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फर्ज अदायगी से आगे नहीं बढ़ पायी किसानों की आय बढ़ाने वाली पाठशाला
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:16 PM IST
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अंबेडकरनगर। किसानों की आय बढ़ाने व कृषि संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित होने वाली किसान पाठशाला जिले में महज औपचारिकता बनकर रह गई। खरीफ फसलों की आय दोगुनी करने के लिए शासन ने प्रत्येक न्याय पंचायत के दो-दो ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला के आयोजन करने तथा प्रत्येक पाठशाला में सौ-सौ किसानों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। शासन के निर्देशानुसार जिले में दो चरणों में पाठशाला का आयोजन कृषि विभाग ने कागज पर तो पूरा कर लिया, लेकिन हकीकत इससे परे है। प्रचार प्रसार के अभाव में पाठशाला में किसानों की उपस्थिति नगण्य रही।
खरीफ फसल से पहले किसानों की आय दोगुनी करने के लिए शासन ने प्रत्येक न्याय पंचायत की दो ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन करने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी निर्देशित किया था कि प्रत्येक पाठशाला में कम से कम 100 किसानों का होना आवश्यक है। पाठशाला के दौरान किसानों को एकीकृत फसल प्रबंधन, पशुशाला, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, टिकाऊ खेती, फसल चक्र, गर्मी के समय खेत की जुताई, हरी खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट खाद के महत्व के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि बानकी, कृषि औद्योगिकीकरण, सब्जी उत्पादन, विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना, खरीफ फसलों में पोषकतत्व एवं प्रबंधन योजना, कृषि यंत्र एवं कृषि रक्षा योजना, सिंचाई एवं जल पबंधन योजना के बारे में भी जानकारी दिए जाने का निर्देश शासनस्तर से कृषि विभाग को दिया गया।
शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग ने किसान पाठशाला का प्रभावी आयोजन किए जाने का दावा तो किया है, लेकिन हकीकत कोसो दूर है। विभाग के अनुसार दो चरणों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। पहला 21, 22 व 23, जबकि दूसरा चरण 25, 26 व 27 जून को चला। प्रतिदिन एक न्याय पंचायत के दो ग्राम पंचायत में दो शिफ्टों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को आय बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
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किसानों के बीच दिखी मिली-जुली प्रतिक्रिया
बरधाभिउरा के दिलीप कुमार ने कहा कि गत दिवस किसान पाठशाला का आयोजन हुआ था। नई-नई जानकारी मिलने की उम्मीद में गए थे, लेकिन महज औपचारिकता ही निभाई गई। अकबरपुर के रामकेश ने कहा कि किसान पाठशाला में जो जानकारी मिली आने वाले समय में इसका व्यापक लाभ उन्हें मिलेगा। भगवानपट्टी के भगवती प्रसाद दुबे ने कहा कि किसान पाठशाला का आयोजन कब हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिली। नरसिंहदासपुर व रामपुर नोनसिला के किसानों ने कहा कि किसान पाठशाला के नाम पर सिर्फ फर्ज अदायगी की गई। टांडा के मधवापुर, महरीपुर में किसान पाठशाला में बमुश्किल 20 किसान ही पहुंच पाए। चांदपुर के रामतीरथ ने कहा कि किसान पाठशाला को लेकर कोई प्रचार प्रसार ही जिले में नहीं किया गया। इसके चलते ही बड़ी तादाद में किसान समुचित लाभ उठा पाने से वंचित रह गए।
हजारों किसानों को मिला लाभ
शासन के निर्देशानुसार जिले में दो चरणों में किसान पाठशाला का आयोजन हुआ। कुल 222 जगहों पर पाठशाला लगायी गई थी। इसमें शासन के निर्देशानुसार 22 हजार 200 किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। प्रत्येक न्याय पंचायत की दो ग्राम पंचायतों में दो शिफ्टों में आयोजित हुई पाठशाला में किसानों को आय दोगुना करने के बारे में बिंदुवार जानकारी दी गई। -रामदत्त बागला, उपकृषि निदेशक
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खरीफ फसल से पहले किसानों की आय दोगुनी करने के लिए शासन ने प्रत्येक न्याय पंचायत की दो ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन करने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी निर्देशित किया था कि प्रत्येक पाठशाला में कम से कम 100 किसानों का होना आवश्यक है। पाठशाला के दौरान किसानों को एकीकृत फसल प्रबंधन, पशुशाला, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन, टिकाऊ खेती, फसल चक्र, गर्मी के समय खेत की जुताई, हरी खाद, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट खाद के महत्व के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि बानकी, कृषि औद्योगिकीकरण, सब्जी उत्पादन, विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना, खरीफ फसलों में पोषकतत्व एवं प्रबंधन योजना, कृषि यंत्र एवं कृषि रक्षा योजना, सिंचाई एवं जल पबंधन योजना के बारे में भी जानकारी दिए जाने का निर्देश शासनस्तर से कृषि विभाग को दिया गया।
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शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग ने किसान पाठशाला का प्रभावी आयोजन किए जाने का दावा तो किया है, लेकिन हकीकत कोसो दूर है। विभाग के अनुसार दो चरणों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। पहला 21, 22 व 23, जबकि दूसरा चरण 25, 26 व 27 जून को चला। प्रतिदिन एक न्याय पंचायत के दो ग्राम पंचायत में दो शिफ्टों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को आय बढ़ाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
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किसानों के बीच दिखी मिली-जुली प्रतिक्रिया
बरधाभिउरा के दिलीप कुमार ने कहा कि गत दिवस किसान पाठशाला का आयोजन हुआ था। नई-नई जानकारी मिलने की उम्मीद में गए थे, लेकिन महज औपचारिकता ही निभाई गई। अकबरपुर के रामकेश ने कहा कि किसान पाठशाला में जो जानकारी मिली आने वाले समय में इसका व्यापक लाभ उन्हें मिलेगा। भगवानपट्टी के भगवती प्रसाद दुबे ने कहा कि किसान पाठशाला का आयोजन कब हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिली। नरसिंहदासपुर व रामपुर नोनसिला के किसानों ने कहा कि किसान पाठशाला के नाम पर सिर्फ फर्ज अदायगी की गई। टांडा के मधवापुर, महरीपुर में किसान पाठशाला में बमुश्किल 20 किसान ही पहुंच पाए। चांदपुर के रामतीरथ ने कहा कि किसान पाठशाला को लेकर कोई प्रचार प्रसार ही जिले में नहीं किया गया। इसके चलते ही बड़ी तादाद में किसान समुचित लाभ उठा पाने से वंचित रह गए।
हजारों किसानों को मिला लाभ
शासन के निर्देशानुसार जिले में दो चरणों में किसान पाठशाला का आयोजन हुआ। कुल 222 जगहों पर पाठशाला लगायी गई थी। इसमें शासन के निर्देशानुसार 22 हजार 200 किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। प्रत्येक न्याय पंचायत की दो ग्राम पंचायतों में दो शिफ्टों में आयोजित हुई पाठशाला में किसानों को आय दोगुना करने के बारे में बिंदुवार जानकारी दी गई। -रामदत्त बागला, उपकृषि निदेशक