Bird Festival : प्रयागराज में है कुछ अद्भुत पक्षियों का संगम, जल्द ही आयोजित होगी बर्ल्ड वॉक्स
डॉ. अर्पित बंसल ने कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक व स्थानीय लोग संगम पर एकत्रित होते है। साइबरियन गल्स को देखने के लिए। यह एक अद्भुत नजारा होता है। इसके अलावा प्रयागराज में अन्य प्रजाति के पक्षी जैसे कि इडियन स्कीमर्स की कालोनी भी गंगा नदी के किनारे देखी गई है।
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पक्षी प्रेमियों के लिए वन विभाग की ओर से माघ मेला अपर संगम मार्ग पर नेचर एवं बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जिसमे लेप्रोस्कोपी व कैंसर सर्जन व प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ व बर्ड फोटोग्राफर डॉ अर्पित बंसल ने युवाओं को बर्ड फोटोग्राफी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम डिविशनल फारेस्ट ऑफिसर महावीर कौजलगी के प्रयासों से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमे जीएसटी कमिश्नर विजय कुमार सिंह, मेजर चन्दन, मेजर मालवीय, मेलाधिकारी दयानन्द, एडीएम मेला विवेक चतुवेदी‚ चीफ कल्सर्वेटर ऑफ फारेस्ट व अन्य अधिकारीगण व शुआट्स’ इलाहाबाद विश्वविद्यालय व एनसीसी के छात्रों ने हिस्सा लिया।
डॉ. अर्पित बंसल ने कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक व स्थानीय लोग संगम पर एकत्रित होते है। साइबरियन गल्स को देखने के लिए। यह एक अद्भुत नजारा होता है। इसके अलावा प्रयागराज में अन्य प्रजाति के पक्षी जैसे कि इडियन स्कीमर्स की कालोनी भी गंगा नदी के किनारे देखी गई है। यह बहुत ही सुंदर पक्षी होता है। हमने सबसे पहले आर्कटिक माइग्रेटरी बर्ड रेड नेक्ड फेलारोप को भी प्रयागराज में स्पाट किया जो कि अपने आपमें ही बहुत ही अद्भुत व आश्चर्यजनक बात थी।
इसके अलावा पक्षी प्रेमी यहां पर ब्लैक बेली, टर्न बारबेट, पैराकीट वुडपेकर‚ किंगफिशर व आठ प्रजाति के उल्लू यहां पर देख सकते हैं। बर्डिंग एक बहुत ही अद्भुत शौक है क्योंकि यह आपको प्रकृति के पास ले जाता है। प्रकृति आपको धैर्य प्रेम व जीवन में असफलता से लड़ने के लिए कई गुण सिखाती है। प्रकृति व बर्ड वाचिंग से कई और युवा व छात्र भी जुडे़ इसके लिए हम लोग जल्द ही प्रयागराज में बर्ड वॉक्स भी आयोजित करेंगे।
बताया कि पक्षी प्रेमी विश्वविख्यात वेबसाइट ebird.org को भी नियमित रूप से भी देख सकते हैं। जिसमें मेरा भारत के टॉप 100 ई बल्डर्स में छठवां स्थान है। यह अपने आप में ही बड़ी उपलब्धि है। डॉ अर्पित बंसल ने बर्ड फोटोग्राफी के लिए किसी तरीके के उपकरणों की आवश्यकता होती है’ इस पर भी प्रकाश डाला। सभी वक्तागणों को वन विभाग के द्वारा सटफिकेट भी प्रदान किया गया।