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सरयू नदी में बढ़ा जलस्तर, निकटवर्ती गांव के लोगों की बढ़ी चिंता
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:05 AM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने व नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने से सरयू नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो गई। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर से 92 सेमी नीचे है। जलस्तर में वृद्धि होने से निकटवर्ती के गावों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। उधर बाढ़ से निपटने को लेकर प्रशासन ने भी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जानकारी के अनुसार नेपाल से पानी छोड़े जाने से सरयू नदी का जलस्तर बुधवार रात्रि अचानक बढ़ गया। इससे निकटवर्ती गांव माझा उलटहवा, माझा कला, माझा करमपुर बरसावां, माझा ऐनवां, केवटला, पलटूपीर आदि गावों के लोगों की चिंता बढ़ गई। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो शीघ्र ही जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर से ऊपर पहुंच जाएगा, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना होगा। हालांकि गुरुवार शाम तक जलस्तर खतरे के निशान से 92 सेमी नीचे दर्ज किया गया। उधर बाढ़ से निपटने को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूर्ण कर लीं। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने कहा कि अभी ग्रामीणों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर निगाह जमाए हुए है। बताया कि नौ बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। क्षेत्र में लेखपालों व स्वास्थ्य कर्मियों का ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 11 नावों की बुकिंग की जा चुकी है।
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जानकारी के अनुसार नेपाल से पानी छोड़े जाने से सरयू नदी का जलस्तर बुधवार रात्रि अचानक बढ़ गया। इससे निकटवर्ती गांव माझा उलटहवा, माझा कला, माझा करमपुर बरसावां, माझा ऐनवां, केवटला, पलटूपीर आदि गावों के लोगों की चिंता बढ़ गई। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो शीघ्र ही जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.730 मीटर से ऊपर पहुंच जाएगा, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना होगा। हालांकि गुरुवार शाम तक जलस्तर खतरे के निशान से 92 सेमी नीचे दर्ज किया गया। उधर बाढ़ से निपटने को लेकर प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूर्ण कर लीं। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने कहा कि अभी ग्रामीणों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर निगाह जमाए हुए है। बताया कि नौ बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। क्षेत्र में लेखपालों व स्वास्थ्य कर्मियों का ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 11 नावों की बुकिंग की जा चुकी है।
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