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UP : यूपीपीएससी ने जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में बीएड की अनिवार्यता से छूट देने से किया इनकार
Mon, 06 Oct 2025 03:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 Oct 2025 03:37 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आयोग ने न्यायालय को बताया कि बीएड एक अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता है, इसलिए बिना बीएड वाले अभ्यर्थी पात्र नहीं माने जा सकते। आयोग ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि इस संबंध में दायर याचिका को खारिज किया जाए।
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यूपीपीएससी। UPPSC
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ( यूपीपीएससी ) ने जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में बीएड की अनिवार्यता से छूट देने से साफ इनकार कर दिया है। आयोग ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि वह केवल राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार ही भर्ती प्रक्रिया संचालित करता है और योग्यता में किसी प्रकार की छूट देने का अधिकार उसके पास नहीं है।
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25 सितंबर 2025 को हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने न्यायालय को बताया कि बीएड एक अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता है, इसलिए बिना बीएड वाले अभ्यर्थी पात्र नहीं माने जा सकते। आयोग ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि इस संबंध में दायर याचिका को खारिज किया जाए। उधर छात्रों की दलील है कि बीएड नियम अचानक लागू, लाखों छात्र हुए वंचित हो जाएंगे। याचिकाकर्ता छात्रों ने अदालत से अनुरोध किया है कि वर्ष 2025 की जीआईसी प्रवक्ता भर्ती में उन्हें अंतिम बार बिना बीएड शामिल होने की अनुमति दी जाए।
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उनका कहना है कि अब तक यह भर्ती केवल स्नातकोत्तर योग्यता पर आधारित होती थी, लेकिन इस बार नियमावली में अचानक संशोधन कर बीएड को अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि इतने कम समय में बीएड करने का अवसर न मिलने के कारण करीब दो से तीन लाख अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाए। साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि अगली भर्ती तक वे आयु सीमा पार कर जाएंगे, जिससे उनका प्रतियोगी जीवन समाप्त हो सकता है।
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दिल्ली की तर्ज़ पर उन्हें दें अंतिम अवसर
अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह दिल्ली की तर्ज़ पर उन्हें एक अंतिम अवसर दे। उनकी मांग है कि चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के बाद दो वर्षों की अवधि में बीएड पूर्ण करने की अनुमति दी जाए।