फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   युवती व उसके दोस्त की हत्या के दूसरे दिन दोनों गावों में पसरा रहा सन्नाटा

युवती व उसके दोस्त की हत्या के दूसरे दिन दोनों गावों में पसरा रहा सन्नाटा

Fri, 15 Jun 2018 10:48 PM IST
Updated Fri, 15 Jun 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
युवती व उसके दोस्त की हत्या के दूसरे दिन दोनों गावों में पसरा रहा सन्नाटा
आलापुर (अंबेडकरनगर)। आलापुर थाना अंतर्गत हथिनाराज के मजरा जंगला गांव में युवती व उसके मित्र की हत्या के दूसरे दिन दोनों के गांवों में सन्नाटा फैला रहा। हालांकि, पुलिस 36 घंटे बाद भी फरार आरोपी बेटों को नहीं पकड़ सकी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस की मानें तो एक ही घाट पर दोनों शवों के अंतिम संस्कार की वजह से गांवों में तनाव रहा। पुलिस की निगरानी में अलग-अलग समय पर दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मृतका वंदना के गांव में ज्यादातर घर बंद ही रहे। आवश्यक कार्य से ही लोग अपने अपने घरों से बाहर निकले। वंदना के घर में गुरुवार शाम से ही ताला लगातार परिवार के अन्य सदस्य फरार हो गए। हत्याकांड के संबंध में ग्रामीण कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। दो तीन बार पुलिस तहकीकात के लिए गांव पहुंची, लेकिन उन्हें देखते ही ग्रामीण घरों में चले गए। इसके उलट मृतक शशिकांत के गांव सरावां में उसके घर से पूरे दिन रोने पीटने की आवाजें गूंजती रहीं। रिश्तेदार व ग्रामीणों उसके घर पहुंचकर सांत्वना देने का सिलसिला लगभग पूरे दिन चलता रहा। हत्याकांड के बाद शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने दोनों गांव का जायजा लिया, तो कुछ इस प्रकार का दृश्य दिखा...
विज्ञापन


सीन एक
स्थान-जंगला हथिनाराज गांव
मृतका वंदना के गांव स्थित घर में गुरुवार शाम से ही ताला लटका रहा। दरअसल मृतका के पिता जैसराज हत्या मामले में जेल गया, तो आरोपी उसके दोनों भाई घटना के बाद ही फरार हो गए। परिवार के अन्य सदस्य भी पुलिस की कार्रवाई के भय से घर में ताला बंद कर भाग खड़े हुए। शुक्रवार को घटना के दूसरे दिन गांव में पूरी तरह सन्नाटा रहा। दिन में दो तीन बार पुलिसकर्मी तहकीकात के लिए गांव पहुंचे, लेकिन कोई भी ग्रामीण कुछ भी जानकारी देने को तैयार नहीं हुआ। ज्यादातर घरों के दरवाजे बंद ही रहे। मैदान व बाग में खेलने के लिए बच्चे भी ज्यादातर घरों में ही कैद रहे। पोस्टमार्टम के बाद मृतका के पार्थिव शरीर को उसके चाचा ओमप्रकाश की देखरेख में पुलिस की मौजूदगी में चहोड़ाघाट पर दफन कर दिया गया।
विज्ञापन


सीन दो
स्थान-सरावां
मृतक शशिकांत के घर से शुक्रवार को भी पूरे दिन परिवारीजनों के रोने-पीटने की आवाजें गूंजतीं रहीं। शुक्रवार सुबह शव का नम आंखों के बीच पुलिस की मौजूदगी में चहोड़ाघाट पर दाहसंस्कार कर दिया गया। शव को मुखाग्नि उसके पिता कमलेश ने दी। पूरे दिन रिश्तेदार व ग्रामीणों के उसके घर पहुंचने व सांत्वना देने का सिलसिला जारी रहा। मां सीतादेवी का रो रोकर बुरा हाल था। वह बार बार बेहोश हुई जा रही थी। जवान बेटे को खोने का गम पिता कमलेश के चेहरे से साफ झलक रहा था। खुद को संभालने के साथ ही वह परिवारीजनों को भी संभालने का प्रयास कर रहे थे। दोपहर एक बार पुलिसकर्मियों ने गांव पहुंचकर परिवारीजनों से कुछ आवश्यक जानकारियां प्राप्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed