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खतरे के निशान से दो सेमी ऊपर स्थिर बना सरयू नदी का जलस्तर

Mon, 30 Jul 2018 11:32 PM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:32 PM IST
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खतरे के निशान से दो सेमी ऊपर स्थिर बना सरयू नदी का जलस्तर
टांडा/केदारनगर (अंबेडकरनगर)। खतरे के लाल निशान से 9 सेमीं ऊपर पहुंचने के बाद सरयू नदी के जल स्तर में कमी दर्ज हुई है। नदी का पानी हालांकि अभी भी खतरे के लाल निशान से दो सेमीं ऊपर है। राहत की खबर यह है कि सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक नदी का जल स्तर स्थिर बना था। इससे माझा क्षेत्र में रह रहे लोगों ने भी सुकून महसूस किया है। जिला प्रशासन ने इस बीच बाढ़ से निपटने की तैयारियों की सोमवार को एक बार फिर से समीक्षा की। राशन वितरण से लेकर नाव, गोताखोर तथा बाढ़ चौकियों आदि के मामले में विस्तार से समीक्षा हुई। एसडीएम टांडा व सीओ ने फिर से ग्रामीण क्षेत्रों का जायजा लेकर ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि समय रहते उन्हें सभी जरूरी मदद मिलेगी।
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पिछले कुछ दिनों से सरयू नदी के जल स्तर में हो रही वृद्धि के बाद नदी का पानी शनिवार आधी रात के बाद खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर को पार कर गया था। रविवार रात 8 बजे तक नदी का पानी खतरे के निशान से 9 सेमी ऊपर पहुंच गया। इसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया था। टांडा व आलापुर तहसील को मिलाकर नदी के किनारे बसे 15 गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई थी। डीएम सुरेश कुमार के निर्देश पर अधिकारियों ने नजदीकी गांव का जायजा भी लिया था। इस बीच नदी का पानी रविवार देररात से घटना शुरु हो गया। सोमवार सुबह 6 बजे नदी का पानी खतरे के निशान से महज दो सेमी ऊपर 92.75 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया। उम्मीद थी कि दोपहर तक जल स्तर इसी पर बना रहेगा। इसके बाद एक बार फिर से जल स्तर में वृद्घि की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शाम 6 बजे जल स्तर मापा गया तो वह तब भी स्थिर बना हुआ था। इससे माझा उल्टहवा के अलावा सरयू नदी के किनारे रहने वाले गांवों के वाशिंदों ने भी खासा सुकून महसूस किया।
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इस बीच सोमवार को एसडीएम टांडा पंकज सिंह व सीओ वीके श्रीवास्तव ने माझा उल्टहवा गांव का जायजा लिया। यहां 11 पुरवे में कुल 515 परिवार रहते पाए गए। भ्रमण में पाया गया कि सभी परिवारों ने अपने घर ऊंचाई पर बना लिए हैं। एसडीएम ने बताया कि अभी माझा उल्टहवा में स्थिति सामान्य है। दरअसल यह गांव नदी की दो धाराओं के बीच में बसा है। उधर जिला मुख्यालय पर डीएम सुरेश कुमार ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठककर बाढ़ से निपटने की तैयारियों की एक बार फिर से समीक्षा की। डीएम के निर्देश पर एडीएम गिरिजेश त्यागी ने बैठक से ही अलग अलग फोन कर यह सुनिश्चित किया कि बाढ़ प्रभावितों के लिए पर्याप्त राशन मौजूद है। यह भी तय हुआ कि बाढ़ से प्रभावित होकर चौकियों पर लाए जाने के बाद उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं शासन के निर्देशों के अनुरूप मुहैया करायी जाएंगी।
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