झूंसी में युवक की नृशंस हत्या, पत्नी गिरफ्तार
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पुलिस के मुताबिक महिला का भांजे से था संबंध, विरोध करने पर की गई हत्या
झूंसी। थाना क्षेत्र के छतनाग गांव में मंगलवार की रात गैस एजेंसी में डिलेवरीमैन हंसराज निषाद की नृशंस हत्या कर दी गई। हत्या में हंसराज की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि हंसराज की पत्नी और उसके भांजे के बीच संबंध था। इसी का विरोध करने पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। भांजे का एक साथी भी हत्याकांड में उसके साथ था। दोनों की तलाश में दबिश दी जा रही है। हंसराज की नृशंस हत्या की गई। उसकी न सिर्फ आंख फोड़ दी गई थी बल्कि उसके अंदरूनी अंगों में घातक प्रहार किया गया था।
नीबी भतकार गांव निवासी हंसराज निषाद (37) पुत्र यमुना प्रसाद निषाद शहर स्थित गैस सिलेंडर एजेंसी में डिलेवरी मैन था। हंसराज का साढ़ू अशर्फीलाल निषाद निवासी छतनाग गांव भी उसी गैस एजेंसी में डिलेवरीमैन था। हंसराज नीबी भतकार गांव से साढ़ू के छतनाग गांव स्थित घर रोज साइकिल से आता था। यहीं से दोनों साथ में शहर स्थित गैस एजेंसी जाते थे। रोज की तरह मंगलवार को भी हंसराज छतनाग गांव आया लेकिन यहां से अकेले काम पर गया। अशर्फी को परिवार के साथ यमुनापार रिश्तेदार के यहां शादी में परिवार समेत जाना था। घर पर अशर्फी का बेटा काजू निषाद मौजूद था।
देर शाम को जब हंसराज काम से लौटकर छतनाग स्थित साढ़ू के घर आया तो काजू और उसके एक साथी ने उसे दबोच लिया। काजू और उसके साथी ने हंसराज की गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान उसकी एक आंख भी फोड़ दी गई थी। उसके अंदरूनी अंगों में भी घातक प्रहार किया गया। इंसपेक्टर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि कत्ल करने के बाद काजू ने अपनी मौसी यानी हंसराज की पत्नी को फोन कर जानकारी दी तो वह साजिश के तहत रोते-बिलखते छतनाग गांव पहुंची। मौसी के कहने पर काजू और उसके साथी ने रात में ही हंसराज का शव उसके नीबी भतकार गांव स्थित घर पर पहुंचाया।
घर के सामने चारपाई पर उसका शव रख दिया गया था। परिवार वालों से कहा कि उसकी बीमारी से मौत हो गई। बुधवार तड़के हंसराज के शरीर परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के कई निशान और कई जगह से रिस रहा खून देखा तो पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने शक के आधार पर हंसराज की पत्नी को हिरासत में लिया। उसने पुलिस को कत्ल की पूरी कहानी बता दी। इंस्पेक्टर के मुताबिक हंसराज की पत्नी और उसके भांजे के बीच संबंध था। हंसराज को इसकी जानकारी हो गई थी। उसने पत्नी को मारा पीटा था। उसका मोबाइल छीन लिया था। इसी के बाद पत्नी और भांजे ने उसे रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया। हंसराज के बड़े भाई सालिक राम निषाद की तहरीर पर हंसराज की पत्नी , काजू और उसके साथी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। कत्ल के आरोपी काजू और उसके साथ ही तलाश में दबिश दी जा रही थी।
दो दिन पहले रची गई थी कत्ल की साजिश
झूंसी। पुलिस से पूछताछ में हंसराज की पत्नी ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले कत्ल की साजिश रची गई थी। दो दिन पहले काजू नीबी भतकार गांव में मौसी से मिलने गया था। वहीं पर तय हुआ था कि हंसराज का कत्ल मंगलवार को किया जाएगा। मंगलवार का दिन इसलिए चुना गया कि अशर्फीलाल परिवार के साथ किसी रिश्तेदार के यहां शादी में यमुनापार गया था। घर काजू और उसके साथी के अलावा कोई घर पर मौजूद नहीं था। तय हुआ था कि जब काजू हंसराज को मौत के घाट उतार देगा तो उसे फोन कर गांव बुलाएगा। ताकि बाद में यह कहा जा सके कि बीमारी के कारण अचानक हंसराज की मौत हो गई। इसी बीच हंसराज के परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान देखे तो पुलिस को सूचना दे दी। यहीं से कत्ल की पूरी कहानी परत दर परत खुलती चली गई।