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संपति विवाद में कट्टे से गोली मारकर बड़े भाई की हत्या
Updated Sat, 14 Jul 2018 10:48 PM IST
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टांडा /सुलेमपुर (अंबेडकरनगर)। टांडा कोतवाली अंतर्गत अजमेरी बादशाहपुर गांव में शनिवार सुबह एक युवक ने भूमि विवाद में सगे बड़े भाई को गोली मार दी। इससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जब तक घरवाले व ग्रामीण मौके पर पहुंचते, तब तक युवक भाग खड़ा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी गुरुचरन के तीन पुत्र जयप्रकाश, ज्ञानप्रकाश व विजयप्रकाश थे। बताया जाता है कि लगभग आठ वर्ष पूर्व मझला पुत्र ज्ञानप्रकाश पत्नी के साथ संतकबीरनगर में रहने लगा। छोटा भाई विजयप्रकाश सेना में है, जबकि सबसे बड़ा भाई जयप्रकाश गांव में रहकर खेती किसानी में अपने पिता का हाथ बंटाता है। बताया जाता है कि एक दिन पहले ज्ञानप्रकाश गांव पहुंचा और खेत व मकान में अपनी हिस्सेदारी मांगने लगा। इस पर पिता गुरुचरन ने खेत को तीन भागों में बांट दिया। ज्ञानप्रकाश का आरोप था कि बंटवारा मनमाने ढंग से किया गया। इसके बाद शनिवार सुबह एक खेत में पहुंचकर खरपतवार जलाने के लिए दवा का छिड़काव कर रहा था। इसी बीच जयप्रकाश वहां पहुंचा और उसे खेत से जाने के लिए कहने लगा। दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। इर्दगिर्द के खेतों में कार्य कर रहे ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
इस पर जयप्रकाश घर वापस आया। यहां वह घर के सामने चारपाई पर बैठा हुआ था। इसी बीच आरोप के मुताबिक ज्ञानप्रकाश वहां पहुंचा और कट्टे से उसे गोली मार दी। गोली सीधे सीने पर लगी। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर घरवालों के साथ-साथ ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक ज्ञान वहां से भाग खड़ा हुआ। सूचना पर कोतवाली प्रभारी रामलखन पटेल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घरवालों व ग्रामीणों से पूछताछ कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कोतवाल ने बताया कि पिता गुरुचरन की तहरीर पर ज्ञानप्रकाश के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। इस बीच घटना को देखते हुए अलीगंज, हंसवर व इब्राहिमपुर की पुलिस भी गांव पहुंच गई। बाद में सीओ टांडा वीके श्रीवास्तव ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। परिवारीजनों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। साथ ही टांडा कोतवाली पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिशा-निर्देश दिया। गुरुचरन के अनुसार जयप्रकाश का लगभग 8 वर्ष पूर्व विवाह हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई। इसके बाद वह अकेला ही साथ में रहता था।
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जानकारी के अनुसार गांव निवासी गुरुचरन के तीन पुत्र जयप्रकाश, ज्ञानप्रकाश व विजयप्रकाश थे। बताया जाता है कि लगभग आठ वर्ष पूर्व मझला पुत्र ज्ञानप्रकाश पत्नी के साथ संतकबीरनगर में रहने लगा। छोटा भाई विजयप्रकाश सेना में है, जबकि सबसे बड़ा भाई जयप्रकाश गांव में रहकर खेती किसानी में अपने पिता का हाथ बंटाता है। बताया जाता है कि एक दिन पहले ज्ञानप्रकाश गांव पहुंचा और खेत व मकान में अपनी हिस्सेदारी मांगने लगा। इस पर पिता गुरुचरन ने खेत को तीन भागों में बांट दिया। ज्ञानप्रकाश का आरोप था कि बंटवारा मनमाने ढंग से किया गया। इसके बाद शनिवार सुबह एक खेत में पहुंचकर खरपतवार जलाने के लिए दवा का छिड़काव कर रहा था। इसी बीच जयप्रकाश वहां पहुंचा और उसे खेत से जाने के लिए कहने लगा। दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। इर्दगिर्द के खेतों में कार्य कर रहे ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
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इस पर जयप्रकाश घर वापस आया। यहां वह घर के सामने चारपाई पर बैठा हुआ था। इसी बीच आरोप के मुताबिक ज्ञानप्रकाश वहां पहुंचा और कट्टे से उसे गोली मार दी। गोली सीधे सीने पर लगी। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर घरवालों के साथ-साथ ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक ज्ञान वहां से भाग खड़ा हुआ। सूचना पर कोतवाली प्रभारी रामलखन पटेल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घरवालों व ग्रामीणों से पूछताछ कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कोतवाल ने बताया कि पिता गुरुचरन की तहरीर पर ज्ञानप्रकाश के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। इस बीच घटना को देखते हुए अलीगंज, हंसवर व इब्राहिमपुर की पुलिस भी गांव पहुंच गई। बाद में सीओ टांडा वीके श्रीवास्तव ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। परिवारीजनों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। साथ ही टांडा कोतवाली पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिशा-निर्देश दिया। गुरुचरन के अनुसार जयप्रकाश का लगभग 8 वर्ष पूर्व विवाह हुआ था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई। इसके बाद वह अकेला ही साथ में रहता था।