प्रयागराज : उमेश पाल निर्वाचित हुए थे जिला पंचायत सदस्य, क्या अतीक के गुर्गों ने किया था प्रचार
विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की राजनीति में गहरी रुचि थी। उनकी महात्वाकांक्षा बड़ा नेता बनने की थी। विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए पहले उन्होंने बसपा, फिर सपा और बाद में भाजपा ज्वाइन किया, हालांकि उन्हें किसी पार्टी से टिकट नहीं मिला।
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विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की राजनीति में गहरी रुचि थी। उनकी महात्वाकांक्षा बड़ा नेता बनने की थी। विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए पहले उन्होंने बसपा, फिर सपा और बाद में भाजपा ज्वाइन किया, हालांकि उन्हें किसी पार्टी से टिकट नहीं मिला। हालांकि 2008 में पंचायत के चुनाव में उन्होंने कौड़िहार वार्ड से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह विजयी हुए थे। इसके बाद उनकी मंशा विधायक बनने थी और उन्होंने बड़े नेताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया था।
अतीक के गुर्गों ने किया था प्रचार
सूत्रों की मानें तो उमेश पाल अपहरण कांड में माफिया अतीक की तरफ से 52 गवाह पेश किए गए। कई गवाहों ने कोर्ट के समक्ष अपनी गवाही में बताया कि उमेश पाल और अतीक अहमद में कोई दुश्मनी नहीं थी। दोनों एक दूसरे के साथ रहते थे और मदद करते थे। जिला पंचायत के चुनाव में जब उमेश पाल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे थे तब अतीक के कई गुर्गे दिन रात गांव-गांव में घूमकर उमेश पाल के पक्ष में मतदान करने के लिए मेहनत कर रहे थे। अतीक के लोगों ने उमेश पाल को चुनाव जिताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसका असर भी दिखा और उमेश पाल ने चुनाव में जीत दर्ज की।
फाफामऊ से सपा के थे प्रबल दावेदार
उमेश पाल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में फाफामऊ विधानसभा से सपा से टिकट के लिए काफी जोरआजमाइश की थी। उन्होंने सपा ज्वाइन किया था और क्षेत्र में प्रचार प्रसार कर रहे थे। अखिलेश यादव के साथ उनके कई पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। साथ ही वह सपा के कार्यक्रमों में शिरकत करने की फोटो भी फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते थे। विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे में अंत समय में सपा ने अंसार अहमद को फाफामऊ से टिकट दे दिया था। इसके बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
24 फरवरी को गोली मारकर की गई थी हत्या
उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी को सायं करीब पांच बजे उनके सुलेमसराय स्थित निवास के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपने ही अपहरण के केस में जिला न्यायालय से पैरवी करके वह अंगरक्षकों के साथ घर लौट रहे थे कि गाड़ी से उतरते ही उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया।
उमेश पाल 254 पाफामऊ विधानसभा के नाम से बनाया था पेज
उमेश पाल ने फेसबुक पर उमेश पाल 254 फाफामऊ विधानसभा के नाम से पेज बनाया था। सपा से किनारा करने के बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया था। इसके बाद भाजपा नेताओं के साथ अपने फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते थे। वह भाजपा के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा भी लेते थे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, सिद्धार्थनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के साथ तमाम फोटो उनके पेज पर देखे जा सकते हैं। साथ ही भाजपा के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का भी फोटो और वीडिया शेयर करते थे।