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उतार चढ़ाव के बीच 92.750 मीटर पर स्थिर हुआ सरयू नदी का जलस्तर
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:00 PM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में कमी व वृद्धि के दौर के बीच मंगलवार को दोपहर जलस्तर 92.750 मीटर पर स्थिर हो गया। खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर से ऊपर जलस्तर होने से निकटवर्ती क्षेत्रों के छह गांवों के लोगों में हड़कंप मचा है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है, तो उन्हें मुश्किलें उठानी पड़ सकती हैं।
उधर, प्रशासन ने न सिर्फ सभी नौ बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है, बल्कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया है।
तीन दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे टांडा तहसील अंतर्गत माझा क्षेत्र के माझा उलटहवा, माझा छज्जापुर, करमपुर बरसावां, माझा आसोपुर, माझा मुबारकपुर, माझा कश्मीरिया समेत लगभग एक दर्जन के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी।
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सबसे अधिक चिंता माझा उलटहवा के ग्रामीणों के समक्ष उत्पन्न हुई। दरअसल यह गांव तीन तरफ से सरयू नदी से घिरा हुआ है। जलस्तर पर बढ़ने पर एकमात्र रास्ता जलमग्र हो जाता है, इससे ग्रामीणों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट जाता है। इस बीच लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच सोमवार शाम छह बजे जब जलस्तर 92.750 मीटर पर स्थिर हुआ, तो माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
इसके बाद जलस्तर में कमी होने लगी। मंगलवार को सुबह छह बजे जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर पर नापा गया। उम्मीद बंधी कि अब जलस्तर में कमी आएगी, लेकिन इसके बाद वृद्धि होने लगी।
दोपहर 12 बजे जलस्तर 92.750 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर से लोगों में हड़कंप मच गया है। हालांकि इसके बाद जलस्तर स्थिर हो गया। उधर, जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। एसडीएम टांडा पंकज सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर पर अपनी पैनी निगाह जमाए हुए है।
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उधर, प्रशासन ने न सिर्फ सभी नौ बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है, बल्कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया है।
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तीन दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे टांडा तहसील अंतर्गत माझा क्षेत्र के माझा उलटहवा, माझा छज्जापुर, करमपुर बरसावां, माझा आसोपुर, माझा मुबारकपुर, माझा कश्मीरिया समेत लगभग एक दर्जन के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी।
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सबसे अधिक चिंता माझा उलटहवा के ग्रामीणों के समक्ष उत्पन्न हुई। दरअसल यह गांव तीन तरफ से सरयू नदी से घिरा हुआ है। जलस्तर पर बढ़ने पर एकमात्र रास्ता जलमग्र हो जाता है, इससे ग्रामीणों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट जाता है। इस बीच लगातार बढ़ रहे जलस्तर के बीच सोमवार शाम छह बजे जब जलस्तर 92.750 मीटर पर स्थिर हुआ, तो माझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
इसके बाद जलस्तर में कमी होने लगी। मंगलवार को सुबह छह बजे जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर पर नापा गया। उम्मीद बंधी कि अब जलस्तर में कमी आएगी, लेकिन इसके बाद वृद्धि होने लगी।
दोपहर 12 बजे जलस्तर 92.750 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर से लोगों में हड़कंप मच गया है। हालांकि इसके बाद जलस्तर स्थिर हो गया। उधर, जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। एसडीएम टांडा पंकज सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर पर अपनी पैनी निगाह जमाए हुए है।