावा नि शुल्क शिक्षा, नि शुल्क पुस्तक, बैग, ड्रेस व जूता मोजा आदि सब कुछ दिया जा रहा है। इसके बावजूद अभिभावक परिषदीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो गत शिक्षा सत्र के सापेक्ष मौजूदा शिक्षा सत्र में छात्र छात्राओं की संख्या प्राथमिक विद्यालय में 6 हजार 28 घट गई है। बीते शिक्षा सत्र में जहां जिले के 1353 प्राथमिक विद्यालयों में 1 लाख 33 हजार 554 बच्चे पंजीकृत थे, वहीं इस सत्र में प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 3 अगस्त 1 लाख 27 हजार 526 ही पहुंच सकी है। इसके उलट उच्च प्राथमिक विद्यालय कुछ ज्यादा बच्चों का प्रवेश कराने में सफल रहा है। बीते सत्र में जहां जिले के 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या 41 हजार 415 थी, वहीं इस शिक्षा सत्र में 634 बच्चों को अधिक नामांकन हुआ है। अब तक 42 हजार 49 बच्चों ने अपना पंजीयन कराया है।
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शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर दिया जाए जोर
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के कटरिया सम्मनपुर निवासी रामकेवल वर्मा का कहना है कि सरकार को निशुल्क योजनाओं का लाभ देने के साथ ही शिक्षा गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर देना चाहिए। निजी विद्यालयों के पैटर्न पर प्रतिमाह बच्चों को विषयवार टेस्ट लेेना चाहिए। उसकी प्रगति रिपोर्ट से अभिभावकों को भी अवगत कराना चाहिए। अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास करते हुए समय समय पर विद्यालय में पहुंचकर शिक्षकों से आवश्यक जानकारी करनी चाहिए। अधिवक्ता शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि बच्चों के साथ-साथ समय समय पर शिक्षकों की कार्यप्रणाली का फीडबैक लेने की जरूरत है। अधिकारियों को बच्चों के साथ समय देना चाहिए और उनसे विद्यालय की गतिविधियों के बारे में जानकारी करनी चाहिए।
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डोर टू डोर चलेगा अभियान
छात्रों के पंजीयन का कार्य चल रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गत वर्ष के सापेक्ष अधिक पंजीयन हुआ है। प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या घटी है। उसे बढ़ाने के लिए जल्द ही डोर टू डोर अभियान चलेगा। प्रतिदिन पंजीयन के लिए बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। आने वाले दिनों इसमें काफी सुधार होने की उम्मीद है। - अतुल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी