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किछौछा में ढहा गैर लाइसेंसी दो मंजिला गेस्ट हाउस
Updated Thu, 26 Jul 2018 11:04 PM IST
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बसखारी (अंबेडकरनगर)। विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह क्षेत्र में जायरीन के ठहरने को बना अवैध (गैर लाइसेंसी) दो मंजिला गेस्ट हाउस बृहस्पतिवार को भरभराकर ढह गया। अचानक हुए हादसे से आसपास इलाके में हड़कंप मच गया। गेस्ट हाउस के ऊपरी मंजिल में सात जायरीन फंस गए। वहां मौजूद भीड़ ने कड़ी मशक्कत कर सातों जायरीन को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अफसर मौके पर पहुंचकर घटना स्थल जायजा लिया। मलबे में गेस्ट हाउस में ठहरे जायरीन का सामन दब गया। मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। संयोग था कि अत्यंत जर्जर हो चुके इस गेस्ट हाउस में ठहरे 38 जायरीन हादसे के वक्त जियारत करने चले गए थे जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। डीएम व एसपी ने आपसी मंत्रणा के बाद अवैध गेस्ट हाउस के मालिक पर केस दर्ज करने की बात कही है। पुलिस ने आरोपी मालिक को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के मुताबिक, किछौछा दरगाह करीब 700 मीटर दूर स्थित मखदूनगर मोहल्ला में दो मंजिला जर्जर गेस्ट हाउस में अलग-अलग जनपदों व प्रांतों से आए 45 जायरीन ठहरे थे। इसमें 38 जायरीन सुबह जियारत करने दरगाह चले गए। सात जायरीन गेस्ट हाउस में मौजूद थे। बृहस्पतिवार अपराह्न डेढ़ बजे अचानक दो मंजिला जर्जर गेस्ट हाउस का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। अचानक हुए इस हादसे से आसपास इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग भी एकत्र हो गए। कई जायरीन के मलबे में दबने की खबर तेजी से फैल गई। सूचना पर जिलाधिकारी सुरेश कुमार व एसपी संतोष कुमार मिश्र भी भारी तादाद में पुलिस बल के साथ कुछ देर में ही किछौछा पहुंच गए। एसओ बसखारी मनबोध तिवारी ने पुलिसकर्मियों के साथ मलबा हटवाना शुरू कर दिया। नगर पंचायत कर्मियों, निजी मजदूरों व स्थानीय लोगों की मदद से पुलिसकर्मी भी राहत एवं बचाव कार्य में तेजी से जुट गए। तभी गेस्ट हाउस के एक हिस्से के ऊपरी मंजिल से जायरीन के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। भवन के एक हिस्से में सात जायरीन फंसे थे। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों की मदद से फंसे सातों जायरीन को बाहर निकाला। संयोग था कि गेस्ट हाउस के गिरने वाले हिस्से में ठहरे 38 जायरीन जियारत करने के लिए किछौछा दरगाह गए थे जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस प्रशासन की टीम ने यह सुनिश्चित करना तेजी से शुरू किया कि कोई जायरीन तो मलबे या फिर भवन में नहीं फंसा है। घंटों की मशक्कत के बाद कोई जायरीन हताहत नहीं मिला, तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसी बीच डीएम से मंत्रणा के बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस ने भवन मालिक गुलाम रब्बानी उर्फ गुड्डू कबाड़ी को हिरासत में कर लिया। पुलिस ने आरोपी भवन मालिक के विरुद्ध केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी।
दिन की वजह से टला बड़ा हादसा
दिन में दो मंजिला अवैध गेस्ट हाउस के ढहने से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों मुताबिक, यही घटना यदि रात के समय या फिर सुबह व शाम को हुई होती, तो कई जान जा सकती थी। दरअसल दो मंजिला इस भवन में रह रहे ज्यादातर जायरीन घटना के समय भवन में मौजूद नहीं थे। प्रति कमरा 50 रुपये प्रतिदिन की दर से यहां रह रहे लोगों को एक छोटा सा कमरा मिला था। इसमें एक पंखे की ही सुविधा मिली थी।
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नगर पंचायत पर भी उठे सवाल
अत्यंत जर्जर हो चुके भवन के ढहने के मामले में भवन मालिक के साथ-साथ नगर पंचायत प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्षों पहले बना यह भवन अत्यंत जर्जर हो चुका था। कई जगह मिट्टी से भी जुड़ाई पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भवन निर्माण में मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया था। इसके चलते ही यह भवन तेजी से जर्जर हो रहा था। दो दिन पहले भवन के एक हिस्से ईंट गिरने की घटना सामने आई थी। इसके बाद भी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। भवन मालिक द्वारा जर्जर भवन को लेकर बरती गई इस लापरवाही के साथ ही नगर पंचायत प्रशासन का ध्यान भी ऐसे भवन की तरफ क्यों नहीं गया, यह एक बड़ा सवाल बोना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अधिकारियों व कर्मचारियों ने यदि ऐसे भवनों को लेकर गंभीरता दिखाई होती, तो यह हादसा भी टाला जा सकता था।
घटना स्थल पर जेसीबी पहुंचे में हुई कठिनाई
घटना के बाद मशीनों को संबंधित भवन तक पहुंचने में खासी कठिनाई हुई। मौके पर पहुंची नगर पंचायत किछौछा की जेसीबी मशीन को मलबे तक पहुंचने के लिए पीछे से होकर जाना था, क्योंकि आगे से कोई रास्ता नहीं था। भवन के पिछले हिस्से में स्थित तालाब में पानी भरा था। मशीन आगे बढ़ते ही फंस जा रही थी। बड़ी तादाद में जुटे लोगों ने तालाब में ईंट पत्थर डालना शुरू किया। इसके बाद ही मशीन आगे बढ़ पाई। इसी बीच वहां अकबरपुर, टांडा व जलालपुर नगर पालिका से पहुंची जेसीबी भी पहुंच मार्ग बनने के इंतजार में काफी देर तक खड़ी रही।
खाली करा लिए गए आसपास के भवन
हादसे को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के तीन भवनों को भी खाली करा लिया, जिसमें जायरीन ठहरे थे। मौके पर मौजूद डीएम व एसपी ने मलबा हटवाने के दौरान ही आसपास के भवनों का भी जायजा लिया। दोनों अधिकारी काफी देर तक घरों के अंदर से लेकर छतों तक गए। निकट के तमाम घरों की छतों पर मौजूद तमाशबीनों को पुलिस बल की मदद से तत्काल नीचे उतरवाया गया, जिससे और कोई अनहोनी न होने पाए। भीड़ बढ़ती देख माइक के माध्यम से लोगों से लगातार अपील की गई कि वे आसपास के भवनों की छतों या बालकनी से तत्काल हट जाएं। पुलिस ने कुछ देर में आसपास के घरों की छत व बालकनी पर मौजूद लोगों को उतारा। बाद में तीन घर में मौजूद 105 जायरीन को बाहर निकाल लिया गया। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
कड़ी कार्रवाई से रुकेंगे ऐसे मामले
किछौछा क्षेत्र में भवन ढहने की जो घटना हुई है, उसमें भवन मालिक को हिरासत में ले लिया गया है। इस कठोर निर्णय से जिले में कहीं भी इस तरह की लापरवाही को रोका जा सकेगा। पुलिस व प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे को हटवाना था। इस प्रक्रिया के दौरान ही यह भी तय किया गया कि भवन मालिक फरार न होने पाए। भवन के ऊपरी हिस्से में रह सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। - संतोष कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक
भवनों की होगी संयुक्त जांच
किछौछा में जायरीन की बड़ी तादाद को देखते हुए राजस्व, पुलिस, नगर पंचायत व लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम से किछौछा में स्थित ऐसे सभी भवनों की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। टीम द्वारा ऐसे भवनों की जांच की जाएगी, जहां जायरीन रहते आ रहे हैं। रिपोर्ट आते ही उसके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। - सुरेश कुमार, जिलाधिकारी
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पुलिस के मुताबिक, किछौछा दरगाह करीब 700 मीटर दूर स्थित मखदूनगर मोहल्ला में दो मंजिला जर्जर गेस्ट हाउस में अलग-अलग जनपदों व प्रांतों से आए 45 जायरीन ठहरे थे। इसमें 38 जायरीन सुबह जियारत करने दरगाह चले गए। सात जायरीन गेस्ट हाउस में मौजूद थे। बृहस्पतिवार अपराह्न डेढ़ बजे अचानक दो मंजिला जर्जर गेस्ट हाउस का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। अचानक हुए इस हादसे से आसपास इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग भी एकत्र हो गए। कई जायरीन के मलबे में दबने की खबर तेजी से फैल गई। सूचना पर जिलाधिकारी सुरेश कुमार व एसपी संतोष कुमार मिश्र भी भारी तादाद में पुलिस बल के साथ कुछ देर में ही किछौछा पहुंच गए। एसओ बसखारी मनबोध तिवारी ने पुलिसकर्मियों के साथ मलबा हटवाना शुरू कर दिया। नगर पंचायत कर्मियों, निजी मजदूरों व स्थानीय लोगों की मदद से पुलिसकर्मी भी राहत एवं बचाव कार्य में तेजी से जुट गए। तभी गेस्ट हाउस के एक हिस्से के ऊपरी मंजिल से जायरीन के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। भवन के एक हिस्से में सात जायरीन फंसे थे। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों की मदद से फंसे सातों जायरीन को बाहर निकाला। संयोग था कि गेस्ट हाउस के गिरने वाले हिस्से में ठहरे 38 जायरीन जियारत करने के लिए किछौछा दरगाह गए थे जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस प्रशासन की टीम ने यह सुनिश्चित करना तेजी से शुरू किया कि कोई जायरीन तो मलबे या फिर भवन में नहीं फंसा है। घंटों की मशक्कत के बाद कोई जायरीन हताहत नहीं मिला, तब प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसी बीच डीएम से मंत्रणा के बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस ने भवन मालिक गुलाम रब्बानी उर्फ गुड्डू कबाड़ी को हिरासत में कर लिया। पुलिस ने आरोपी भवन मालिक के विरुद्ध केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी।
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दिन की वजह से टला बड़ा हादसा
दिन में दो मंजिला अवैध गेस्ट हाउस के ढहने से एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों मुताबिक, यही घटना यदि रात के समय या फिर सुबह व शाम को हुई होती, तो कई जान जा सकती थी। दरअसल दो मंजिला इस भवन में रह रहे ज्यादातर जायरीन घटना के समय भवन में मौजूद नहीं थे। प्रति कमरा 50 रुपये प्रतिदिन की दर से यहां रह रहे लोगों को एक छोटा सा कमरा मिला था। इसमें एक पंखे की ही सुविधा मिली थी।
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नगर पंचायत पर भी उठे सवाल
अत्यंत जर्जर हो चुके भवन के ढहने के मामले में भवन मालिक के साथ-साथ नगर पंचायत प्रशासन पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्षों पहले बना यह भवन अत्यंत जर्जर हो चुका था। कई जगह मिट्टी से भी जुड़ाई पाई गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भवन निर्माण में मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया था। इसके चलते ही यह भवन तेजी से जर्जर हो रहा था। दो दिन पहले भवन के एक हिस्से ईंट गिरने की घटना सामने आई थी। इसके बाद भी इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। भवन मालिक द्वारा जर्जर भवन को लेकर बरती गई इस लापरवाही के साथ ही नगर पंचायत प्रशासन का ध्यान भी ऐसे भवन की तरफ क्यों नहीं गया, यह एक बड़ा सवाल बोना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत अधिकारियों व कर्मचारियों ने यदि ऐसे भवनों को लेकर गंभीरता दिखाई होती, तो यह हादसा भी टाला जा सकता था।
घटना स्थल पर जेसीबी पहुंचे में हुई कठिनाई
घटना के बाद मशीनों को संबंधित भवन तक पहुंचने में खासी कठिनाई हुई। मौके पर पहुंची नगर पंचायत किछौछा की जेसीबी मशीन को मलबे तक पहुंचने के लिए पीछे से होकर जाना था, क्योंकि आगे से कोई रास्ता नहीं था। भवन के पिछले हिस्से में स्थित तालाब में पानी भरा था। मशीन आगे बढ़ते ही फंस जा रही थी। बड़ी तादाद में जुटे लोगों ने तालाब में ईंट पत्थर डालना शुरू किया। इसके बाद ही मशीन आगे बढ़ पाई। इसी बीच वहां अकबरपुर, टांडा व जलालपुर नगर पालिका से पहुंची जेसीबी भी पहुंच मार्ग बनने के इंतजार में काफी देर तक खड़ी रही।
खाली करा लिए गए आसपास के भवन
हादसे को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के तीन भवनों को भी खाली करा लिया, जिसमें जायरीन ठहरे थे। मौके पर मौजूद डीएम व एसपी ने मलबा हटवाने के दौरान ही आसपास के भवनों का भी जायजा लिया। दोनों अधिकारी काफी देर तक घरों के अंदर से लेकर छतों तक गए। निकट के तमाम घरों की छतों पर मौजूद तमाशबीनों को पुलिस बल की मदद से तत्काल नीचे उतरवाया गया, जिससे और कोई अनहोनी न होने पाए। भीड़ बढ़ती देख माइक के माध्यम से लोगों से लगातार अपील की गई कि वे आसपास के भवनों की छतों या बालकनी से तत्काल हट जाएं। पुलिस ने कुछ देर में आसपास के घरों की छत व बालकनी पर मौजूद लोगों को उतारा। बाद में तीन घर में मौजूद 105 जायरीन को बाहर निकाल लिया गया। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
कड़ी कार्रवाई से रुकेंगे ऐसे मामले
किछौछा क्षेत्र में भवन ढहने की जो घटना हुई है, उसमें भवन मालिक को हिरासत में ले लिया गया है। इस कठोर निर्णय से जिले में कहीं भी इस तरह की लापरवाही को रोका जा सकेगा। पुलिस व प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे को हटवाना था। इस प्रक्रिया के दौरान ही यह भी तय किया गया कि भवन मालिक फरार न होने पाए। भवन के ऊपरी हिस्से में रह सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। - संतोष कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक
भवनों की होगी संयुक्त जांच
किछौछा में जायरीन की बड़ी तादाद को देखते हुए राजस्व, पुलिस, नगर पंचायत व लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम से किछौछा में स्थित ऐसे सभी भवनों की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। टीम द्वारा ऐसे भवनों की जांच की जाएगी, जहां जायरीन रहते आ रहे हैं। रिपोर्ट आते ही उसके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। - सुरेश कुमार, जिलाधिकारी