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महिला जिपं सदस्य ने दी सदन के भीतर आत्मदाह की चेतावनी
Updated Sun, 29 Oct 2017 12:19 AM IST
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महिला जिपं सदस्य ने दी सदन के भीतर आत्मदाह की चेतावनी
- कमीशनखोरी के चलते विकास कार्यों का प्रस्ताव शामिल न किए जाने का आरोप
- जिला पंचायत प्रशासन पर लगाए कई गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई हंगामेदार बैठक में जिला पंचायत सदस्य निर्मला यादव ने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर उपेक्षा का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि जल्द ही काम शुरू न हुआ तो अगली बैठक में वे सदन के भीतर ही आत्मदाह कर लेंगी। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत में विकास कार्यों को लेकर व्यापक अनदेखी हो रही है। अध्यक्ष से कई बार कहा गया, लेकिन तब भी अनदेखी जारी है। निर्मला ने कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि 10 प्रतिशत कमीशन लेकर विभिन्न क्षेत्रों में काम दिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि जिला पंचायत सभागार में पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को आयोजित थी। जिपं अध्यक्ष मिंटू सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुुई बैठक में जिला विकास अधिकारी मथुरा प्रसाद मिश्र, अपर मुख्य अधिकारी अजय यादव आदि मौजूद थे। इसी बीच भियांव क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निर्मला यादव ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि जिला पंचायत प्रशासन का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। निर्मला ने कहा कि उन्हें एजेंडा देकर बैठक में बुलाया जाता है। वे अपने क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए बैठक में आती हैं। कई विकास कार्यों का प्रस्ताव भी उनके द्वारा दिया गया है, लेकिन उसे कार्ययोजना में शामिल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बैठक में आने का औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि उनके प्रस्ताव को यदि कार्य योजना में शामिल नहीं करना है तो अगली बैठक का एजेंडा उन्हें न भेजा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्हें एजेंडा देकर बुलाया गया, और तब तक कार्य को योजना में शामिल नहीं किया गया तो वे सदन के अंदर ही मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्मदाह कर लेंगी।
जिपं सदस्य की इस चेतावनी के बाद सदन में सन्नाटा पसर गया। कई जिपं सदस्य ने उनका आक्रोश शांत कराया। निर्मला ने कहा कि कई क्षेत्रों में कई कई गुना अधिक काम हो रहे हैं, लेकिन उनके क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 10 प्रतिशत कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इसके नाते काम नहीं दिया जा रहा तो उनके क्षेत्र में विकास कराया जाए, वे अपनी तरफ से ऐसे लोगों को 10 प्रतिशत से अधिक पैसा दे देंगी। आक्रोशित होते हुए कहा कि उनके अगल बगल के क्षेत्र में करोड़ों के काम सिर्फ कमीशनखोरी के चलते कराए जा रहे हैं, जबकि उनके प्रस्ताव को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बीच जिपं सदस्य साधू वर्मा ने प्रभारी मंत्री द्वारा जिपंस सदस्यों को 10-10 हैंडपंप लगवाने का अधिकार दिए जाने का वादा पूरा न होने का मुद्दा खड़ा किया। साधू ने मांग किया कि शादी अनुदान व पेंशन व्यवस्था को फिर से व्यापक पैमाने पर लागू किया जाए। जिपं अध्यक्ष मिण्टू ने कहा कि ऐसा नहीं होने पाएगा। वे इसे दिखवाएंगे।
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- कमीशनखोरी के चलते विकास कार्यों का प्रस्ताव शामिल न किए जाने का आरोप
- जिला पंचायत प्रशासन पर लगाए कई गंभीर आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई हंगामेदार बैठक में जिला पंचायत सदस्य निर्मला यादव ने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर उपेक्षा का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि जल्द ही काम शुरू न हुआ तो अगली बैठक में वे सदन के भीतर ही आत्मदाह कर लेंगी। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत में विकास कार्यों को लेकर व्यापक अनदेखी हो रही है। अध्यक्ष से कई बार कहा गया, लेकिन तब भी अनदेखी जारी है। निर्मला ने कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि 10 प्रतिशत कमीशन लेकर विभिन्न क्षेत्रों में काम दिए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि जिला पंचायत सभागार में पंचायत बोर्ड की बैठक शनिवार को आयोजित थी। जिपं अध्यक्ष मिंटू सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुुई बैठक में जिला विकास अधिकारी मथुरा प्रसाद मिश्र, अपर मुख्य अधिकारी अजय यादव आदि मौजूद थे। इसी बीच भियांव क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निर्मला यादव ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि जिला पंचायत प्रशासन का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। निर्मला ने कहा कि उन्हें एजेंडा देकर बैठक में बुलाया जाता है। वे अपने क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए बैठक में आती हैं। कई विकास कार्यों का प्रस्ताव भी उनके द्वारा दिया गया है, लेकिन उसे कार्ययोजना में शामिल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बैठक में आने का औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि उनके प्रस्ताव को यदि कार्य योजना में शामिल नहीं करना है तो अगली बैठक का एजेंडा उन्हें न भेजा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्हें एजेंडा देकर बुलाया गया, और तब तक कार्य को योजना में शामिल नहीं किया गया तो वे सदन के अंदर ही मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्मदाह कर लेंगी।
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जिपं सदस्य की इस चेतावनी के बाद सदन में सन्नाटा पसर गया। कई जिपं सदस्य ने उनका आक्रोश शांत कराया। निर्मला ने कहा कि कई क्षेत्रों में कई कई गुना अधिक काम हो रहे हैं, लेकिन उनके क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 10 प्रतिशत कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इसके नाते काम नहीं दिया जा रहा तो उनके क्षेत्र में विकास कराया जाए, वे अपनी तरफ से ऐसे लोगों को 10 प्रतिशत से अधिक पैसा दे देंगी। आक्रोशित होते हुए कहा कि उनके अगल बगल के क्षेत्र में करोड़ों के काम सिर्फ कमीशनखोरी के चलते कराए जा रहे हैं, जबकि उनके प्रस्ताव को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बीच जिपं सदस्य साधू वर्मा ने प्रभारी मंत्री द्वारा जिपंस सदस्यों को 10-10 हैंडपंप लगवाने का अधिकार दिए जाने का वादा पूरा न होने का मुद्दा खड़ा किया। साधू ने मांग किया कि शादी अनुदान व पेंशन व्यवस्था को फिर से व्यापक पैमाने पर लागू किया जाए। जिपं अध्यक्ष मिण्टू ने कहा कि ऐसा नहीं होने पाएगा। वे इसे दिखवाएंगे।
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