{"_id":"59f766294f1c1b71548b9dba","slug":"150938585414-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत के बाद जांच के लिए रविवार रात पहुंचे डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकायत के बाद जांच के लिए रविवार रात पहुंचे डीएम
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
3.35 करोड़ के विकास कार्यों में मनमानी की जांच के निर्देश
टांडा। नगर पालिका परिषद टांडा में तीन करोड़ 35 लाख रुपये के ठेके में मनमानी की शिकायतों को लेकर डीएम अखिलेश सिंह ने जांच शुरू कर दी है। रविवार देर शाम उन्होंने टार्च की रोशनी में प्रस्तावित निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया।
डीएम रविवार देर शाम नगर पालिका पहुंचे। जहां एसडीएम नरेंद्र सिंह व कर निरीक्षक मौजूद मिले। छुट्टी के कारण डीएम कोई पत्रावली तो नहीं देख सके। मगर उन्होंने कपूर गैस की गली से अलीबाग तक लगभग 22 लाख रुपये से प्रस्तावित निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। डीएम के आगमन की जानकारी मिलते ही अवर अभियंता आरसी गुप्त भी पहुंच गए। डीएम ने दो निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर मामले का जांच कराने का निर्देश दिया। अब देखना ये है कि इस जांच में भ्रष्टाचार की कलई खुलती है या फिर पिछली जांचों की तरह ये जांच भी ठंडे बस्ते में चली जाएगी। बताते चलें कि, नगर निकाय चुनाव से पहले पालिका प्रशासन ने 14वें वित्त के तीन करोड़ 35 लाख रुपये से 16 कार्यों का टेंडर करा दिया। कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत कर कहा कि, पालिका बोर्ड भंग होने के बाद गलत तरीके से इतनी बड़ी धनराशि से विकास कार्य कराने के टेंडर सिर्फ बंदरबांट के लिए दिए गए हैं।
विज्ञापन
टांडा। नगर पालिका परिषद टांडा में तीन करोड़ 35 लाख रुपये के ठेके में मनमानी की शिकायतों को लेकर डीएम अखिलेश सिंह ने जांच शुरू कर दी है। रविवार देर शाम उन्होंने टार्च की रोशनी में प्रस्तावित निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया।
डीएम रविवार देर शाम नगर पालिका पहुंचे। जहां एसडीएम नरेंद्र सिंह व कर निरीक्षक मौजूद मिले। छुट्टी के कारण डीएम कोई पत्रावली तो नहीं देख सके। मगर उन्होंने कपूर गैस की गली से अलीबाग तक लगभग 22 लाख रुपये से प्रस्तावित निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। डीएम के आगमन की जानकारी मिलते ही अवर अभियंता आरसी गुप्त भी पहुंच गए। डीएम ने दो निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर मामले का जांच कराने का निर्देश दिया। अब देखना ये है कि इस जांच में भ्रष्टाचार की कलई खुलती है या फिर पिछली जांचों की तरह ये जांच भी ठंडे बस्ते में चली जाएगी। बताते चलें कि, नगर निकाय चुनाव से पहले पालिका प्रशासन ने 14वें वित्त के तीन करोड़ 35 लाख रुपये से 16 कार्यों का टेंडर करा दिया। कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत कर कहा कि, पालिका बोर्ड भंग होने के बाद गलत तरीके से इतनी बड़ी धनराशि से विकास कार्य कराने के टेंडर सिर्फ बंदरबांट के लिए दिए गए हैं।
विज्ञापन