उमेश पाल हत्याकांड : गुड्डू मुस्लिम की तलाश में उड़ीसा के बरगढ़ में छापा, एसटीएफ ने उसके ड्राइवर को उठाया
उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस के लिए पहेली बने गुड्डू मुस्लिम ने नया ठिकाना उड़ीसा में बनाया है। उसकी लोकेशन मिलने पर एसटीएफ की एक टीम ने शुक्रवार को उड़ीसा के बरगढ़ जिले में छापा मारा।
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उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस के लिए पहेली बने गुड्डू मुस्लिम ने नया ठिकाना उड़ीसा में बनाया है। उसकी लोकेशन मिलने पर एसटीएफ की एक टीम ने शुक्रवार को उड़ीसा के बरगढ़ जिले में छापा मारा। इस दौरान गुड्डू तो हाथ नहीं आया लेकिन उस ड्राइवर के एक करीबी को हिरासत में ले लिया गया, जो उसे कार से लेकर वहां पहुंचा था। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।
गुड्डू मुस्लिम 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद से फरार है। उसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। फरारी के दौरान उसने झांसी में भी शरण ली, यह बात पिछले दिनों तब सामने आई थी जब असद और गुलाम का एनकाउंट हुआ था। एसटीएफ की टीम लगातार उसके पीछे लगी हुई है, लेकिन उसे पकड़ पाने में अब तक नाकाम ही रही है।
सूत्रों का कहना है कि इसी बीच एसटीएफ को इनपुट मिला कि गुड्डू मुस्लिम ने उड़ीसा पहुंचा है। जिसके बाद शुक्रवार को एसटीएफ की एक टीम उड़ीसा के बरगढ़ जिले में पहुंची। यहां पहुंचकर टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और फिर उसकी मदद से कई स्थानों पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम बरगढ़ के भाटली गांव में भी पहुंची और एक युवक को हिरासत में ले लिया।बताया जा रहा है कि यह युवक गुड्डू के ड्राइवर के संपर्क में था और इसकी मदद से ही गुड्डू ने बरगढ़ में शरण ली।
वेटर था पकड़ा गया युवक
उधर गुड्डू को लेकर पिछले दिनों उड़ी एक अफवाह के संबंध में भी अहम जानकारी मिली है। दरअसल हाल ही में यह खबर आई थी कि गुड्डू मुस्लिम को नासिक में गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन बाद में पता चला कि विशेष टीम की कार्रवाई में नासिक के होटल से एक वेटर को पकड़ा गया था।
मूल रूप से सुल्तानपुर का, चकिया में घर
गुड्डू मुस्लिम मूल रूप से सुल्तानपुर के गोसाईगंज इकटौली का रहने वाला है जिसका मकान खुल्दाबाद के चकिया में स्थित है। वह पांच साल का था जब गुड्डू की मां शाजिदा बेगम व पिता शफीक उसे सेना में तैनात उसके मामा के पास ले आए। इसके बाद वह शिवकुटी में लाला की सराय में रहने लगा। 1995 में वह लखनऊ चला गया और वहां एक शिक्षक की हत्या में उसका नाम आया। वह फैजाबाद के हिस्ट्रीशीटर सत्येंद्र सिंह से भी जुड़ा जिसकी 1996 में कुख्यात माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला ने हत्या कर दी थी। चर्चा इस बात की भी है कि इसके बाद गुड्डू ने श्रीप्रकाश पर बम से हमला करने की कोशिश की थी। राजू पाल हत्याकांड में सीबीआई उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।