UP Board : परीक्षार्थियों को जून के पहले हफ्ते में मार्कशीट मिलने की उम्मीद, छपकर पहुंचने लगे हैं अंकपत्र
यूपी बोर्ड के स्कूलों में जून के पहले सप्ताह से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र सह प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय कार्यालयों में मार्कशीट छपकर पहुंचने लगी हैं।
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यूपी बोर्ड के स्कूलों में जून के पहले सप्ताह से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र सह प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू होने की उम्मीद है। क्षेत्रीय कार्यालयों में मार्कशीट छपकर पहुंचने लगी हैं। प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय में नौ जिलों की हाईस्कूल व 15 जिलों की इंटरमीडिएट की मार्कशीट पहुंचाई जा चुकी हैं।
मार्कशीट छपने के बाद सबसे पहले क्षेत्रीय कार्यालयों में पहुंचाई जा रही हैं। क्षेत्रीय कार्यालयों में बंडल तैयार करने के बाद प्रत्येक जिले में संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को अंकपत्र सह प्रमाणपत्र भेज दिए जाएंगे और इसके बाद डीआईओएस कार्यालय से संबंधित जिले के स्कूलों के छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए मार्कशीट भेज दी जाएंगी।
जून के पहले सप्ताह में स्कूलों तक मार्कशीट पहुंचा दिए जाने की उम्मीद है। यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज की अपर सचिव विभा मिश्रा ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय के तहत 23 जिलों में मार्कशीट वितरित की जानी हैं।
नौ जिलों की हाईस्कूल और 15 जिलों की इंटरमीडिएट की मार्कशीट क्षेत्रीय कार्यालय को मिल चुकी हैं। क्रॉस लिस्ट अभी नहीं मिली है। क्रॉस लिस्ट मिलते ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मार्कशीट एक साथ जिलों को भेज दी जाएंगी।
इस बार यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को दिए जाने वाले अंकपत्र सह प्रमाणपत्र खास होंगे। मार्कशीट न फटेगी और न ही गलेगी। अंकपत्र में लगे विशेष मोनोग्राम का रंग धूप में लाल हो जाएगा और छांव में इसका रंग बदल जाएगा। मार्कशीट में फ्लोरोसेंट लोगो और नंबरिंग केवल यूवी लाइट में दिखेगी, ताकि असली व नकली में आसानी से फर्क किया जा सके।
मार्कशीट ए-4 आकार में होगी।
अंकपत्र पर एक विशेष प्रकार की स्याही का इस्तेमाल किया गया है, ताकि चाय, कॉफी या कोई भी पेय पदार्थ, सब्जी आदि गिरने के बाद भी यह खराब न हो और कपड़े से पोछते ही यह साफ हो जाए। अंकपत्र पर लेमिनेशन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
मूल व रंगीन छायाप्रति में भी दिखेगा अंतर
अंकपत्र के नीचे पट्टी पर डिजाइन बनी है, लेकिन फोटोकॉपी कराने पर अंकपत्र की छायाप्रति में नीचे बनी पट्टी पर डिजाइन नजर नहीं आएगी और पट्टी पर जगह-जगह ‘कॉपी’ लिखा हुआ दिखने लगेगा। रंगीन छायाप्रति में भी यह अंतर स्पष्ट नजर आएगा।
प्रविष्टियों में बदलाव अब संभव नहीं
मार्कशीट में अंकित प्रविष्टियों में किसी भी प्रकार का बदलाव, जैसे शब्द या अंक को बदलना या ब्लेड अथवा दूसरी वस्तु से खुरचकर लिखना आदि संभव नहीं होगा। मार्कशीट पर माता-पिता का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा।