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सरयू नदी के जलस्तर में दर्ज हुई 8 सेमी की वृद्धि
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:16 PM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को जलस्तर जहां 92.500मीटर पर था, वहीं शनिवार शाम चार बजे तक बढ़कर 92.580 मीटर हो गया। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से काफी नीचे है।
गौरतलब है कि पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश व नेपाल द्वारा सरयू नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से शुक्रवार सुबह से ही सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी थी। शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 92.500 मीटर नापा गया। जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से निकटवर्ती गावों करमपुर बरसावां, माझा नैपुरा, माझा उलटहवा, माझा मुबारकपुर समेत माझा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। उन्हें उम्मीद थी कि शनिवार तक शायद जलस्तर स्थिर या फिर कम हो जए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शनिवार शाम चार बजे तक जलस्तर बढ़कर 92.580 मीटर हो गया, जो शुक्रवार के सापेक्ष 8 सेमी अधिक था। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो शीघ्र ही बाढ़ का पानी खेतों व गांव के अंदर पहुंच जाएगा। सबसे अधिक चिंता माझा उलटहवा के ग्रामीणों की बढ़ गई है। दरअसल यह गांव तीन तरफ से सरयू के पानी से घिरा हुआ है। क्षेत्र के अन्य क्षेत्रों से जुड़ने का मात्र एक ही रास्ता है। जलस्तर बढने से वह रास्ता भी जलमग्न हो जाता है, जिससे गांव के लोगों का अन्य क्षेत्र से संपर्क टूट जाता है। उधर एसडीएम पंकज सिंह ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
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गौरतलब है कि पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश व नेपाल द्वारा सरयू नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से शुक्रवार सुबह से ही सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी थी। शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 92.500 मीटर नापा गया। जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से निकटवर्ती गावों करमपुर बरसावां, माझा नैपुरा, माझा उलटहवा, माझा मुबारकपुर समेत माझा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। उन्हें उम्मीद थी कि शनिवार तक शायद जलस्तर स्थिर या फिर कम हो जए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शनिवार शाम चार बजे तक जलस्तर बढ़कर 92.580 मीटर हो गया, जो शुक्रवार के सापेक्ष 8 सेमी अधिक था। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो शीघ्र ही बाढ़ का पानी खेतों व गांव के अंदर पहुंच जाएगा। सबसे अधिक चिंता माझा उलटहवा के ग्रामीणों की बढ़ गई है। दरअसल यह गांव तीन तरफ से सरयू के पानी से घिरा हुआ है। क्षेत्र के अन्य क्षेत्रों से जुड़ने का मात्र एक ही रास्ता है। जलस्तर बढने से वह रास्ता भी जलमग्न हो जाता है, जिससे गांव के लोगों का अन्य क्षेत्र से संपर्क टूट जाता है। उधर एसडीएम पंकज सिंह ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
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