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Ambedkar Nagar News: दुष्कर्म व वीडियो वायरल के दोषी को 10 साल की सजा

Thu, 15 Oct 2026 10:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2026 10:53 PM IST
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10-year sentence for man convicted of rape and circulating a video
अंबेडकरनगर। हंसवर इलाके में एक महिला का अश्लील वीडियो वायरल करने और चार साल तक दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित प्रथम) परविंद कुमार की अदालत ने हंसवर निवासी शाकिब को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2018 में पीड़िता के पति की दोस्ती गांव के शाकिब से हुई थी। शाकिब पीड़िता के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने उनके घर आने लगा। इसी दौरान उसने पीड़िता का स्नान करते समय चोरी से वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। आरोप था कि वर्ष 2018 से 2022 तक वह वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसका शोषण करता रहा। पीड़िता ने जब बच्चों का ट्यूशन बंद कराया तो आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। जुलाई 2024 में शाकिब ने पीड़िता का अश्लील वीडियो व्हाट्सएप के जरिये उसके रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दिया। इसके बाद पीड़िता ने हंसवर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 25 जुलाई 2024 को दुष्कर्म, जबरन वसूली और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। विवेचक निरीक्षक संजय कुमार पांडेय ने जांच के बाद छह अगस्त 2024 को आरोपपत्र दाखिल किया।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। इनमें पीड़िता, उसके पति, चिकित्सक, विवेचक और हेड कांस्टेबल शामिल थे। बचाव पक्ष ने ट्यूशन फीस के विवाद में झूठा फंसाने का तर्क दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो पीड़िता ने स्वयं वायरल किया था। अदालत ने पीड़िता और उसके पति के बयानों को विश्वसनीय माना।
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न्यायालय ने आरोपी शाकिब को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कुल अर्थदंड की 50 फीसदी राशि, यानी 60 हजार रुपये, पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया। जबरन वसूली का पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर शाकिब को इस धारा में दोषमुक्त कर दिया गया।
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