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लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष व मंत्री समेत 11 लेखपाल निलंबित
Updated Mon, 16 Jul 2018 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने लंबे समय से विभिन्न मागों को लेकर हड़ताल पर डटे 11 लेखपालों को निलंबित कर दिया। इसमें जिलाध्यक्ष, मंत्री व तहसील अध्यक्ष शामिल हैं। इसके अलावा 171 प्रशिक्षु लेखपालों को काम पर न लौटने पर सेवा समाप्त करने का नोटिस भी जारी किया गया। उधर लेखपालों ने कहा कि वे किसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। यदि सभी लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई कर दी जाए, लेकिन वे अपनी मांग के निस्तारण तक कदम पीछे नहीं हटाएंगे।
गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर लेखपाल कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। लंबी खिंचती हड़ताल के चलते आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र निर्गत होने के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के राजस्व कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल के चलते आम लोगों को हो रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं को देखते हुए गत दिवस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए लेखपालों से तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि शीघ्र हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश के कुछ जनपदों में लेखपालों पर कार्रवाई भी शुरू हो गई।
इसी क्रम में सोमवार को जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे, जिला मंत्री रामशेष वर्मा, तहसील अध्यक्ष अमजद अली के अलावा जयदेव पांडेय, सुभाष कुमार, मोहम्मद सलीम, राजेश वर्मा, रामसिंधार, रामकेवल, ओमनरायन मौर्य, घनश्याम वर्मा को निलंबित कर दिया। निलंबित लेखपालों में तहसील इकाइयों के अध्यक्ष व मंत्री शामिल हैं। लेखपालों को निलंबन का नोटिस एडीएम गिरिजेश त्यागी ने जारी किया। साथ ही 171 प्रशिक्षु लेखपालों को काम पर वापस न आने की दशा में सेवा समाप्त करने की नोटिस जारी किया। एडीएम ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही लेखपाल ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे, तो और भी बड़ा कदम उठाया जाएगा। उधर लेखपालों ने कहा कि वे किसी भी कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वान पर लेखपाल कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। लंबी खिंचती हड़ताल के चलते आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र निर्गत होने के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के राजस्व कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल के चलते आम लोगों को हो रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं को देखते हुए गत दिवस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए लेखपालों से तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि शीघ्र हड़ताल समाप्त नहीं हुई, तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश के कुछ जनपदों में लेखपालों पर कार्रवाई भी शुरू हो गई।
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इसी क्रम में सोमवार को जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे, जिला मंत्री रामशेष वर्मा, तहसील अध्यक्ष अमजद अली के अलावा जयदेव पांडेय, सुभाष कुमार, मोहम्मद सलीम, राजेश वर्मा, रामसिंधार, रामकेवल, ओमनरायन मौर्य, घनश्याम वर्मा को निलंबित कर दिया। निलंबित लेखपालों में तहसील इकाइयों के अध्यक्ष व मंत्री शामिल हैं। लेखपालों को निलंबन का नोटिस एडीएम गिरिजेश त्यागी ने जारी किया। साथ ही 171 प्रशिक्षु लेखपालों को काम पर वापस न आने की दशा में सेवा समाप्त करने की नोटिस जारी किया। एडीएम ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही लेखपाल ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे, तो और भी बड़ा कदम उठाया जाएगा। उधर लेखपालों ने कहा कि वे किसी भी कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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